ओवैसी ने सदन में फाड़ी नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी, सरकार को बताया मुस्लिम विरोधी

Owaisi
ओवैसी ने सदन में फाड़ी नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी, सरकार को बताया मुस्लिम विरोधी

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने जो नागरिकता संशोधन विधेयक आज लोकसभा में पेश किया है उसमें बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के हिंदू, जैन, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसी समुदाय को भारतीय नागरिकता देने का प्रस्ताव है। मुस्लिमों के लिए इस विधेयक में कुछ नही है, बस इसी बात को लेकर विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर हमला करना शुरू कर दिया है। वहीं एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी को चर्चा के दौरान सदन में फाड़ दिया और सरकार पर मुस्लिम विरोधी का आरोप लगा दिया।

In The House Owaisi Torn Copy Of Citizenship Amendment Bill Told The Government Anti Muslim :

इस दौरान ओवैसी ने कहा कि देश का एक और बंटवारा होने वाला है, यह कानून हिटलर के कानून से भी बदतर है। गांधी का जिक्र करते हुए ओवैसी ने भाषण के दौरान ही बिल की कॉपी फाड़ दी। ओवैसी ने कहा यह बिल संविधान की मूल आत्मा के विरुद्ध है। आपको बता दें कि ओवैसी ने धार्मिक आधार पर नागरिकता बिल लाने का आरोप पहले भी लगाया था।

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि नागरिकता बिल से देश को खतरा है। उन्होने कहा कि मैं आपसे हाथ जोड़कर अपील कर रहा हूं कि इस मुल्क को ऐसे कानून से बचा लीजिए। उन्होने कहा कि सेक्युलिरज्म इस देश के बेसिक स्ट्रक्चर का हिस्सा है। यह बिल हमारे मूल अधिकारों का हनन करता है। हमारे मुल्क में सिटिजनशिप का कॉन्सेप्ट सिंगल है। आप यह बिल लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन कर रहे हैं।

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने जो नागरिकता संशोधन विधेयक आज लोकसभा में पेश किया है उसमें बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के हिंदू, जैन, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसी समुदाय को भारतीय नागरिकता देने का प्रस्ताव है। मुस्लिमों के लिए इस विधेयक में कुछ नही है, बस इसी बात को लेकर विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर हमला करना शुरू कर दिया है। वहीं एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी को चर्चा के दौरान सदन में फाड़ दिया और सरकार पर मुस्लिम विरोधी का आरोप लगा दिया। इस दौरान ओवैसी ने कहा कि देश का एक और बंटवारा होने वाला है, यह कानून हिटलर के कानून से भी बदतर है। गांधी का जिक्र करते हुए ओवैसी ने भाषण के दौरान ही बिल की कॉपी फाड़ दी। ओवैसी ने कहा यह बिल संविधान की मूल आत्मा के विरुद्ध है। आपको बता दें कि ओवैसी ने धार्मिक आधार पर नागरिकता बिल लाने का आरोप पहले भी लगाया था। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि नागरिकता बिल से देश को खतरा है। उन्होने कहा कि मैं आपसे हाथ जोड़कर अपील कर रहा हूं कि इस मुल्क को ऐसे कानून से बचा लीजिए। उन्होने कहा कि सेक्युलिरज्म इस देश के बेसिक स्ट्रक्चर का हिस्सा है। यह बिल हमारे मूल अधिकारों का हनन करता है। हमारे मुल्क में सिटिजनशिप का कॉन्सेप्ट सिंगल है। आप यह बिल लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन कर रहे हैं।