छोटे कपड़े पहनकर इमामबाड़ा गए तो नहीं मिलेगी एंट्री, इस कारण हुआ फैसला

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जानें क्यों इमामबाड़ा परिसरों में फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी हुई BAN!

लखनऊ। राजधानी में स्थित इमामबाड़ा परिसर में पर्यटक अब छोटे कपड़े पहनकर प्रवेश नहीं कर पायेंगे। जिला प्रशासन ने मुस्लिम धर्मगुरुओं के सुझाव पर यह तय किया है कि इमामबाड़ा परिसर में पर्यटक आपत्तिजनक कपड़े पहनकर नहीं जाएंगे। इसके साथ ही ट्राइपॉड कैमरे और वीडियो कैमरा ले जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन का कहना है कि संरक्षित इमारतों में छेड़खानी और अश्लीलता की शिकायतों के चलते यह कदम उठाया गया है।

If You Wear Vulgar Dress You Will Not Get Entry In Imambara :

डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि इसकी निगरानी की जिम्मेदारी सिक्यॉरिटी गार्डों को सौंपी जाएगी और सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए जाएंगे। साथ ही इमामबाड़ा परिसर में पेशेवर फोटोग्राफी और शूटिंग भी नहीं हो सकेगी। राजधानी में ऐतिहासिक महत्व के संरक्षित इमारतों को लेकर शनिवार को जिला प्रशासन ने हुसैनाबाद ट्रस्ट और पुरातत्व विभाग के साथ बैठक की थी। डीएम कौशल राज शर्मा के मुताबिक जरूरी है कि ऐसे तत्वों पर रोक लगायी जाए जो आम पर्यटकों को दिक्कतें पैदा करते हैं।

डीएम ने कहा कि, सदियों पुराने स्मारकों की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए छोटा और बड़ा इमामबाड़ा में अब आपत्तिजनक कपड़े पहनकर नहीं जा सकेंगे। अब पर्यटकों को पूरे कपड़े पहनने होंगे। साथ ही इमामबाड़ों में अब प्रोफेशनल फोटोग्राफी और वीडियो शूटिंग की अनुमति भी नहीं होगी। इसका ध्यान रखने के लिए गार्ड को निर्देषित किया गया है।

बता दें कि बैठक में हुसैनाबाद एलाइड ट्रस्ट और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह ट्रस्ट एएसआई द्वारा संरक्षित स्थलों के रूप में घोषित किए गए दो स्मारकों का प्रबंधन देखता है। डीएम ने कहा कि एएसआई को स्मारकों के कुछ हिस्सों को भी पुनर्निर्मित करने के लिए निर्देश दिया है जो क्षतिग्रस्त हो रहे थे।

लखनऊ। राजधानी में स्थित इमामबाड़ा परिसर में पर्यटक अब छोटे कपड़े पहनकर प्रवेश नहीं कर पायेंगे। जिला प्रशासन ने मुस्लिम धर्मगुरुओं के सुझाव पर यह तय किया है कि इमामबाड़ा परिसर में पर्यटक आपत्तिजनक कपड़े पहनकर नहीं जाएंगे। इसके साथ ही ट्राइपॉड कैमरे और वीडियो कैमरा ले जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन का कहना है कि संरक्षित इमारतों में छेड़खानी और अश्लीलता की शिकायतों के चलते यह कदम उठाया गया है। डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि इसकी निगरानी की जिम्मेदारी सिक्यॉरिटी गार्डों को सौंपी जाएगी और सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए जाएंगे। साथ ही इमामबाड़ा परिसर में पेशेवर फोटोग्राफी और शूटिंग भी नहीं हो सकेगी। राजधानी में ऐतिहासिक महत्व के संरक्षित इमारतों को लेकर शनिवार को जिला प्रशासन ने हुसैनाबाद ट्रस्ट और पुरातत्व विभाग के साथ बैठक की थी। डीएम कौशल राज शर्मा के मुताबिक जरूरी है कि ऐसे तत्वों पर रोक लगायी जाए जो आम पर्यटकों को दिक्कतें पैदा करते हैं। डीएम ने कहा कि, सदियों पुराने स्मारकों की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए छोटा और बड़ा इमामबाड़ा में अब आपत्तिजनक कपड़े पहनकर नहीं जा सकेंगे। अब पर्यटकों को पूरे कपड़े पहनने होंगे। साथ ही इमामबाड़ों में अब प्रोफेशनल फोटोग्राफी और वीडियो शूटिंग की अनुमति भी नहीं होगी। इसका ध्यान रखने के लिए गार्ड को निर्देषित किया गया है। बता दें कि बैठक में हुसैनाबाद एलाइड ट्रस्ट और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह ट्रस्ट एएसआई द्वारा संरक्षित स्थलों के रूप में घोषित किए गए दो स्मारकों का प्रबंधन देखता है। डीएम ने कहा कि एएसआई को स्मारकों के कुछ हिस्सों को भी पुनर्निर्मित करने के लिए निर्देश दिया है जो क्षतिग्रस्त हो रहे थे।