बांदा और चित्रकूट में बालू का अवैध खनन जारी, अधिकारी चुप

बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा और चित्रकूट जिले में बालू खनन के अवैध कारोबारी अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे। और तो और जिम्मेदार अधिकारी और पुलिस भी कुछ कर सकने की स्थिति में नहीं हैं। बांदा के अलावा चित्रकूट जिले में अब भी नदियों से अवैध बालू का खनन किया जा रहा है। चित्रकूट जिले में करारी और बांदा के सिरसौना बागै नदी घाट में दर्जन भर ट्रैक्टर शाम ढलते ही बालू खनन में जुट जाते हैं।





बुंदेलखंड़ के बांदा और चित्रकूट जिले में केन व बागै नदी से बालू के अवैध खनन करने का सिलसिला थम नहीं रहा। शाम ढलते ही दर्जनों ट्रैक्टर इस गैर कानूनी काम में लगा दिए जाते हैं। बालू माफियाओं को एनजीटी में चल रही सुनवाई और इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा जिलाधिकारी बांदा को व्यक्तिगत रूप से तलब करने का भी खौफ नहीं रहा। चित्रकूट जिले के भरतकूप पुलिस चौकी क्षेत्र के करारी गांव में शाम ढलते ही एक दर्जन ट्रैक्टर-ट्राली भोर होने तक अवैध रूप से बालू की ढुलाई करते हैं। इन माफियाओं की रखवाली में करीब दो दर्जन असलहाधारी तैनात रहते हैं। दो दिन पूर्व चंदौर गांव के किसान रामकुमार ने बालू खनन में पाबंदी लगाई तो भरतकूप की पुलिस माफियाओं के साथ उसके घर धावा बोलकर उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की।

चंदौर गांव के किसान रामकुमार कोरी ने बताया कि ‘उसने जरिए फोन घटना की सूचना पुलिस अधीक्षक चित्रकूट को दी तो उन्होंने कहा कि ‘भरतकूप जाओ, वहां से फोर्स ले लो।’ उसने बताया कि ‘इसके बाद जब जिलाधिकारी मोनिका रानी को फोन से सूचित किया तो उनका जवाब था कि ‘तुम शांत बैठो, मैं देख रही हूं।’ इतना सब होने के बाद भी अवैध बालू का खनन नहीं बंद हुआ।’ इस किसान का कहना है कि ‘बालू माफिया पूरी रात चने की खेत से ट्रैक्टर निकाल कर फसल नष्ट कर रहे हैं और प्रशासन कुछ नहीं कर रहा।’ इस किसान का आरोप है कि ‘बालू का अवैध खनन प्रशासन की सह परे हो रहा है।’



जब इस संवाददाता ने जिलाधिकारी चित्रकूट मोनिका रानी से रविवार को पूंछा तो उनका कहना था कि ‘बालू खनन की जांच कराई जा रही है, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’ यही आलम बांदा जिले का है, बदौसा थाना के सिरसौना बागै नदी घाट और गाल्हा गांव में सत्ता पक्ष से जुड़े कुछ लोग अवैध खनन के कार्य में लिप्त हैं। वहां के एक ग्रामीण ने बताया कि ‘देवी मंदिर के पास पास रात भर जेसीबी मशीन से खनन किया जा रहा है, विद्यालय के पास एक माफिया ने करीब एक सौ ट्रक बालू डंप किया हुआ है।’ इस पर जब बांदा के अपर जिलाधिकारी गंगाराम गुप्ता से बात की गई तो उनका कहना था कि ‘झूठी सूचना है, कहीं खनन नहीं हो रहा।’

उल्लेखनीय है कि बालू-पत्थर के अवैध खनन बावत एक सामाजिक कार्यकर्ता की जनहित याचिका एनजीटी में विचाराधीन है तो उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने डीएम बांदा को व्यक्तिगत रूप से तलब कर हल्फनामा दाखिल करने का आदेश पारित किया है, फिर भी खनन माफिया बेखौफ हैं।

बाँदा से आर जयन की रिपोर्ट