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विधान परिषद के पूर्व सभापति की जांच रिपोर्ट एक में पॉजिटिव तो एक नेगेटिव बताया , हड़कंप

In The Investigation Report Of The Former Chairman Of The Legislative Council In One Positive It Was Said To Be Negative Stirring

By ravijaiswal 
Updated Date

तिलक पैथोलॉजी गोरखपुर से सावधान रहें :- मामला हमारे पिता पूर्व सभापति विधानपरिषद श्री गणेश शंकर पाण्डेय जी का है, जो कि 26 अगस्त 2020 को तिलक पैथोलॉजी गोरखपुर में अपना कोविड टेस्ट कराया, आधे घंटे बाद मैंने गोरखपुर प्रशासन से बात कर उनका दूसरा सेम्पल मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में दिया, और शाम तक तिलक पैथोलॉजी का रिपोर्ट पॉजिटिव आया,पिता जी ने खुद को क्वारन्टीन कर अपने संपर्क में आये सभी लोगो को सरकारी निदेशों का पालन करने को कहा, कोविड रिपोर्ट के बारे में सुन कर परिजन व शुभचिंतक स्तब्ध हो गए और उन्हें अपार मानसिक कष्ट पहुँचा। सभी उनकी तबीयत को ले के चिंतिंत हो गए दूसरे दिन 27 अगस्त को लखनऊ प्रशासन के सहयोग से उन्हें लखनऊ मेदांता अस्पताल में कोविड वार्ड के प्राइवेट कमरा में एडमिट कराया गया, एडमिट होने के 5 घण्टे बाद मेडिकल कॉलेज का रिपोर्ट नेगेटिव आया, त्वरित इसकी सूचना जिला प्रशासन गोरखपुर ने हमें दिया। तत्काल प्रसासन से बात कर उन्हें डिस्चार्ज कराया गया, फिर तिलक पैथोलॉजी के मालिक से बात करने पर उन्होंने बताया कि ये हम RTPCR से टेस्ट नहीं करते बल्कि TRUENAT Beta मशीन पर RTPCR विधि से करते हैं, जबकि RTPCR मशीन मेडिकल कॉलेज में लगी हुई है, यानी अबतक हम ये सोचकर चल रहे थे कि हमारा टेस्ट RTPCR से हुआ है, वो तो शुक्र है कि मेडिकल कालेज पर विश्वास करते हुए हमने दूसरा सेम्पल भेज दिया जिसमें गोरखपुर प्रशासन ने हमारे पिता जी को एक बड़ी संकट से बचाया है। सोचने वाली बात है कि यदि विधानपरिषद के पुर्व सभापति के साथ ऐसा किया जा रहा है तो सामान्य व्यक्ति के साथ क्या होता होगा । इसके फर्जी रिपोर्ट के कारण व्यक्ति पॉजिटिव न होने के बाद भी पॉजिटिव हो जाता, ऐसे में 65 वर्षीय पिता जी व हम सपरिवार कितनी बड़ी मानसिक तनाव से गुजरे। जो 5 घण्टे कोरोना मरीजों के बीच बिना पॉजिटिव होते हुए भी उनके बीच रहना पड़ा ये काफी चिंताजनक है। विशेष सहयोग हेतु हम गोरखपुर व लखनऊ जिला प्रशासन का आभार प्रकट करते हैं ।
इस प्रकार तिलक पैथोलॉजी वाले धनउगाही के चक्कर में कितने सामान्य व्यक्ति की जान से खेल रहे हैं, एवं ऐसे पैथोलॉजी सेंटर को तत्काल सीज कर कार्यवाही करनी चाहिए ।

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