अगर आप भी होते हैं बार-बार बेहोश तो इन बातों का रखें खास ख्याल, वरना हो सकती है जानलेवा बीमारी

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अगर आपको भी आती है बार -बार बेहोशी तो इन बातों का रखें खास ख्याल, हो सकती है जानलेवा बीमारी

लखनऊ। भारत में बेहोशी हर वर्ग के लोगों को होती है। अक्सर आपने देखा होगा कि बेहोश हो जाने पर फौरन पानी डालकर हमें होश में लाया जाता है, लेकिन होश में आते ही हम बेहोशी को नज़र अंदाज़ कर देते हैं। बेहोशी भले ही हमें सामान्य लगती हो लेकिन बेहोशी जानलेवा भी हो सकती है। आज हम आपको बताने जा रहें हैं कि इंसान बेहोश क्यों हो जाता है। बेहोशी को मेडिकल शब्दावली में ‘सिंकोप’ भी कहा जाता है।

If You Come Too Often To Be Unconscious Then Keep These Things Special Care Maybe A Life Threatening Illness :

बेहोशी युवाओं में ज़्यादातर देखने को मिलती है। बिना किसी संकेत के होने वाली बेहोशी घातक हो सकती है। बेहोशी का मुख्य कारण हृदय से जुड़ा हुआ है। इसलिए जब भी बिना संकेत कोई इंसान बेहोश होता है तो उसे ‘कार्डियक इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट’ को जरूर दिखाएं। बेहोशी या सिंकोप हृदय को जब किसी तरह का नुकसान पहुंचाता है, तो हृदय के खून को बेहतर तरीके से पंप करने की क्षमता को प्रभावित करता है।

अगर आप बार-बार बेहोश होते हैं इसकी खास वजह है मस्तिष्क में खून का अपर्याप्त तरीके से प्रवाह होना। बार -बार बेहोश होने से Arrhythmia भी हो सकता जो आपके दिल की धड़कनों के असामान्य होने के कारण होता है। इससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

उपचार:

  • अगर आपको घबराहट, सिर चकराना, बहुत कमजोरी महसूस होना, थकान होना या सांस लेने जैसे समस्या आ रही है तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं।
  • अगर आपको ये संकेत हो रहा है कि आप बेहोश हो रहें हैं तो फौरन लेट जाएं इससे आपके दिमाग का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो जाएगा। साथ ही बेहोशी का रिकॉर्ड ज़रूर रखें, ताकि डॉक्टर से संपर्क करने पर आप उन्हें बता सकें।
  • अगर आपको बेहोशी के कारण कोई भी बीमारी हो जाती है तो घबराने और टेंशन लेने की बजाए सकारात्मक सोच रखें। इससे आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा आती है और आप जल्द ठीक हो सकते हैं। सकारात्मक सोच आपको किसी भी बीमारी से लड़ने में मदद करती है।
लखनऊ। भारत में बेहोशी हर वर्ग के लोगों को होती है। अक्सर आपने देखा होगा कि बेहोश हो जाने पर फौरन पानी डालकर हमें होश में लाया जाता है, लेकिन होश में आते ही हम बेहोशी को नज़र अंदाज़ कर देते हैं। बेहोशी भले ही हमें सामान्य लगती हो लेकिन बेहोशी जानलेवा भी हो सकती है। आज हम आपको बताने जा रहें हैं कि इंसान बेहोश क्यों हो जाता है। बेहोशी को मेडिकल शब्दावली में 'सिंकोप' भी कहा जाता है। बेहोशी युवाओं में ज़्यादातर देखने को मिलती है। बिना किसी संकेत के होने वाली बेहोशी घातक हो सकती है। बेहोशी का मुख्य कारण हृदय से जुड़ा हुआ है। इसलिए जब भी बिना संकेत कोई इंसान बेहोश होता है तो उसे 'कार्डियक इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट' को जरूर दिखाएं। बेहोशी या सिंकोप हृदय को जब किसी तरह का नुकसान पहुंचाता है, तो हृदय के खून को बेहतर तरीके से पंप करने की क्षमता को प्रभावित करता है। अगर आप बार-बार बेहोश होते हैं इसकी खास वजह है मस्तिष्क में खून का अपर्याप्त तरीके से प्रवाह होना। बार -बार बेहोश होने से Arrhythmia भी हो सकता जो आपके दिल की धड़कनों के असामान्य होने के कारण होता है। इससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। उपचार:
  • अगर आपको घबराहट, सिर चकराना, बहुत कमजोरी महसूस होना, थकान होना या सांस लेने जैसे समस्या आ रही है तो फौरन डॉक्टर को दिखाएं।
  • अगर आपको ये संकेत हो रहा है कि आप बेहोश हो रहें हैं तो फौरन लेट जाएं इससे आपके दिमाग का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो जाएगा। साथ ही बेहोशी का रिकॉर्ड ज़रूर रखें, ताकि डॉक्टर से संपर्क करने पर आप उन्हें बता सकें।
  • अगर आपको बेहोशी के कारण कोई भी बीमारी हो जाती है तो घबराने और टेंशन लेने की बजाए सकारात्मक सोच रखें। इससे आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा आती है और आप जल्द ठीक हो सकते हैं। सकारात्मक सोच आपको किसी भी बीमारी से लड़ने में मदद करती है।