कोरोना की जांच करानी है तो दिखाना होगा आधार या वोटर कार्ड, जानिए क्या है वजह

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नई दिल्ली। कोरोना का जांच कराने वालों को अब आधार, वोटर आईडी कार्ड जैसे सरकारी दस्तावेज वाले पहचान पत्र दिखाने होंगे। आपके द्वारा लिखाऐए गए मोबाइल नंबर की भी मौके पर जांच की जाएगी। सटीक निगरानी के लिए आईसीएमआर के निर्देश के बाद दिल्ली सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। मुख्य सचिव विजय देव की ओर से जारी जांच आदेश में कहा गया है कि सरकार की ओर से जारी पहचान पत्र दिखाना होगा उसके बाद ही जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

If You Want To Check Corona Then You Have To Show Aadhaar Or Voter Card Know What Is The Reason :

दरअसल दिल्ली एनसीआर के साथ ही देश के अन्य शहरों से खबर आ रही थी कि लोग जांच कराते समय अपना पता और मोबाइल नंबर गलत दे रहे हैं। जिसके चलते जांच रिपोर्ट आने पर वह बताए गए पते पर नहीं मिलते तो उनकी ट्रेसिंग में दिक्कत आती है। दिल्ली सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार यदि किसी मरीज की ट्रेसिंग नहीं हो पाती है तो उससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। इससे जिस उद्देश्य से टेस्टिंग हुई उसके मायने नहीं रह जाते।

दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में कुछ दिन से कमी देखने को मिल रही है। पहले प्रतिदिन तीन हजार से अधिक नए मामले आ रहे थे। लेकिन बीते कुछ दिनों से यह संख्या 2500 से कम हो गई है। गुरुवार को भी दिल्ली में 2373 मामले सामने आए। इस तरह राष्ट्रीय राजधानी में कुल संक्रमितों की संख्या अब 92 हजार को पार कर गई है। वहीं इसमें से 63 हजार लोग ठीक भी हुए हैं।

गुरुवार रात जारी हुई दिल्ली सरकार के हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, 2373 नए मामलों के साथ कुल संख्या अब 92 हजार 175 पर पहुंच गई है। इसमें से 63 हजार 7 लोग इलाज के बाद पूर्णतः उपचारित हो चुके हैं। दिल्ली में फिलहाल कोविड-19 के 26 हजार 304 सक्रिय मामले हैं, जिनका इलाज चल रहा है। वहीं अभी तक कोरोना के कारण 2864 लोगों की मौत भी हुई है।

नई दिल्ली। कोरोना का जांच कराने वालों को अब आधार, वोटर आईडी कार्ड जैसे सरकारी दस्तावेज वाले पहचान पत्र दिखाने होंगे। आपके द्वारा लिखाऐए गए मोबाइल नंबर की भी मौके पर जांच की जाएगी। सटीक निगरानी के लिए आईसीएमआर के निर्देश के बाद दिल्ली सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। मुख्य सचिव विजय देव की ओर से जारी जांच आदेश में कहा गया है कि सरकार की ओर से जारी पहचान पत्र दिखाना होगा उसके बाद ही जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। दरअसल दिल्ली एनसीआर के साथ ही देश के अन्य शहरों से खबर आ रही थी कि लोग जांच कराते समय अपना पता और मोबाइल नंबर गलत दे रहे हैं। जिसके चलते जांच रिपोर्ट आने पर वह बताए गए पते पर नहीं मिलते तो उनकी ट्रेसिंग में दिक्कत आती है। दिल्ली सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार यदि किसी मरीज की ट्रेसिंग नहीं हो पाती है तो उससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। इससे जिस उद्देश्य से टेस्टिंग हुई उसके मायने नहीं रह जाते। दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में कुछ दिन से कमी देखने को मिल रही है। पहले प्रतिदिन तीन हजार से अधिक नए मामले आ रहे थे। लेकिन बीते कुछ दिनों से यह संख्या 2500 से कम हो गई है। गुरुवार को भी दिल्ली में 2373 मामले सामने आए। इस तरह राष्ट्रीय राजधानी में कुल संक्रमितों की संख्या अब 92 हजार को पार कर गई है। वहीं इसमें से 63 हजार लोग ठीक भी हुए हैं। गुरुवार रात जारी हुई दिल्ली सरकार के हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, 2373 नए मामलों के साथ कुल संख्या अब 92 हजार 175 पर पहुंच गई है। इसमें से 63 हजार 7 लोग इलाज के बाद पूर्णतः उपचारित हो चुके हैं। दिल्ली में फिलहाल कोविड-19 के 26 हजार 304 सक्रिय मामले हैं, जिनका इलाज चल रहा है। वहीं अभी तक कोरोना के कारण 2864 लोगों की मौत भी हुई है।