विटामिन-डी की कमी से हो सकती है ये गंभीर बीमारियां, ऐसे करें उपचार

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शरीर में है विटामिन डी की कमी तो हो सकती है ये गंभीर बीमारी, ऐसे करें उपचार

लखनऊ। आपके शरीर की हड्डियों को विटामिन मिलना उतना ही ज़रूरी है जितना की आपके शरीर के अन्य भागों को विटामिन की ज़रूरत होती है। हमारे शरीर के हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए विटामिन-डी की ज़रूरत होती है। हमारे शरीर की हड्डियों को विटामिन-डी ना मिले तो हमारी शरीर की हड्डीयां कमजोर हो सकती है। जिसकी वजह से आपको कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

If There Is A Deficiency In Vitamin D In The Body Then This Disease May Be Such Treatment :

गर्मी के इस मौसम में पानी की कमी, धूप की कमी और कैल्शियम की कमी के चलते आपके शरीर में कैल्शियम तथा फॉस्फेट के अवशोषण बढ़ जाते है। साथ ही हमारे खानपान की वजह से भी जरूरी तत्वों की पूर्ति नहीं हो मिल पाती है। जिसके चलते हमारे शरीर को विटामिन-डी की कमी हो जाती है। ऐसे में आपको ये जानना बेहद ज़रूरी है कि इस कमी को कैसे पहचाने और इसके उपचार कैसे करें।

ऐसे पहचाने विटामिन-डी की कमी:

-हाई ब्लड प्रेशर होना
-थकान महसूस करना
-हड्डियों में दर्द होना
-मांशपेशियों में कमजोरी महसूस होना
-तनाव में रहना
-बाल झड़ना
-बार-बार इन्फेक्शन होना
-सांस लेने में दिक्कत होना

विशेषज्ञों के अनुसार रिफाइंड तेलों का अधिक इस्तेमाल विटामिन डी की कमी के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है। रिफाइंड तेलों में ट्रांस फैट होता है, जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल मॉलिक्यूल के बनने की मात्रा को कम कर देता है। कोलेस्ट्रॉल मॉलिक्यूल शरीर में विटामिन डी के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।

भारत में महिलाओं में विटमिन डी की कमी अधिक पाई जा रही है। विटामिन डी की कमी से महिलाओं को ऑस्टियोपोरोसिस, डायबीटीज जैसी बीमारियों खतरा बढ़ रहा है। अपनी खानपान में लोगों को मछली, अनाज, मशरुम, अंडे, पनीर, दूध, पनीर और संतरे का रस शामिल करना चाहिए। जिससे की आपके शरीर को ज़रूरी तत्व मिलते रहें।

लखनऊ। आपके शरीर की हड्डियों को विटामिन मिलना उतना ही ज़रूरी है जितना की आपके शरीर के अन्य भागों को विटामिन की ज़रूरत होती है। हमारे शरीर के हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए विटामिन-डी की ज़रूरत होती है। हमारे शरीर की हड्डियों को विटामिन-डी ना मिले तो हमारी शरीर की हड्डीयां कमजोर हो सकती है। जिसकी वजह से आपको कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। गर्मी के इस मौसम में पानी की कमी, धूप की कमी और कैल्शियम की कमी के चलते आपके शरीर में कैल्शियम तथा फॉस्फेट के अवशोषण बढ़ जाते है। साथ ही हमारे खानपान की वजह से भी जरूरी तत्वों की पूर्ति नहीं हो मिल पाती है। जिसके चलते हमारे शरीर को विटामिन-डी की कमी हो जाती है। ऐसे में आपको ये जानना बेहद ज़रूरी है कि इस कमी को कैसे पहचाने और इसके उपचार कैसे करें। ऐसे पहचाने विटामिन-डी की कमी: -हाई ब्लड प्रेशर होना -थकान महसूस करना -हड्डियों में दर्द होना -मांशपेशियों में कमजोरी महसूस होना -तनाव में रहना -बाल झड़ना -बार-बार इन्फेक्शन होना -सांस लेने में दिक्कत होना विशेषज्ञों के अनुसार रिफाइंड तेलों का अधिक इस्तेमाल विटामिन डी की कमी के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है। रिफाइंड तेलों में ट्रांस फैट होता है, जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल मॉलिक्यूल के बनने की मात्रा को कम कर देता है। कोलेस्ट्रॉल मॉलिक्यूल शरीर में विटामिन डी के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। भारत में महिलाओं में विटमिन डी की कमी अधिक पाई जा रही है। विटामिन डी की कमी से महिलाओं को ऑस्टियोपोरोसिस, डायबीटीज जैसी बीमारियों खतरा बढ़ रहा है। अपनी खानपान में लोगों को मछली, अनाज, मशरुम, अंडे, पनीर, दूध, पनीर और संतरे का रस शामिल करना चाहिए। जिससे की आपके शरीर को ज़रूरी तत्व मिलते रहें।