आर्थिक मदद नहीं मिलने से दुखी हैं इमरान खान, सोशल मीडिया पर कही यह बड़ी बात

imran khan

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि कोरोना संकट में न तो किसी देश और न ही किसी वैश्विक संगठन ने पाकिस्तान को एक डॉलर की भी मदद की है। उन्होंने कुछ दिन पहले ही वैश्विक समुदाय से अपील की थी कि कमजोर देशों का ऋण माफ कर देना चाहिए।

Imran Khan Is Unhappy Over Not Getting Financial Help Said This Big Thing On Social Media :

उधर, सोशल मीडिया पर प्रभावशाली लोगों और पत्रकारों से बातचीत में इमरान ने कहा कि महामारी से इकॉनमी बुरी तरह से प्रभावित हुई है और गंभीर मुश्किलों के बाद भी न तो कोई देश और न ही किसी वैश्विक संगठन ने सिंगल डॉलर की ही मदद की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि आईएमएफ ने जरूर लोन रिपेमेंट में राहत दी है।

इमरान ने कहा कि कई लोग सोशल मीडिया पर झूठा प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘जिन्होंने भ्रष्टाचार से पैसे बनाए हैं वे फ्री मीडिया से भयभीत हैं क्योंकि उनका भंडाफोड़ हो जाएगा।’ उन्होंने कहा कि चाहे जितना भी झूठ बोला जाए लेकिन लोगों को अंत में सच पता चल ही जाएगा।

मार्च की शुरुआत में पाकिस्तान के लिए अच्छी खबर आई थी जब वर्ल्ड बैंक और एशिया विकास बैंक यानी एडीबी ने भी कोरोना वायरस और उसके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव से निपटने के लिए 58.8 करोड़ डॉलर देने पर सहमति जताई थी। कोरोना के मामले बढ़ते ही इमरान सरकार ने दोनों बैंकों से बातचीत शुरू कर दी थी।

सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया था कि वर्ल्ड बैंक 23.8 करोड़ डॉलर और एडीबी 35 करोड़ डॉलर का लोन देगा। यह पाकिस्तान के लिए बड़ी राहत की बात यह थी क्योंकि उसे उम्मीद थी कि वर्ल्ड बैंक उसे 14 करोड़ डॉलर ही देगा, लेकिन उसने 23 करोड़ डॉलर से अधिक की मदद की प्रतिबद्धता जाहिर की गई। वहीं, अमेरिका ने कहा था कि वह भी एक करोड़ डॉलर की मदद देगा। इमरान की मानें तो पाकिस्तान को यह रकम अब तक नहीं मिल पाई है।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि कोरोना संकट में न तो किसी देश और न ही किसी वैश्विक संगठन ने पाकिस्तान को एक डॉलर की भी मदद की है। उन्होंने कुछ दिन पहले ही वैश्विक समुदाय से अपील की थी कि कमजोर देशों का ऋण माफ कर देना चाहिए। उधर, सोशल मीडिया पर प्रभावशाली लोगों और पत्रकारों से बातचीत में इमरान ने कहा कि महामारी से इकॉनमी बुरी तरह से प्रभावित हुई है और गंभीर मुश्किलों के बाद भी न तो कोई देश और न ही किसी वैश्विक संगठन ने सिंगल डॉलर की ही मदद की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि आईएमएफ ने जरूर लोन रिपेमेंट में राहत दी है। इमरान ने कहा कि कई लोग सोशल मीडिया पर झूठा प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जिन्होंने भ्रष्टाचार से पैसे बनाए हैं वे फ्री मीडिया से भयभीत हैं क्योंकि उनका भंडाफोड़ हो जाएगा।' उन्होंने कहा कि चाहे जितना भी झूठ बोला जाए लेकिन लोगों को अंत में सच पता चल ही जाएगा। मार्च की शुरुआत में पाकिस्तान के लिए अच्छी खबर आई थी जब वर्ल्ड बैंक और एशिया विकास बैंक यानी एडीबी ने भी कोरोना वायरस और उसके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव से निपटने के लिए 58.8 करोड़ डॉलर देने पर सहमति जताई थी। कोरोना के मामले बढ़ते ही इमरान सरकार ने दोनों बैंकों से बातचीत शुरू कर दी थी। सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया था कि वर्ल्ड बैंक 23.8 करोड़ डॉलर और एडीबी 35 करोड़ डॉलर का लोन देगा। यह पाकिस्तान के लिए बड़ी राहत की बात यह थी क्योंकि उसे उम्मीद थी कि वर्ल्ड बैंक उसे 14 करोड़ डॉलर ही देगा, लेकिन उसने 23 करोड़ डॉलर से अधिक की मदद की प्रतिबद्धता जाहिर की गई। वहीं, अमेरिका ने कहा था कि वह भी एक करोड़ डॉलर की मदद देगा। इमरान की मानें तो पाकिस्तान को यह रकम अब तक नहीं मिल पाई है।