अवैध खनन घोटाला : गायत्री प्रजापति से ईडी ने की डेढ़ घण्टे तक पूछताछ

gaytri prjapati
अवैध खनन घोटाला : गायत्री प्रजापति से ईडी ने की डेढ़ घण्टे तक की पूछताछ

लखनऊ। अवैध खनन घोटाले में गायत्री प्रजापति पर शिकंजा कसता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गायत्री प्रजापति से करीब डेढ़ घण्टे तक पूछताछ की। केजीएमयू के सीएमएस कार्यालय में गायत्री प्रजापति उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच प्राइवेट वार्ड में लाया गया। इसके बाद ईडी के अफसरों ने गायत्री प्रजापति से पूछताछ की। इस दौरान अवैध खनन घोटले और आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में करीब डेढ घण्टे तक उनसे पूछताछ चली। हालांकि यह नहीं पता लग पाया है ​कि ईडी ने उनसे क्या पूछताछ की है।

Illegal Mining Scam Ed Questioned By Gayatri Prajapati For Half An Hour :

बता दें कि, गायत्री प्रजापति केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग में पिछले करीब डेढ़ माह से भर्ती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी दोनों किडनी खराब हैं और पेशाब संबंधी दिक्कतें हैं। ईडी की टीम ने उनसे क्या पूछताछ की अब तक पता नहीं चल सका है। गौरतलब है कि, सपा सरकार के समय नियमों को दरकिनार करके 22 खनन पट्टों के आवंटन पत्रावली पर अनुमोदन किया गया था। इनमें से 14 खनन पट्टों के आवंटन की पत्रावली पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अनुमोदन किया था। वहीं , आठ खनन पट्टों में बतौर तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने अनुमोदन किया था।

घोटाला उजागर हुआ तो साल के शुरूआत में सीबीआई ने हमीरपुर में हुए खनन घोटाले में केस दर्ज किया था। इसमें हमीरपुर में जिलाधिकारी रहीं बी चंद्रकला समेत 11 लोगों को नामजद किया गया था। साथ ही बी. चंद्रकला समेत 12 स्थानों पर छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए थे।

सीबीआई की एफआईआर के बाद उसी आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने भी केस दर्ज किया था। जांच के बाद ईडी ने गायात्री की संपत्तियों का ब्योरा जुटाया था। इसमें उनकी संपत्ति कुछ वर्षों में ही कई गुना बढ़ने की बात सामने आई थी। इसी के बाद गायत्री से पूछताछ के लिए ईडी ने कोर्ट में अर्जी लगाई थी। गायत्री से पूछताछ के बाबत जेल अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है।

लखनऊ। अवैध खनन घोटाले में गायत्री प्रजापति पर शिकंजा कसता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गायत्री प्रजापति से करीब डेढ़ घण्टे तक पूछताछ की। केजीएमयू के सीएमएस कार्यालय में गायत्री प्रजापति उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच प्राइवेट वार्ड में लाया गया। इसके बाद ईडी के अफसरों ने गायत्री प्रजापति से पूछताछ की। इस दौरान अवैध खनन घोटले और आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में करीब डेढ घण्टे तक उनसे पूछताछ चली। हालांकि यह नहीं पता लग पाया है ​कि ईडी ने उनसे क्या पूछताछ की है। बता दें कि, गायत्री प्रजापति केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग में पिछले करीब डेढ़ माह से भर्ती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी दोनों किडनी खराब हैं और पेशाब संबंधी दिक्कतें हैं। ईडी की टीम ने उनसे क्या पूछताछ की अब तक पता नहीं चल सका है। गौरतलब है कि, सपा सरकार के समय नियमों को दरकिनार करके 22 खनन पट्टों के आवंटन पत्रावली पर अनुमोदन किया गया था। इनमें से 14 खनन पट्टों के आवंटन की पत्रावली पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अनुमोदन किया था। वहीं , आठ खनन पट्टों में बतौर तत्कालीन खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने अनुमोदन किया था। घोटाला उजागर हुआ तो साल के शुरूआत में सीबीआई ने हमीरपुर में हुए खनन घोटाले में केस दर्ज किया था। इसमें हमीरपुर में जिलाधिकारी रहीं बी चंद्रकला समेत 11 लोगों को नामजद किया गया था। साथ ही बी. चंद्रकला समेत 12 स्थानों पर छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए थे। सीबीआई की एफआईआर के बाद उसी आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने भी केस दर्ज किया था। जांच के बाद ईडी ने गायात्री की संपत्तियों का ब्योरा जुटाया था। इसमें उनकी संपत्ति कुछ वर्षों में ही कई गुना बढ़ने की बात सामने आई थी। इसी के बाद गायत्री से पूछताछ के लिए ईडी ने कोर्ट में अर्जी लगाई थी। गायत्री से पूछताछ के बाबत जेल अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है।