इस रूप में करें हनुमानजी की पूजा, बदल जायेगा किस्मत

hanuman-ji

कलियुग में हनुमान सबसे जल्दी फल देने वाले और विघ्नकारक माने जाते हैं। अगर आप अपने दुर्भाग्य से मुक्ति पाना चाहते हैं तो आपको हनुमान जी की जिसमें वो प्रभु राम, लक्ष्मण और सीता माता के चरणों में बैठे हों। ऐसी तस्वीर जिसमें स्वयं पवनपुत्र भक्ति भाव में हों उसकी पूजा करने से वो जल्दी प्रसन्न होते हैं।

In This Form Worship Of Hanumanji Will Change :

ऐसी मूर्ति की करें पूजा:

सफेद स्वरूप और रंगीन वस्त्रों में पवनपुत्र हनुमान जी की पूजा करने से नौकरी में प्रमोशन की संभावनाएं प्रबल हो जाती हैं। हनुमान जी भक्ति भाव में लीन हैं, उसकी पूजा करने से आपको मानसिक शक्ति प्राप्त होती है साथ ही साथ आपकी एकाग्रता में भी वृद्धि होती है।

हनुमान की तस्वीर, जिसमें वो अपने साहस, पराक्रम और आत्मविश्वास से ओत-प्रोत दिखाई दें, की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके साहस में अत्याधिक वृद्धि होगी। पवनपुत्र हनुमान, सूर्यदेव को अपना गुरु मानते हैं। जिस तस्वीर में वे अपने गुरु सूर्यदेव की आराधना कर रहे हों, उसकी पूजा करने से ज्ञान, गति, उन्नति और मान-सम्मान मिलता है।

देवी-देवताओं का स्थान उत्तर दिशा में मान गया है। ऐसी तस्वीर जिसमें हनुमान जी का मुख उत्तर दिशा की ओर है। उनके इस स्वरूप की पूजा करने से घर में खुशहाली आती है। दक्षिण दिशा को यमराज का घर माना गया है, जिस स्वरूप में हनुमान जी दक्षिण की ओर मुख करके बैठे हों, उस तस्वीर की पूजा करने से मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है।

हनुमान जी को बाल ब्रह्मचारी कहा गया है, विवाहित दंपत्ति को इनकी तस्वीर कभी बेडरूम में नहीं लगानी चाहिए, इनका स्थान मंदिर में ही होना चाहिए।

कलियुग में हनुमान सबसे जल्दी फल देने वाले और विघ्नकारक माने जाते हैं। अगर आप अपने दुर्भाग्य से मुक्ति पाना चाहते हैं तो आपको हनुमान जी की जिसमें वो प्रभु राम, लक्ष्मण और सीता माता के चरणों में बैठे हों। ऐसी तस्वीर जिसमें स्वयं पवनपुत्र भक्ति भाव में हों उसकी पूजा करने से वो जल्दी प्रसन्न होते हैं।ऐसी मूर्ति की करें पूजा:सफेद स्वरूप और रंगीन वस्त्रों में पवनपुत्र हनुमान जी की पूजा करने से नौकरी में प्रमोशन की संभावनाएं प्रबल हो जाती हैं। हनुमान जी भक्ति भाव में लीन हैं, उसकी पूजा करने से आपको मानसिक शक्ति प्राप्त होती है साथ ही साथ आपकी एकाग्रता में भी वृद्धि होती है।हनुमान की तस्वीर, जिसमें वो अपने साहस, पराक्रम और आत्मविश्वास से ओत-प्रोत दिखाई दें, की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके साहस में अत्याधिक वृद्धि होगी। पवनपुत्र हनुमान, सूर्यदेव को अपना गुरु मानते हैं। जिस तस्वीर में वे अपने गुरु सूर्यदेव की आराधना कर रहे हों, उसकी पूजा करने से ज्ञान, गति, उन्नति और मान-सम्मान मिलता है।देवी-देवताओं का स्थान उत्तर दिशा में मान गया है। ऐसी तस्वीर जिसमें हनुमान जी का मुख उत्तर दिशा की ओर है। उनके इस स्वरूप की पूजा करने से घर में खुशहाली आती है। दक्षिण दिशा को यमराज का घर माना गया है, जिस स्वरूप में हनुमान जी दक्षिण की ओर मुख करके बैठे हों, उस तस्वीर की पूजा करने से मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है।हनुमान जी को बाल ब्रह्मचारी कहा गया है, विवाहित दंपत्ति को इनकी तस्वीर कभी बेडरूम में नहीं लगानी चाहिए, इनका स्थान मंदिर में ही होना चाहिए।