व्यापार युद्ध का असर-27 साल बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंची चीन की जीडीपी

China's GDP
व्यापार युद्ध का असर-27 साल बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंची चीन की जीडीपी

नई दिल्ली। अमेरिका के साथ चल रहे व्यापार युद्ध की वजह से चीन की जीडीपी 27 साल बाद सबसे निचले स्तर पर पंहुच गयी है। इस वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में चीन की जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार काफी कम हो गयी है। वर्तमान समय में चीन की जीडीपी 6 फीसदी ही रह गयी है। यही नही चीन को आर्थिक मोर्चे पर देश के अंदर ही नहीं बल्कि विदेश में भी बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

Impact Of Trade War Chinas Gdp Reached The Lowest Level After 27 Years :

शुक्रवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी किये गये आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई से सितंबर तिमाही में चीन की जीडीपी ग्रोथ 6 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी, जबकि दूसरी तिमाही के दौरान यह आंकड़ा 6.2 पर्सेंट का था। बताया गया कि 1992 के बाद पहली बार जीडीपी इतने निचले स्तर पर पंहुची है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वित्त वर्ष में चीन का ​विकास दर 6.0-6.5 प्रतिशत के आस पास रहेगा।

हलांकि चीन को घरेलू और वैश्विक, दोनों स्तरों पर चुनौतियों का सामना कर रहा है लेकिन लोगों के जीवन में पहले से काफी सुधान हुआ है। यह दावा चीन के नैशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के प्रवक्ता माओ शेंगयॉन्ग ने किया है। आपको बता दें कि चीन की अर्थव्यवस्था को अमेरिका की शुल्क वृद्धि का खामियाजा तो भुगतना ही पड़ रहा है साथ ही चीन की तकनीकीय योजनाओं को भी काफी धक्का लगा है। चीन के साथ जो देश व्यापार कर रहे थे उन देशो की निगाहें अब ट्रेड वॉर पर टिकी हुई हैं इसीलिए देश में मंदी का डर भी बना हुआ है।

माओ शेंगयॉन्ग ने कहा है कि अमेरिका के साथ जारी व्यापार युद्ध के कारण विकास दर में गिरावट देखने को मिली है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका को पत्र भी लिखा है, उन्होने अमेरिका से आपसी सम्मान के आधार पर मतभेदों को निपटाने और पारस्परिक लाभ के लिए सहयोग बढ़ाने का अनुरोध किया है। जिनपिंग का मानना है कि
हम समन्वय, सहयोग और स्थिरता के आधार पर द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।

नई दिल्ली। अमेरिका के साथ चल रहे व्यापार युद्ध की वजह से चीन की जीडीपी 27 साल बाद सबसे निचले स्तर पर पंहुच गयी है। इस वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में चीन की जीडीपी ग्रोथ की रफ्तार काफी कम हो गयी है। वर्तमान समय में चीन की जीडीपी 6 फीसदी ही रह गयी है। यही नही चीन को आर्थिक मोर्चे पर देश के अंदर ही नहीं बल्कि विदेश में भी बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी किये गये आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई से सितंबर तिमाही में चीन की जीडीपी ग्रोथ 6 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी, जबकि दूसरी तिमाही के दौरान यह आंकड़ा 6.2 पर्सेंट का था। बताया गया कि 1992 के बाद पहली बार जीडीपी इतने निचले स्तर पर पंहुची है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वित्त वर्ष में चीन का ​विकास दर 6.0-6.5 प्रतिशत के आस पास रहेगा। हलांकि चीन को घरेलू और वैश्विक, दोनों स्तरों पर चुनौतियों का सामना कर रहा है लेकिन लोगों के जीवन में पहले से काफी सुधान हुआ है। यह दावा चीन के नैशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के प्रवक्ता माओ शेंगयॉन्ग ने किया है। आपको बता दें कि चीन की अर्थव्यवस्था को अमेरिका की शुल्क वृद्धि का खामियाजा तो भुगतना ही पड़ रहा है साथ ही चीन की तकनीकीय योजनाओं को भी काफी धक्का लगा है। चीन के साथ जो देश व्यापार कर रहे थे उन देशो की निगाहें अब ट्रेड वॉर पर टिकी हुई हैं इसीलिए देश में मंदी का डर भी बना हुआ है। माओ शेंगयॉन्ग ने कहा है कि अमेरिका के साथ जारी व्यापार युद्ध के कारण विकास दर में गिरावट देखने को मिली है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका को पत्र भी लिखा है, उन्होने अमेरिका से आपसी सम्मान के आधार पर मतभेदों को निपटाने और पारस्परिक लाभ के लिए सहयोग बढ़ाने का अनुरोध किया है। जिनपिंग का मानना है कि हम समन्वय, सहयोग और स्थिरता के आधार पर द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।