महाराष्ट्र में प्रोटेम स्पीकर बदले जाने को फडणवीस ने बताया नियम विरुद्ध, उद्धव सरकार पर लगाए ये आरोप

devendra fadnavis

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में प्रोटेम स्पीकर बदले जाने पर भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना गठबंधन को आड़े हाथों लिया है। फडणवीस ने कहा है कि गुप्त रूप से सदन को क्यों बुलाया जा रहा है। राज्यपाल द्वारा नियुक्त प्रोटेम स्पीकर को क्यों बदला जा रहा है। तीनों पार्टियां अपने ही विधायकों पर शक कर रही हैं।

In Maharashtra Fadnavis Told The Change Of The Protem Speaker Against The Rules These Allegations Against The Government :

देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट कर कहा कि पहली कैबिनेट में नई सरकार ने किसानों की मदद पर चर्चा नहीं की। इसके बजाए सबकी नजरों से बचाकर बहुमत साबित किया जा रहा है। इस सरकार के पास बहुमत है तो गुप्त रूप से सदन को क्यों बुलाया गया है। आपको बता दें कि एनसीपी के वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे पाटिल को शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा का अस्थायी (प्रोटेम) अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वह बीजेपी के कालिदास कोलंबकर की जगह लेंगे जिन्हें विधायकों को शपथ दिलाने के दौरान पूर्व में अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। पाटिल पहले भी विधानसभा के अध्यक्ष रहे हैं।

महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने उद्धव सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रोटेम स्पीकर पद पर कालिदास कोलम्बकर की जगह दिलीप वालसे पाटिल को नियुक्त किया गया है। यह कानूनी रूप से गलत है। उन्होंने शपथ भी नियमों के अनुसार नहीं ली है। यह सरकार सभी नियमों का उल्लंघन कर रही है। इस मामले में हम राज्यपाल के पास याचिका दायर कर रहे हैं। भविष्य में हम सुप्रीम कोर्ट में भी अपील कर सकते हैं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मे बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं।

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में प्रोटेम स्पीकर बदले जाने पर भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना गठबंधन को आड़े हाथों लिया है। फडणवीस ने कहा है कि गुप्त रूप से सदन को क्यों बुलाया जा रहा है। राज्यपाल द्वारा नियुक्त प्रोटेम स्पीकर को क्यों बदला जा रहा है। तीनों पार्टियां अपने ही विधायकों पर शक कर रही हैं। https://twitter.com/Dev_Fadnavis/status/1200310571817558016 देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट कर कहा कि पहली कैबिनेट में नई सरकार ने किसानों की मदद पर चर्चा नहीं की। इसके बजाए सबकी नजरों से बचाकर बहुमत साबित किया जा रहा है। इस सरकार के पास बहुमत है तो गुप्त रूप से सदन को क्यों बुलाया गया है। आपको बता दें कि एनसीपी के वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे पाटिल को शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा का अस्थायी (प्रोटेम) अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वह बीजेपी के कालिदास कोलंबकर की जगह लेंगे जिन्हें विधायकों को शपथ दिलाने के दौरान पूर्व में अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। पाटिल पहले भी विधानसभा के अध्यक्ष रहे हैं। महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने उद्धव सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रोटेम स्पीकर पद पर कालिदास कोलम्बकर की जगह दिलीप वालसे पाटिल को नियुक्त किया गया है। यह कानूनी रूप से गलत है। उन्होंने शपथ भी नियमों के अनुसार नहीं ली है। यह सरकार सभी नियमों का उल्लंघन कर रही है। इस मामले में हम राज्यपाल के पास याचिका दायर कर रहे हैं। भविष्य में हम सुप्रीम कोर्ट में भी अपील कर सकते हैं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मे बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली हैं।