इमरान का कबूलनामा, ‘मिशन कश्मीर’ पर नही मिला दुनिया ​के किसी देश का साथ

imran khan
इमरान का कबूलनामा, मिशन कश्मीर पर नही मिला दुनिया ​के किसी देश का साथ

नई दिल्ली। भारत सरकार ने जबसे जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया है तभी से पाकिस्तान के पीएम इमरान खान पूरे विश्व में रोना रो रहे हैं। लेकिन जब उनकी किसी ने नही सुनी तो आखिरकार उन्होने कबूल कर ही लिया कि मिशन कश्मीर पर दुनिया के किसी भी देश ने पाकिस्तान का साथ नही दिया। उन्होने अमेरिका में कहा कि उन्होने कश्मीर के मुददे को हर जगह उठाया पर उनका ये प्रयास पूरी तरह से विफल रहा।

Imrans Confession Mission Kashmir Did Not Get Support Of Any Country Of The World :

इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र में एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि उन्हे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कोई समर्थन हासिल न हो सका जिसकी वजह से उन्हे काफी निराशा है। उनका कहना था कि अगर यूरोपी नागरिकों, यहूदियों या अमेरिकियों को ऐसे ही बंदी बनाकर रखा जाता तो क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय का रवैया ऐसा ही होता।

अपको बता दें कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद भारी मात्रा में जम्मू कश्मीर में सैनिक बल तैनात कर दिया था और वहां के हालातों को सामान्य बनाए रखने के लिए घाटी में पाबंदी लगा दी गयी थी। तभी से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और आये दिन पाकिस्तानी पीएम इमरान की तरफ से भारत के खिलाफ बयानबाजी की जा रही है और दोनो देशों के बीच काफी तनाव बना हुआ है।

हाउडी मोदी कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिका में पाकिस्तान को करार जबाब देते हुए पहले ही कह दिया है कि जबतक पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम नही उठाता है तब त​क किसी तरह की कोई वार्ता नही होगी। जिसके बाद ये कयास लगाया जा रहा है कि शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी पीएम इमरान खान एक बार फिर कश्मीर को लेकर रोना रो सकते हैं। आपको बता दें कि शुक्रवार को पीएम मोदी एक बार फिर सम्बोधन करेगे।

नई दिल्ली। भारत सरकार ने जबसे जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया है तभी से पाकिस्तान के पीएम इमरान खान पूरे विश्व में रोना रो रहे हैं। लेकिन जब उनकी किसी ने नही सुनी तो आखिरकार उन्होने कबूल कर ही लिया कि मिशन कश्मीर पर दुनिया के किसी भी देश ने पाकिस्तान का साथ नही दिया। उन्होने अमेरिका में कहा कि उन्होने कश्मीर के मुददे को हर जगह उठाया पर उनका ये प्रयास पूरी तरह से विफल रहा। इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र में एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि उन्हे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कोई समर्थन हासिल न हो सका जिसकी वजह से उन्हे काफी निराशा है। उनका कहना था कि अगर यूरोपी नागरिकों, यहूदियों या अमेरिकियों को ऐसे ही बंदी बनाकर रखा जाता तो क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय का रवैया ऐसा ही होता। अपको बता दें कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद भारी मात्रा में जम्मू कश्मीर में सैनिक बल तैनात कर दिया था और वहां के हालातों को सामान्य बनाए रखने के लिए घाटी में पाबंदी लगा दी गयी थी। तभी से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और आये दिन पाकिस्तानी पीएम इमरान की तरफ से भारत के खिलाफ बयानबाजी की जा रही है और दोनो देशों के बीच काफी तनाव बना हुआ है। हाउडी मोदी कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिका में पाकिस्तान को करार जबाब देते हुए पहले ही कह दिया है कि जबतक पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम नही उठाता है तब त​क किसी तरह की कोई वार्ता नही होगी। जिसके बाद ये कयास लगाया जा रहा है कि शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी पीएम इमरान खान एक बार फिर कश्मीर को लेकर रोना रो सकते हैं। आपको बता दें कि शुक्रवार को पीएम मोदी एक बार फिर सम्बोधन करेगे।