पड़ताल: वाहन पास लगा रहे हैं विधानसभा-सचिवालय की सुरक्षा में सेंध

लखनऊ। यूपी विधानसभा में विस्फोटक मिलने के बाद सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सदन में PNET बरामद होने के बाद पर्दाफाश की पड़ताल में इस बात का खुलासा हुआ है कि विधानसभा में जाने के लिए जारी पास और वाहनों के पास धारकों के अलावा कई लोग बिना रोक-टोक दाखिल हो जाते हैं। हालांकि इतनी बड़ी चूक के बाद विधानसभा के आस-पास और परिसर के अंदर सिक्यूरिटी टाइट कर दी गयी है।

शुक्रवार को यूपी विधानसभा परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया लेकिन इस दौरान भी सत्ता पक्ष के एक विधायक सुरक्षाकर्मियों से झगड़ते हुए नजर आए लेकिन सिक्यूरिटी को देखते हुए विधायक को सचिवालय पास धारकों के साथ ही अंदर दाखिल होने दिया गया। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है इस बड़ी चूक के पहले विधानसभा के अंदर जानें वाले सभी नियमों की अनदेखी कर एक पास धारक के साथ कई लोग दाखिल हो जाते थे। यही नहीं जिन वाहनों का विधानसभा पास जारी होता है, उनके साथ कई लोग बेधड़क सदन के अंदर जानें में गुरेज नहीं करते। चेकिंग के लिये विधानसभा के मुख्य गेट पर मौजूद सुरक्षाकर्मी भी ऐसे लोगों की अनदेखी करते कई बार नजर आए।

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ऐसे होती है अवैध एंट्री—

दरअसल, जब विधानसभा सत्र शुरू होता है तो विधयाकों से लेकर मंत्री, पत्रकार और कर्मियों के लिए पास बनता है। इतना ही नहीं लोगों को विधानसभा की कार्रवाई देखने के लिए भी पास जारी किए जाते हैं। विधानसभा में एंट्री के एकल पास जारी किया जाता है। यह पास व्यक्ति के लिए अलग और गाड़ी के लिए अलग होता है। मसलन एक पत्रकार को कार्रवाही के कवरेज के लिए पास मिलता है। साथ ही उसके गाड़ी का भी पास बनता है।

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पूरा खेल इसी गाड़ी के पास से शुरू होता है। एक गाड़ी में बैठकर 5 से 6 लोग विधानसभा में दाखिल हो जाते हैं। हालांकि ये सिलसिला एक बार में नहीं थमता, ये गाड़ी कई बार आती-जाती है और उसी गाड़ी में बैठकर कई लोग विधानसभा के अंदर आ जाते हैं।

ये हैं नये नियम—

विधानसभा भवन में ATS तैनात रहेगी।
विधायक फोन लेकर नहीं आएंगे।
विधायक विधानसभा में केवल नोटबुक ही साथ लेकर आएंगे।
विधानसभा में काम करने वाले सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाएगा।
सदन में बिना पास के किसी भी वाहन को एंट्री नहीं दी जाएगी।
सभी बैग और मोबाइल रखने के लिए विधानसभा के बाहर व्यवस्था होगी।
विधायक और स्टाफ को छोड़कर सभी के पास रद्द जाएंगे।
सुरक्षा के लिहाज से पूर्व विधायकों के पास भी रद्द किए जाएंगे।
सभी पुरानी गाडिय़ों के पास भी रद्द किए जाएंगे।
विधानसभा के सभी एंट्री गेट पर बॉडी स्कैनर लगाए जाएंगे।
मौजूदा विधायक के ड्राइवर के भी पास बनाए जाएंगे।

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