अखिलेश ने बंगला खाली करते वक्त किया था 10 लाख का नुकसान, पीडब्लूडी ने सौंपी जांच रिपोर्ट

ex cm akhilesh yadav
अखिलेश ने बंगला खाली करते वक्त किया था 10 लाख का नुकसान, पीडब्लूडी ने सौंपी जांच रिपोर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 4 विक्रमादित्य मार्ग में स्थित सरकारी बंगले में हुई तोडफोड़ की ​​जांच पीडब्लूडी ने पूरी कर ली। उसने अपनी जांच रिपोर्ट प्रमुख सचिव राज्य सम्पति विभाग को सौंप दी। जिसके मुताबिक बंगले में 10 लाख रूपए का नुकसान हुआ है। अब विभाग इस जांच रिपोर्ट की एक प्रति न्यायालय में दाखिल करने की तैयारी में है। जिसके बाद अखिलेश यादव को नोटिश जारी कर इसकी रिकवरी भी की जा सकती है।

In Akhilesh Yadav Banglow Damage Case Pwd Claimed Rs 10 Lacs In Investigation Report :

जांच रिपोर्ट के मुताबिक बंगले की छत से लेकर किचन, बाथरूम और लॉन के साथ-साथ जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बैडमिंटन कोर्ट और साइकिल ट्रैक पर तोड़फोड़ की गई है। इसके साथ ही बंगले के टाइल्स, सेनेट्री और इलेक्ट्रिक वायरिंग को ​क्षतिग्रस्त किया गया है। बता दें कि राज्य सम्पति अधिकारी योगेश कुमार शुक्ला ने मामले की जांच रिपोर्ट प्रमुख सचिव राज्य संपत्ति विभाग को सौंपे जाने की पुष्टि की। उनके मुताबिक 266 पेज की जांच रिपोर्ट तैयार की गई थी, जो राज्य सम्पति विभाग को सौंप ​दी गई है।

पीडब्लूडी विभाग ने 266 पेज की रिपोर्ट के साथ एक सीडी भी सौंपी है। इस सीडी में सरकारी बंगले में की गई तोड़फोड़ की वीडियाग्राफी है। बता दें कि अखिलेश यादव ने बीते 8 जून को बंगला राज्य सम्पत्ति विभाग को सौंपा था, इसके बाद जब विभाग ने बंगले की जांच कराई तो वहां भारी मात्रा में तोड़फोड़ देख पीडब्लूडी विभाग को जांच कर वहां हुए नुकसान का आंकलन करने को कहा था।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सालों से सरकारी बंगलों पर कब्जा जमाए बैठे पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास खाली करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्रियों ने इसका विरोध भी किया था। हालाकि बाद में सभी को बंगले खाली करने पड़े। इसको लेकर राज्य में जमकर सियासत भी हुई थी। बाद में अखिलेश यादव के बंगले में की गई तोड़फोड़ और टोटियां गायब होने के मामले ने तूल पकड़ा तो अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेस भी की थी, जिसमें वह टोटी लेकर पहुंचे थे। इस प्रेसकांन्फ्रेस में उन्होने खुद पर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया था।

 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 4 विक्रमादित्य मार्ग में स्थित सरकारी बंगले में हुई तोडफोड़ की ​​जांच पीडब्लूडी ने पूरी कर ली। उसने अपनी जांच रिपोर्ट प्रमुख सचिव राज्य सम्पति विभाग को सौंप दी। जिसके मुताबिक बंगले में 10 लाख रूपए का नुकसान हुआ है। अब विभाग इस जांच रिपोर्ट की एक प्रति न्यायालय में दाखिल करने की तैयारी में है। जिसके बाद अखिलेश यादव को नोटिश जारी कर इसकी रिकवरी भी की जा सकती है।जांच रिपोर्ट के मुताबिक बंगले की छत से लेकर किचन, बाथरूम और लॉन के साथ-साथ जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बैडमिंटन कोर्ट और साइकिल ट्रैक पर तोड़फोड़ की गई है। इसके साथ ही बंगले के टाइल्स, सेनेट्री और इलेक्ट्रिक वायरिंग को ​क्षतिग्रस्त किया गया है। बता दें कि राज्य सम्पति अधिकारी योगेश कुमार शुक्ला ने मामले की जांच रिपोर्ट प्रमुख सचिव राज्य संपत्ति विभाग को सौंपे जाने की पुष्टि की। उनके मुताबिक 266 पेज की जांच रिपोर्ट तैयार की गई थी, जो राज्य सम्पति विभाग को सौंप ​दी गई है।पीडब्लूडी विभाग ने 266 पेज की रिपोर्ट के साथ एक सीडी भी सौंपी है। इस सीडी में सरकारी बंगले में की गई तोड़फोड़ की वीडियाग्राफी है। बता दें कि अखिलेश यादव ने बीते 8 जून को बंगला राज्य सम्पत्ति विभाग को सौंपा था, इसके बाद जब विभाग ने बंगले की जांच कराई तो वहां भारी मात्रा में तोड़फोड़ देख पीडब्लूडी विभाग को जांच कर वहां हुए नुकसान का आंकलन करने को कहा था।बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सालों से सरकारी बंगलों पर कब्जा जमाए बैठे पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास खाली करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्रियों ने इसका विरोध भी किया था। हालाकि बाद में सभी को बंगले खाली करने पड़े। इसको लेकर राज्य में जमकर सियासत भी हुई थी। बाद में अखिलेश यादव के बंगले में की गई तोड़फोड़ और टोटियां गायब होने के मामले ने तूल पकड़ा तो अखिलेश यादव ने प्रेस कांफ्रेस भी की थी, जिसमें वह टोटी लेकर पहुंचे थे। इस प्रेसकांन्फ्रेस में उन्होने खुद पर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया था।