एक महीने में कोरोना पर ‎नियंत्रण नहीं हुआ तो आएगी 2008 जैसी मंदी

उत्तर प्रदेश न्यूज़, नोएडा, उत्तर प्रदेश में कोरोना की स्थिति, पत्रकारों में हुआ कोरोना, कनिका कपूर, विधायक तेजपाल सिंह नागर, विधायक तेजपाल सिंह नागर को हुआ कोरोना, Corona status in Uttar Pradesh News, Noida, Uttar Pradesh, Corona among journalists, Kanika Kapoor, MLA Tejpal Singh Nagar, MLA Tejpal Singh Nagar

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के कारण वैश्विक मंदी आना तय माना जा रहा है। आर्थिक मामलों के जानकारों और मुख्य वैश्विक रणनीतिकार रुचिर शर्मा का कहना है कि 2008 में आई मंदी जैसे हालात बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगले एक महीने में कोरोना वायरस पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो 2008-09 जैसी वैश्विक आर्थिक मंदी आ जाएगी।

If There Is No Control Over Corona In A Month There Will Be A Recession Like 2008 :

हो सकता है इससे भी खराब स्थिति वै‎श्विक अर्थव्यवस्था की हो जाए क्योंकि वै‎श्विक अर्थव्यवस्था वो नहीं है जो दस-बीस साल पहले थी। 6.5 प्रतिशत की विकास दर से भारत का बढ़ना पहले भी मुश्किल था और अब कोरोना की मार से वै‎श्विक अर्थव्यवस्था गिरने की वजह से स्थिति और खराब हो गई है। एक फीसदी वै‎श्विक अर्थव्यवस्था कम होने के पूरे आसार हैं।

कोरोना संकट से पहले यह तीन से चार फीसदी की रेट पर चल रही थी लेकिन अब इसमें एक फीसदी की गिरावट आना निश्चित है। अगर ये दो से तीन फीसदी गिरकर एक फीसदी पर आ जाती है तो इसका सीधा असर भारत की आर्थिक वृद्धि पर भी पड़ेगा।

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के कारण वैश्विक मंदी आना तय माना जा रहा है। आर्थिक मामलों के जानकारों और मुख्य वैश्विक रणनीतिकार रुचिर शर्मा का कहना है कि 2008 में आई मंदी जैसे हालात बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगले एक महीने में कोरोना वायरस पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो 2008-09 जैसी वैश्विक आर्थिक मंदी आ जाएगी। हो सकता है इससे भी खराब स्थिति वै‎श्विक अर्थव्यवस्था की हो जाए क्योंकि वै‎श्विक अर्थव्यवस्था वो नहीं है जो दस-बीस साल पहले थी। 6.5 प्रतिशत की विकास दर से भारत का बढ़ना पहले भी मुश्किल था और अब कोरोना की मार से वै‎श्विक अर्थव्यवस्था गिरने की वजह से स्थिति और खराब हो गई है। एक फीसदी वै‎श्विक अर्थव्यवस्था कम होने के पूरे आसार हैं। कोरोना संकट से पहले यह तीन से चार फीसदी की रेट पर चल रही थी लेकिन अब इसमें एक फीसदी की गिरावट आना निश्चित है। अगर ये दो से तीन फीसदी गिरकर एक फीसदी पर आ जाती है तो इसका सीधा असर भारत की आर्थिक वृद्धि पर भी पड़ेगा।