ताजिया निकालने से पहले मुसलमानो ने मंदिर में टेका माथा

ताजिया निकालने से पहले मुस्लिमानो ने मंदिर में टेका माथा
ताजिया निकालने से पहले मुस्लिमानो ने मंदिर में टेका माथा

नई दिली। देवभूमि हिमाचल के नाहन शहर में मुस्लिम समुदाय ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की है। शुक्रवार को वामन द्वादशी और मुहर्रम एक ही दिन थे। पैंतीस साल बाद ऐसा मौका आया। हिमाचल के सिरमौर जिला के नाहन शहर में मुस्लिम समुदाय ने इस ‘संगम’ को खास बना दिया। मुस्लिम समुदाय हर साल भगवान जगन्नाथ की पालकी का स्वागत करता है।

Illustration Of Brotherhood Before Going To Tajia Pray Lord Jagannath :

शुक्रवार सुबह भारी संख्या में मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष नसीम मोहम्मद दीदान समेत समुदाय के कई लोग बड़ा चौक स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर पहुंचे। जहां समुदाय विशेष के लोगों ने विश्व की खुशहाली और शहर की तरक्की के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगा।

सदियों पुराना है यह भाईचारा

नाहन में हिंदू-मुस्लिमों का सौहार्द सदियों से चलता आ रहा है। देश के विभाजन के दौरान भी यहां कोई मनमुटाव नहीं हुआ था। चारों मस्जिदों की ताजिया कमेटियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि मुहर्रम व वामन द्वादशी आपसी भाईचारे का प्रतीक है।

त्योहारों पर मंदिर आते हैं मुस्लिम

जगन्नाथ रथयात्रा कमेटी के प्रधान प्रकाश बंसल ने कहा कि यह भाईचारा सदियों से चला आ रहा है। दूसरे त्योहारों पर भी मुस्लिम समुदाय के लोग मंदिर आते हैं। जब भी वे लोग मंदिर आते हैं तो हम उनका स्वागत करते हैं।

नई दिली। देवभूमि हिमाचल के नाहन शहर में मुस्लिम समुदाय ने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की है। शुक्रवार को वामन द्वादशी और मुहर्रम एक ही दिन थे। पैंतीस साल बाद ऐसा मौका आया। हिमाचल के सिरमौर जिला के नाहन शहर में मुस्लिम समुदाय ने इस 'संगम' को खास बना दिया। मुस्लिम समुदाय हर साल भगवान जगन्नाथ की पालकी का स्वागत करता है।शुक्रवार सुबह भारी संख्या में मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष नसीम मोहम्मद दीदान समेत समुदाय के कई लोग बड़ा चौक स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर पहुंचे। जहां समुदाय विशेष के लोगों ने विश्व की खुशहाली और शहर की तरक्की के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगा।

सदियों पुराना है यह भाईचारा

नाहन में हिंदू-मुस्लिमों का सौहार्द सदियों से चलता आ रहा है। देश के विभाजन के दौरान भी यहां कोई मनमुटाव नहीं हुआ था। चारों मस्जिदों की ताजिया कमेटियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि मुहर्रम व वामन द्वादशी आपसी भाईचारे का प्रतीक है।

त्योहारों पर मंदिर आते हैं मुस्लिम

जगन्नाथ रथयात्रा कमेटी के प्रधान प्रकाश बंसल ने कहा कि यह भाईचारा सदियों से चला आ रहा है। दूसरे त्योहारों पर भी मुस्लिम समुदाय के लोग मंदिर आते हैं। जब भी वे लोग मंदिर आते हैं तो हम उनका स्वागत करते हैं।