सावन मे महज जल की 4 बूंदों से भोले हो जाते हैं प्रसन्न, इस उपाय से हर संकट होगा दूर…

sawan

सावन का महीना शुरू हो गया है भोले का हर भक्त जल अभिषेक करना चाहता है। लेकिन क्या आप जनते हैं, सावन मे महादेव का अभिषेक करने से जीवन की हर समस्या दूर हो जाती है।

In The Spring Only 4 Drops Of Naive Water Are Happy This Solution Will Remove Every Crisis :

ऐसा माना जाता है सावन खुद धरती पर अवतरित होते हैं और अपने भक्तों की समस्या को हर लेते हैं। शिवभक्त जलाभिषेक कर शिव को प्रसन्न करते हुए अपनी मनोकामनाओं की पूर्ती की चाहत रखता हैं।

दरअसल, आज हम आपको सावन का एक चार बूंदों वाला उपाय बताने जा रहे हैं जो आपकी किस्मत चमकाएगा। जी हाँ, सावन के इस महीने में भगवान शिव केवल जल की चार बूँदें चढाने मात्र से प्रसन्न हो जाते हैं। और इसके बदले में वे हमें कई सुख प्रदान करते हैं।

जल की महज 4 बूंदों से हो जातें हैं प्रसन्न 

भगवान शंकर जल की चार बूंदें चढ़ाने मात्र से प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों को चार बूंदों के बदले चार फर्ज-अर्थ, धर्म, काम व मोक्ष प्रदान करते हैं। भगवान शंकर को जल चढ़ाने से परम शान्ति मिलती है।

पौराणिक कथाओं की माने तो ऐसा काहा जाता है समुद्र मंथन से निकले विष का शिव जी ने पान किया था इसलिए शिव के शरीर का ताप बहुत बढ़ गया था और उस ताप को शीतलता प्रदान करने के लिए इन्द्रदेव ने मूसलाधार वर्षा कराई। लगातार वर्षा की वजह भगवान भोलेनाथ के विष का ताप समाप्त हो गया और उन्हें शान्ति मिली।

समस्या से मिलता है छुटकारा

Sawan 2020: इस दिन से शुरू हो रहा सावन का पवित्र महीना, भूल से भी ना करें ये काम

सावन मे भोले धरती का भ्रमण करतें हैं ऐसा हम नहीं कहते बल्कि कई पुराणों ऐसा कहा गया है कि शिव श्रवण मास मे धरती पर निवास करतें हैं। और इसी वजह से और भगवान शंकर को जल चढ़ाने से जीवन के विष यानी समस्याओं का निदान होता है।

महामृत्युंजय

जन्म कुण्डली में काल सर्प दोष वाले जातकों को श्रावण मास में भगवान् शिव की विशेष पूजा-अर्चना, व्रत, उपवास, शिव चालीसा, रुद्राभिषेक व महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। अत: हमें कम से कम सावन मास में शिव आराधना करते हुए शिवजी को चार बूंद जल अवश्य अर्पित करना चाहिए। इससे हमें अर्थ, धर्म, काम व मोक्ष की प्राप्ति होती है।

सावन का महीना शुरू हो गया है भोले का हर भक्त जल अभिषेक करना चाहता है। लेकिन क्या आप जनते हैं, सावन मे महादेव का अभिषेक करने से जीवन की हर समस्या दूर हो जाती है। ऐसा माना जाता है सावन खुद धरती पर अवतरित होते हैं और अपने भक्तों की समस्या को हर लेते हैं। शिवभक्त जलाभिषेक कर शिव को प्रसन्न करते हुए अपनी मनोकामनाओं की पूर्ती की चाहत रखता हैं। दरअसल, आज हम आपको सावन का एक चार बूंदों वाला उपाय बताने जा रहे हैं जो आपकी किस्मत चमकाएगा। जी हाँ, सावन के इस महीने में भगवान शिव केवल जल की चार बूँदें चढाने मात्र से प्रसन्न हो जाते हैं। और इसके बदले में वे हमें कई सुख प्रदान करते हैं।

जल की महज 4 बूंदों से हो जातें हैं प्रसन्न 

भगवान शंकर जल की चार बूंदें चढ़ाने मात्र से प्रसन्न हो जाते हैं और भक्तों को चार बूंदों के बदले चार फर्ज-अर्थ, धर्म, काम व मोक्ष प्रदान करते हैं। भगवान शंकर को जल चढ़ाने से परम शान्ति मिलती है। पौराणिक कथाओं की माने तो ऐसा काहा जाता है समुद्र मंथन से निकले विष का शिव जी ने पान किया था इसलिए शिव के शरीर का ताप बहुत बढ़ गया था और उस ताप को शीतलता प्रदान करने के लिए इन्द्रदेव ने मूसलाधार वर्षा कराई। लगातार वर्षा की वजह भगवान भोलेनाथ के विष का ताप समाप्त हो गया और उन्हें शान्ति मिली।

समस्या से मिलता है छुटकारा

Sawan 2020: इस दिन से शुरू हो रहा सावन का पवित्र महीना, भूल से भी ना करें ये काम सावन मे भोले धरती का भ्रमण करतें हैं ऐसा हम नहीं कहते बल्कि कई पुराणों ऐसा कहा गया है कि शिव श्रवण मास मे धरती पर निवास करतें हैं। और इसी वजह से और भगवान शंकर को जल चढ़ाने से जीवन के विष यानी समस्याओं का निदान होता है।

महामृत्युंजय

जन्म कुण्डली में काल सर्प दोष वाले जातकों को श्रावण मास में भगवान् शिव की विशेष पूजा-अर्चना, व्रत, उपवास, शिव चालीसा, रुद्राभिषेक व महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। अत: हमें कम से कम सावन मास में शिव आराधना करते हुए शिवजी को चार बूंद जल अवश्य अर्पित करना चाहिए। इससे हमें अर्थ, धर्म, काम व मोक्ष की प्राप्ति होती है।