रोहिंग्या मुद्दे पर ओवैसी का मोदी सरकार पर निशाना, पूछा- यह कौन सा कानून

नई दिल्ली। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने रोहिंग्या मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। औवेसी ने शुक्रवार रोहिंग्या मामले को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब श्रीलंका, चीन, पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश के शरणार्थी भारत में रह सकते हैं, तो रोहिंग्‍या क्यों नहीं। यही नहीं औवेसी ने पीएम मोदी को मिस्‍टर मोदी कहकर संबोधित करते हुए कहा कि जब तस्‍लीमा आपकी बहन बन कर रह सकती है तो रोहिंग्‍या आपके भाई क्‍यों नहीं?

ओवैसी ने शुक्रवार को कहा कि दूसरे देशों के शरणार्थियों की तरह ही रोहिंग्या मुसलमानों को भी भारत में शरण देनी चाहिए। बता दें कि पिछले महीने ही गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि करीब 40 हजार से ज्यादा रोहिंग्या अवैध ढंग से भारत में रह रहे हैं। इनमें ज्यादातर लोग जम्मू, हैदराबाद, हारियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली एनसीआर और राजस्थान में रह रहे हैं। सरकार इन्हें वापस भेजना चहाती है।

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ओवैसी ने मशहूर बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि तसलीमा भारत में निर्वासित जिंदगी जी रही हैं। अगर तसलीमा पीएम मोदी की बहन हो सकती हैं तो रोहिंग्या मुसलमान भी भाई हो सकते हैं।

औवेसी ने पीएम मोदी को लेकर दिए अपने बयान में कहा कि हिंदुस्‍तान के वजीर-ए-आजम हम आपसे पूछना चाहते हैं, वो कौन सा कानून है जिसके तहत आप इन्‍हें बाहर भेजने की बात कर रहे हैं। मिस्‍टर मोदी आप सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता चाहते हैं, तो क्या आपका रवैया एक सुपर पॉवर जैसा है। जन समूह को संबोधित कर रहे ओवैसी ने एनडीए सरकार से आग्रह किया कि वे रोहिंग्‍या को मुस्लिम की तरह नहीं बल्कि शरणार्थी के तरह देखे।

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