मुश्किल काम मोदी नहीं करेगा तो कौन करेगा: पीएम मोदी

वाराणसी। दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को शहंशाहपुर में एक जनसभा का संबोधित करते हुए कहा कि उन्होने जो काम उठाया है वह मुश्किल है, लेकिन मुश्किल काम मोदी नहीं करेगा तो कौन करेगा। इस मौके पर नरेन्द्र मोदी अपने राजनीतिक विरोधियों से ज्यादा केन्द्र और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के कामों को गिनवाते नजर आए।

If Not Me Then Who Will Do Daunting Work Says Pm Modi :

अपने भाषण में पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए यूपी सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह लगातार यूपी की सरकार से जरूरतमंद लोगों की सूची बनाने की बात कह रहे थे। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि पिछली सरकार से उन्होंंने कहा था कि ऐसे लोगों की सूची बनाएं जिनके पास अपना घर नहीं है, लेकिन केन्द्र सरकार के तमाम दवाब के बाद यूपी की सरकार ने केवल 10 हजार लोगों के नाम दिए। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के आने के बाद इस दिशा में बड़ा काम किया गया है। योगी आदित्यनाथ ने 8 लाख लोगों को घर देने का वादा किया है। सरकार इन घरों का निर्माण करवाएगी जिससे हजारों हाथों को काम मिलेगा। 2022 तक हर आदमी को घर मिलेगा, यह काम थोड़ा मुश्किल है लेकिन मुश्किल काम मोदी नहीं करेगा तो और कौन करेगा।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने योगी सरकार द्वारा शुरू किए गए पशुधन आरोग्य मेला का जिक्र करते हुए कहा कि योगी सरकार के इस प्रयास के लिए वह हृदय से प्रशंसा करते हैं। पशुधन देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है। पशुधन से किसान को अतिरिक्त आय होती है और शहरों को दूध मिलता है। इस दिशा में यह मेला पशुपालकों के लिए फायदा पहुंचाने वाली योजना होगी।

शौचालय नहीं इज्जत घर

पीएम मोदी ने इसके अलावा शौचालय निर्माण में शामिल होने के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जहां शौचालय में ईंट लगाने का काम किया था, वहां शौचालय को इज्जत घर लिखा गया था। यह एक अच्छी पहल है, जो दूर तक जाएगी। हर घर में अपना शौचालय होना उस घर में रहने वालों के लिए इज्जत की बात है। शौचालय होना देश की महिलाओं के लिए इज्जत का विषय है। एक शौचालय बीमारियों के इलाज पर सालाना खर्च होने वाले 50 हजार रुपए बचा सकता है।

अपने भाषण में ​वाराणसी से देश भर को बिजली बचाने के लिए एलईडी बल्ब को प्रयोग करने का संदेश देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने एलईडी बल्ब को लेकर पहल की थी। इस पहल का प्रभाव यह हुआ है कि केवल वाराणसी में लगे एलईडी लट्टुओं से शहर की जनता का करीब सवा सौ करोड़ का सालाना बिजली बिल कम हुआ है। वाराणसी नगर निगम ने भी स्ट्रीट लाइट्स में एलईडी बल्बों का प्रयोग करके अपने बिजली बिल में 13 करोड़ सालाना की बचत की है। एलईडी बल्बों से बचने वाली 13 करोड़ की रकम अन्य कार्यों पर खर्च की जा सकती है।

जीएसटी के प्रभाव का​ जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी के लागू होने से कुछ शुरुआती दिक्कतें सामने आ रहीं हैं, लेकिन दूसरी ओर छोटे दुकानदार भी इस व्यवस्था से जुड़ रहे हैं। जीएसटी के आने से उन भ्रष्ट लोगों को परेशानी हो रही है जो ईमानदारों का धन खा रहे थे। जीएसटी को लेकर सरकार की नियत साफ है। अब केवल वही लोग कारोबार कर पाएंगे जो ईमानदार हैं। सरकार कालाधन पैदा करने वाले हर रास्ते को धीरे—धीरे बंद करने की कोशिश कर रही है।

वाराणसी। दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को शहंशाहपुर में एक जनसभा का संबोधित करते हुए कहा कि उन्होने जो काम उठाया है वह मुश्किल है, लेकिन मुश्किल काम मोदी नहीं करेगा तो कौन करेगा। इस मौके पर नरेन्द्र मोदी अपने राजनीतिक विरोधियों से ज्यादा केन्द्र और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के कामों को गिनवाते नजर आए। अपने भाषण में पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए यूपी सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह लगातार यूपी की सरकार से जरूरतमंद लोगों की सूची बनाने की बात कह रहे थे। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि पिछली सरकार से उन्होंंने कहा था कि ऐसे लोगों की सूची बनाएं जिनके पास अपना घर नहीं है, लेकिन केन्द्र सरकार के तमाम दवाब के बाद यूपी की सरकार ने केवल 10 हजार लोगों के नाम दिए। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के आने के बाद इस दिशा में बड़ा काम किया गया है। योगी आदित्यनाथ ने 8 लाख लोगों को घर देने का वादा किया है। सरकार इन घरों का निर्माण करवाएगी जिससे हजारों हाथों को काम मिलेगा। 2022 तक हर आदमी को घर मिलेगा, यह काम थोड़ा मुश्किल है लेकिन मुश्किल काम मोदी नहीं करेगा तो और कौन करेगा। इसके बाद प्रधानमंत्री ने योगी सरकार द्वारा शुरू किए गए पशुधन आरोग्य मेला का जिक्र करते हुए कहा कि योगी सरकार के इस प्रयास के लिए वह हृदय से प्रशंसा करते हैं। पशुधन देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है। पशुधन से किसान को अतिरिक्त आय होती है और शहरों को दूध मिलता है। इस दिशा में यह मेला पशुपालकों के लिए फायदा पहुंचाने वाली योजना होगी। [caption id="attachment_269286" align="aligncenter" width="640"] शौचालय नहीं इज्जत घर[/caption] पीएम मोदी ने इसके अलावा शौचालय निर्माण में शामिल होने के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जहां शौचालय में ईंट लगाने का काम किया था, वहां शौचालय को इज्जत घर लिखा गया था। यह एक अच्छी पहल है, जो दूर तक जाएगी। हर घर में अपना शौचालय होना उस घर में रहने वालों के लिए इज्जत की बात है। शौचालय होना देश की महिलाओं के लिए इज्जत का विषय है। एक शौचालय बीमारियों के इलाज पर सालाना खर्च होने वाले 50 हजार रुपए बचा सकता है। अपने भाषण में ​वाराणसी से देश भर को बिजली बचाने के लिए एलईडी बल्ब को प्रयोग करने का संदेश देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने एलईडी बल्ब को लेकर पहल की थी। इस पहल का प्रभाव यह हुआ है कि केवल वाराणसी में लगे एलईडी लट्टुओं से शहर की जनता का करीब सवा सौ करोड़ का सालाना बिजली बिल कम हुआ है। वाराणसी नगर निगम ने भी स्ट्रीट लाइट्स में एलईडी बल्बों का प्रयोग करके अपने बिजली बिल में 13 करोड़ सालाना की बचत की है। एलईडी बल्बों से बचने वाली 13 करोड़ की रकम अन्य कार्यों पर खर्च की जा सकती है। जीएसटी के प्रभाव का​ जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी के लागू होने से कुछ शुरुआती दिक्कतें सामने आ रहीं हैं, लेकिन दूसरी ओर छोटे दुकानदार भी इस व्यवस्था से जुड़ रहे हैं। जीएसटी के आने से उन भ्रष्ट लोगों को परेशानी हो रही है जो ईमानदारों का धन खा रहे थे। जीएसटी को लेकर सरकार की नियत साफ है। अब केवल वही लोग कारोबार कर पाएंगे जो ईमानदार हैं। सरकार कालाधन पैदा करने वाले हर रास्ते को धीरे—धीरे बंद करने की कोशिश कर रही है।