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दिल में जज्बा हो तो मंजिल दूर नहीं,मुंबई से संतकबीरनगर पैदल पहुंचा युवक,सारा गांव रह गया हैरान 

By Editor-Vijay Chaurasiya 
Updated Date

संतकबीरनगर के महुली थाना क्षेत्र के ग्राम देवकली कला निवासी एक युवक मुम्बई से चलकर शनिवार को गांव पहुंचा। इसकी जानकारी जब ग्रामीणों को हुई तो हड़कम्प मच गया। ग्राम प्रधान ने इसकी सूचना तत्काल जिम्मेदार अधिकारियों को दी। परिजनों से मिलने से पहले ही उक्त युवक गांव के क्वारन्टीन सेंटर में कैद हो गया। युवक ने अपनो के पास पहुंचने के लिए हफ्ते भर में सैकड़ों किलोमीटर की दूरी को पैर से नाप दिया।

महुली थाना क्षेत्र के ग्राम देवकली कला गांव निवासी दीपक सिंह ने बताया कि रोजी-रोटी के लिए वह जनवरी माह में मुंबई गया था। मुंबई के भिवंडी एरिया में एक लूम कारखाना में कार्य कर रहा था। इसी दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने 21 दिनों के लिए लॉक डाउन की घोषणा कर दी। जिसके कारण लूम कारखाना बन्द हो गया।

मालिक ने काम किये दिन के हिसाब से पैसा थमाकर जगह खाली करने की नोटिस दे दी। कुछ दिन इधर-उधर भटकर कई रातें फुटपाथ पर गुजारी। सुबह होते ही लोग इधर-उधर हटाने लगते थे। शासन-प्रशासन की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं कराई गई थी। दीपक ने बताया कि धीरे-धीरे सारे पैसे खत्म हो गए। शहर में नित्य क्रिया से लेकर हर जरूरत के लिए पैसा होना जरूरी है। ट्रेन बन्द थी। आने का एक मात्र सहारा पैदल ही था।

उसने बताया कि दृढ़ निश्चय के साथ वह चार अप्रैल की भोर में पैदल ही नासिक शहर पहुंचा। वहां से झांसी तक एक ट्रक पर बैठकर पहुंचा। इसके बाद वह पद यात्रा करते हुए देवकली कला गांव पहुंचा। जहां पहुंचते ही ग्रामीण अचरज में पड़ गए।

इसकी जानकारी पिता राम ललित सिंह, माता ज्ञानधारी के अलावा पत्नी नीरू सिंह को हुई तो उनके चेहरे खुशी से चमक उठे। मासूम बच्चे राजबीर सिंह व रंगनी सिंह को देखने से पहले ही दीपक को गांव के क्वारन्टीन सेंटर में कैद होना पड़ा। ग्राम प्रधान धनन्जय चौधरी ने इसकी सूचना त्वरित जिम्मेदार अधिकारी को देकर स्वास्थ्य परीक्षण करने की मांग की है।

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