बवाना अग्निकांड : लाइसेंस प्लास्टिक फैक्ट्री का बन रहे थे पटाखे

बवाना अग्निकांड
बवाना अग्निकांड : लाइसेंस प्लास्टिक फैक्ट्री का बन रहे थे पटाखे

नई दिल्ली। दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार को हुए अग्निकांड में 17 लोगों की मौत के बाद सामने आए सच ने तमाम सरकारी महकमों की नींद हराम कर दी है। इस अग्निकांड में जिस फैक्ट्री में आग लगी वह प्लास्टिक फैक्ट्री बताई जा रही है। नगर निगम ने भी इस फैक्ट्री के मालिक के पास लाइसेंस होने की बात स्वीकारी है, लेकिन मौके पर पटाखा फैक्ट्री चलाए जाने के साक्ष्य मिलने के बाद दिल्ली सरकार के श्रम विभाग के अधिकारियों की कारगुजारी पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

इस अंग्निकांड में जो दूसरी बात सामने आई है वह और भी हैरान करने वाली है। बताया जा रहा है कि शनिवार को बवाना इलाके की फैक्ट्रियां बंद रहती हैं। मजदूर छुट्टी पर होने के बावजूद फैक्ट्री में काम करवाया जाना अपने आप में कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

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कुछ लोगों का कहना है कि अवैध रूप से चलाई जा रही पटाखा फैक्ट्री में बड़े स्तर पर पटाखों का उत्पादन किया जा रहा था। जिसके लिए फैक्ट्री में मजदूरों से दिन रात काम करवाया जाता था।

तीन फैक्ट्रियों के जल कर खाक होने और 17 मजदूरों की मौत के बाद शुरू हुई जांच में बड़े स्तर पर लापरवाई बरते जाने की बात सामने आ रही है। पटाखा फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों को पूरे तौर पर ताक पर रखा गया था। यहां मजदूरों को आग के ढ़ेर पर बैठाकर काम तो लिया जा रहा था लेकिन अग्निशमन का कोई भी उपकरण इस फैक्ट्री में नहीं मिला है।

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नगर निगम और दिल्ली सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध —

17 मजदूरों की मौत का कारण क्या बना फैक्ट्री मालिक की लापरवाई या फिर नगर निगम और दिल्ली सरकार के विभागों की थानापूर्ति यह बहुत बड़ा सवाल है। आखिर एक प्लास्टिक फैक्ट्री में पटाखे किसी सह पर बनाए जा रहे थे, अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने फैक्ट्री को एनओसी दी थी या नहीं और अगर दी थी तो किस आधार पर। फैक्ट्री में छुट्टी के दिन भी मजदूर कैसे काम कर रहे थे।

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नई दिल्ली। दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार को हुए अग्निकांड में 17 लोगों की मौत के बाद सामने आए सच ने तमाम सरकारी महकमों की नींद हराम कर दी है। इस अग्निकांड में जिस फैक्ट्री में आग लगी वह प्लास्टिक फैक्ट्री बताई जा रही है। नगर निगम ने भी इस फैक्ट्री के मालिक के पास लाइसेंस होने की बात स्वीकारी है, लेकिन मौके पर पटाखा फैक्ट्री चलाए जाने के साक्ष्य मिलने के बाद दिल्ली सरकार के श्रम विभाग…
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