मोदी सरकार ने उठाये ये ऐतिहासिक कदम, देशभर में खूब हुई चर्चा

modi goverment decision
दूसरे कार्यकाल में मोदी सरकार ने लिए ये बड़े एतिहासिक फैसले

नई दिल्ली। मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में बड़े फैसले लेना शुरू कर दी है। दूसरे कार्यकाल में ये दूसरा बड़ा फैसला लिया है। धारा 370 हटाए जाने से पहले ​तीन तलाक पर सरकार ने बड़ा कदम उठाया था। आज हम जानेंगे मोदी सरकार ने अब तक कौन-कौन से एतेहासिक फैसले लिए हैं जिससे पूरा देश हिल गया।

In The Second Term Modi Government Took These Big Historical Decisions :

ये हैं मोदी सरकार के अबतक के ऐतिहासिक फैसले:
  1. नोटबंदी: रातों रात लिए गए इस फैसले ने पूरे देश को हिला दिया था। 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री ने नोटबंदी का फैसला लिया था। इसमें 500 और एक हजार के पुराने नोट बंद कर दिए गए थे। जिसके कुछ दिनों बाद नए नोटों को लांच किया गया था।

2. GST: 1 जुलाई 2017 को जीएसटी पर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया था। जिससे व्यापार मण्डल में कई तरह के उतार चढ़ाव देखने को मिले थे।

3. सर्जिकल स्ट्राइक: 28 सितंबर 2016 को सरकार ने उरी हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक किया था।

4. बालाकोट एयरस्ट्राइक: 26 फरवरी, 2019 पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों ने     पाकिस्तान की सीमा में घुसकर बालाकोट में एयरस्ट्राइक की कार्रवाई को अंजाम दिया और आतंकी ठिकानों पर बम बरसाए।

5. ट्रिपल तलाक: 30 जुलाई 2019 को राज्यसभा तीन तलाक बिल पास कराने में सफल हुई। सदन में 99 वोट बिल के पक्ष में पड़े और 84 वोट बिल के विरोध में पड़े है।

6. आर्टिकल 370: वहीं आज 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने का फैसला ले लिया गया है। जिसके चलते अब कश्मीर में जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख के दो केंद्र शासित क्षेत्रों के रूप में करने का प्रस्ताव लिया गया है।

दिल्ली की तरह होगा जम्मू कश्मीर में चुनाव
बताते चलें कि इसके साथ ही  जम्मू-कश्मीर को दूसरे राज्यों से मिले ज्यादा अधिकार खत्म ही नहीं बल्कि कम भी हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर की हालत अब दिल्ली जैसे राज्य की तरह हो गई है। अब जम्मू-कश्मीर में चुनाव होंगे और सरकारें भी होंगी, लेकिन उपराज्यपाल का दखल काफी बढ़ जाएगा। दिल्ली की तरह जिस प्रकार सरकार को सारी मंजूरी उपराज्यपाल से लेनी होती है, उसी प्रकार अब जम्मू-कश्मीर में भी होगा। वहीं, इस फैसले को लेकर राज्यसभा में इस दौरान कांग्रेस समेत अधिकतर विपक्षी दलों ने विधेयक का विरोध करते हुए हंगामा किया और आसन के समक्ष धरने पर बैठ गये।

नई दिल्ली। मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में बड़े फैसले लेना शुरू कर दी है। दूसरे कार्यकाल में ये दूसरा बड़ा फैसला लिया है। धारा 370 हटाए जाने से पहले ​तीन तलाक पर सरकार ने बड़ा कदम उठाया था। आज हम जानेंगे मोदी सरकार ने अब तक कौन-कौन से एतेहासिक फैसले लिए हैं जिससे पूरा देश हिल गया।
ये हैं मोदी सरकार के अबतक के ऐतिहासिक फैसले:
  1. नोटबंदी: रातों रात लिए गए इस फैसले ने पूरे देश को हिला दिया था। 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री ने नोटबंदी का फैसला लिया था। इसमें 500 और एक हजार के पुराने नोट बंद कर दिए गए थे। जिसके कुछ दिनों बाद नए नोटों को लांच किया गया था।
2. GST: 1 जुलाई 2017 को जीएसटी पर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया था। जिससे व्यापार मण्डल में कई तरह के उतार चढ़ाव देखने को मिले थे। 3. सर्जिकल स्ट्राइक: 28 सितंबर 2016 को सरकार ने उरी हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक किया था। 4. बालाकोट एयरस्ट्राइक: 26 फरवरी, 2019 पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों ने     पाकिस्तान की सीमा में घुसकर बालाकोट में एयरस्ट्राइक की कार्रवाई को अंजाम दिया और आतंकी ठिकानों पर बम बरसाए। 5. ट्रिपल तलाक: 30 जुलाई 2019 को राज्यसभा तीन तलाक बिल पास कराने में सफल हुई। सदन में 99 वोट बिल के पक्ष में पड़े और 84 वोट बिल के विरोध में पड़े है। 6. आर्टिकल 370: वहीं आज 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने का फैसला ले लिया गया है। जिसके चलते अब कश्मीर में जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख के दो केंद्र शासित क्षेत्रों के रूप में करने का प्रस्ताव लिया गया है। दिल्ली की तरह होगा जम्मू कश्मीर में चुनाव बताते चलें कि इसके साथ ही  जम्मू-कश्मीर को दूसरे राज्यों से मिले ज्यादा अधिकार खत्म ही नहीं बल्कि कम भी हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर की हालत अब दिल्ली जैसे राज्य की तरह हो गई है। अब जम्मू-कश्मीर में चुनाव होंगे और सरकारें भी होंगी, लेकिन उपराज्यपाल का दखल काफी बढ़ जाएगा। दिल्ली की तरह जिस प्रकार सरकार को सारी मंजूरी उपराज्यपाल से लेनी होती है, उसी प्रकार अब जम्मू-कश्मीर में भी होगा। वहीं, इस फैसले को लेकर राज्यसभा में इस दौरान कांग्रेस समेत अधिकतर विपक्षी दलों ने विधेयक का विरोध करते हुए हंगामा किया और आसन के समक्ष धरने पर बैठ गये।