नेपाल में भारतीय वाहनों के भंसार शुल्क के बढोत्तरी पर एतराज

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नेपाल में भारतीय वाहनों के भंसार शुल्क के बढोत्तरी पर एतराज

महराजगज:भारत-नेपाल सीमा सोनौली के व्यापारियों ने नेपाल सरकार द्वारा भारतीय दो पहिया और चार पहिया वाहनों पर बढ़ाये गए भन्सार शुल्क पर एतराज जताया है।

In Nepal Objection On The Increase In The Amount Of Indian Vehicles :

व्यापारियों का कहना है कि प्रतिदिन एक हजार भारतीय दो पहिया और चार पहिया वाहन नेपाल जाती है। जिसमे पहले दो पहिया वाहन का 113 रुपये नेपाली लगता था अब 150 रुपये लिए जा रहे है जबकि चार पहिया का 452 रुपये की जगह अब 500 रुपये नेपाली मुद्रा लिया जा रहा है। सैकड़ो भारतीय लोग प्रतिदिन नेपाल जाते है उनके ऊपर प्रतिदिन के हिसाब से काफी मार पड़ रही है । नेपाल की सीमा में प्रवेश करने वाले भारतीय वाहनों को लगने वाले नेपाली भंसार (सीमा शुल्क) में नेपाल सरकार द्वारा अचानक की गई भारी बढ़ोतरी से भारतीय सीमा क्षेत्र के वाहन मालिकों समेत आम नागरिक क्षुब्ध हैं।

प्रति चौबीस घटे के लिए दो पहिया बाइक पर लगने वाला नेपाली भंसार नेपाली रुपए 113 से 150 चार पहिया वाहन पर 452 से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है। इसके विपरीत भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाले नेपाली नंबर के वाहनों की भारतीय सीमा शुल्क कार्यालय में रजिस्टर पर सिर्फ कस्टम इंट्री होती है। अर्थात नेपाली वाहनों को कोई सीमा शुल्क नहीं देना पड़ता है।

नेपाल की सीमा में भारतीय वाहनों पर लगाए गए इतने भारी भरकम भंसार पर स्थानीय व्यापारी नेता व्यापार मंडल अध्यक्ष बबलू सिह,सुभाष जायसवाल,संजीव जायसवाल,रवि वर्मा, प्रताप मद्देशिया, कृष्णा मुरारी,आशुतोष त्रिपाठी, अरुण दुबे, संजय वर्मा, धर्मेंद्र मोदनवाल, मोहन केसरवानी, सदानन्द पांडेय,अनिकेत जायसवाल,सुनील गुप्ता सहित कई लोगो ने कड़ा एतराज जताया है। साथ ही भारतीय दो पहिया और चार पहिया से नेपाल सरकार से भंसार शुल्क वृद्धि को वापस लिए जाने की माग की है।

इस सम्बंध में भन्सार कस्टम चीफ कमल कुमार भटराई ने बताया कि नेपाल सरकार द्वारा यह शुल्क घोषित बजट में बढ़ाया गया है। जिसे आज से लागू किया गया।

रिपोर्ट-विजय चौरसिया

महराजगज:भारत-नेपाल सीमा सोनौली के व्यापारियों ने नेपाल सरकार द्वारा भारतीय दो पहिया और चार पहिया वाहनों पर बढ़ाये गए भन्सार शुल्क पर एतराज जताया है। व्यापारियों का कहना है कि प्रतिदिन एक हजार भारतीय दो पहिया और चार पहिया वाहन नेपाल जाती है। जिसमे पहले दो पहिया वाहन का 113 रुपये नेपाली लगता था अब 150 रुपये लिए जा रहे है जबकि चार पहिया का 452 रुपये की जगह अब 500 रुपये नेपाली मुद्रा लिया जा रहा है। सैकड़ो भारतीय लोग प्रतिदिन नेपाल जाते है उनके ऊपर प्रतिदिन के हिसाब से काफी मार पड़ रही है । नेपाल की सीमा में प्रवेश करने वाले भारतीय वाहनों को लगने वाले नेपाली भंसार (सीमा शुल्क) में नेपाल सरकार द्वारा अचानक की गई भारी बढ़ोतरी से भारतीय सीमा क्षेत्र के वाहन मालिकों समेत आम नागरिक क्षुब्ध हैं। प्रति चौबीस घटे के लिए दो पहिया बाइक पर लगने वाला नेपाली भंसार नेपाली रुपए 113 से 150 चार पहिया वाहन पर 452 से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है। इसके विपरीत भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाले नेपाली नंबर के वाहनों की भारतीय सीमा शुल्क कार्यालय में रजिस्टर पर सिर्फ कस्टम इंट्री होती है। अर्थात नेपाली वाहनों को कोई सीमा शुल्क नहीं देना पड़ता है। नेपाल की सीमा में भारतीय वाहनों पर लगाए गए इतने भारी भरकम भंसार पर स्थानीय व्यापारी नेता व्यापार मंडल अध्यक्ष बबलू सिह,सुभाष जायसवाल,संजीव जायसवाल,रवि वर्मा, प्रताप मद्देशिया, कृष्णा मुरारी,आशुतोष त्रिपाठी, अरुण दुबे, संजय वर्मा, धर्मेंद्र मोदनवाल, मोहन केसरवानी, सदानन्द पांडेय,अनिकेत जायसवाल,सुनील गुप्ता सहित कई लोगो ने कड़ा एतराज जताया है। साथ ही भारतीय दो पहिया और चार पहिया से नेपाल सरकार से भंसार शुल्क वृद्धि को वापस लिए जाने की माग की है। इस सम्बंध में भन्सार कस्टम चीफ कमल कुमार भटराई ने बताया कि नेपाल सरकार द्वारा यह शुल्क घोषित बजट में बढ़ाया गया है। जिसे आज से लागू किया गया। रिपोर्ट-विजय चौरसिया