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झांसी में जीजा ने साली को परीक्षा में करवाया टॉप, 3 साल ​के लिए डिबार घोषित

In Jhansi Brother In Law Gets Sali Top In Exam Declared Debar For 3 Years

झांसी। यूपी में आजकल शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के मामले लगातार उजागर हो रहे हैं। यूपी में अनामिका शुक्ला कांड की आंच अभी ठंडी भी नहीं पड़ पाई थी कि एक बार फिर से एक नए कांड ने यूपी में तहलका मचा दिया है. इस नए कांड के मुख्य सूत्रधार जीजा और साली है. मामला बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ है, जहां कंप्यूटर साइंस विभाग में तैनात डॉक्टर विक्रम निरंजन ने कंप्यूटर साइंस विभाग में पढ़ाई कर रही साली को कंप्यूटर साइंस की परीक्षा में टॉप करवा दिया. जीजा विक्रम निरंजन ने खुद ही परिक्षा का पेपर बनाया और साली ने परीक्षा दी. जीजा जी ने साली की खुद कॉपी जांची और 100 में से साली साहिबा को जीजा जी ने 91 नम्बर देकर परीक्षा में टॉप करा दिया.

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जब ये प्रकरण यूनिवर्सिटी के वीसी के सामने आई तो हड़कम्प मच गया. आनन-फानन में पूरे मामले में वीसी वैशम्पायन ने जांच समिति बनाकर पूरे मामले की जांच दो दिन में देने का आदेश दिया. समिति की जांच रिपोर्ट में मामला सही पाया गया. जीजा विक्रम निरंजन को दोषी मानते हुए जांच समिति ने रिपोर्ट वीसी को सौंपी. वीसी ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी विभागाध्यक्ष विक्रम निरंजन को विश्वद्याल परीक्षा से तीन साल के लिये डिबार घोषित कर दिया. इस पूरे प्रकरण की जांच अब जिला प्रशासनिक स्तर से भी शुरू हो गई है.

इस पूरे प्रकरण में कुलपति का कहना है कि शिकायत मिली थी कि इंजीनियरिंग विभाग के एक प्रोफ़ेसर ने परीक्षा में अपने रिश्तेदार की मदद की. जांच में आरोप सही साबित हुई. कॉपी का जब पुनर्मूल्यांकन में भी यह बात साबित हुई. साथ ही प्रोफ़ेसर ने भी यह बात स्वीकार की है. उन्होंने कहा कि अगर कोई रिश्तेदार स्टूडेंट है तो कोई भी प्रोफ़ेसर क्वेश्चन पेपर सेट नहीं कर सकता. बावजूद इसके ऐसा हुआ. अब सम्बंधित प्रोफ़ेसर को तीन साल के लिए परीक्षा से डीबार कर दिया गया है.

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