चंबल में भैंसों के अपहरण के बाद मांगी जा रही है फिरौती, लोगों में दहशत

buffalo kidnapping
चंबल में भैंसों के अपहरण के बाद मांगी जा रही है फिरौती, लोगों में दहशत

नई दिल्ली। जो चंबल पहले कभी इंसानों के अपहरण और फिरौती जैसे अपराधों के लिए जाना जाता था वहां आज भैंसों का अपहरण किया जा रहा है और उसके बदले फिरौती मांगी जा रही है। लगातार भैंसों के अपहरण और फिरौती वसूलने के मामलों ने पुलिस की नींद उड़ा दी है वहीं लोग भी काफी दहशत हैं। बताया जाता है कि मध्यप्रदेश के भिंड-मुरैना में इसे स्थानीय भाषा में पनिहाई कहा जाता है।

In Chambal Ransom Is Being Sought After Buffalo Kidnapping People Panic :

बताया गया कि भैंस की जो रियल कीमत होती है, पनिहाई से कीमत 30 फीसदी बढ़ाकर ली जाती है। जो मवेशी भैंस चोरी करते हैं, वह मध्यस्थों के जरिए एकमुश्त रकम लेकर चोरी की गई भैंस को उसके मालिक तक पहुंचा देते हैं। हालांकि पुलिस घटनाओं पर अंकुश लगाने के पूरे प्रयास कर रही है लेकिन इन मवेशी चोरों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। लोगों ने घटनाओं से तंग आकर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन भी किये हैं।

पुलिस का कहना है कि जब भी पुलिस छापेमारी के लिए जाती है तो स्थानीय लोग प्रतिरोध में खड़े हो जाते हैं। बताया जाता है कि चोरी की कोई भी भैंस बिना पहिनाई के नही मिलती। भैंस चोरी होने के बाद मध्यस्थों के जरिये ही मिल पाती है। औसतन एक भैंस की कीमत लगभग 50 हजार है, ऐसे में 30 फीसदी दाम बढ़ाकर चोर वसूली करते हैं। यह भी कहा जाता है कि जिसकी भैंस चोरी जाती है वह सामाजिक अपमान के डर से पुलिस में केस दर्ज नहीं कराते।

नई दिल्ली। जो चंबल पहले कभी इंसानों के अपहरण और फिरौती जैसे अपराधों के लिए जाना जाता था वहां आज भैंसों का अपहरण किया जा रहा है और उसके बदले फिरौती मांगी जा रही है। लगातार भैंसों के अपहरण और फिरौती वसूलने के मामलों ने पुलिस की नींद उड़ा दी है वहीं लोग भी काफी दहशत हैं। बताया जाता है कि मध्यप्रदेश के भिंड-मुरैना में इसे स्थानीय भाषा में पनिहाई कहा जाता है। बताया गया कि भैंस की जो रियल कीमत होती है, पनिहाई से कीमत 30 फीसदी बढ़ाकर ली जाती है। जो मवेशी भैंस चोरी करते हैं, वह मध्यस्थों के जरिए एकमुश्त रकम लेकर चोरी की गई भैंस को उसके मालिक तक पहुंचा देते हैं। हालांकि पुलिस घटनाओं पर अंकुश लगाने के पूरे प्रयास कर रही है लेकिन इन मवेशी चोरों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। लोगों ने घटनाओं से तंग आकर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन भी किये हैं। पुलिस का कहना है कि जब भी पुलिस छापेमारी के लिए जाती है तो स्थानीय लोग प्रतिरोध में खड़े हो जाते हैं। बताया जाता है कि चोरी की कोई भी भैंस बिना पहिनाई के नही मिलती। भैंस चोरी होने के बाद मध्यस्थों के जरिये ही मिल पाती है। औसतन एक भैंस की कीमत लगभग 50 हजार है, ऐसे में 30 फीसदी दाम बढ़ाकर चोर वसूली करते हैं। यह भी कहा जाता है कि जिसकी भैंस चोरी जाती है वह सामाजिक अपमान के डर से पुलिस में केस दर्ज नहीं कराते।