इस राज्य में बूढ़े माता-पिता का ध्यान न रखने पर संतानों को जाना पड़ सकता है जेल

mata pita
इस राज्य में बूढ़े माता-पिता का ध्यान ना रखने पर संतानों का जाना पड़ सकता है जेल

बिहार। माता-पिता हमारी ज़िंदगी का वो हिस्सा हैं जो हमारे जन्म लेने से लेकर हमारे बड़े होने तक में हमारी हर ज़रूरत के वक़्त साथ रहें। मगर आज की युवा पीढ़ी के हालात कुछ ऐसे हो गए हैं कि वो बड़े होने के बाद किसी ना किसी वजह से अपने माता-पिता का साथ छोड़ देते हैं। बुढ़ापे में अपने माता-पिता का साथ देने की बजाय या तो वो उनसे मुंह मोड लेते हैं या फिर उन्हें वृद्धा आश्रम के हवाले कर देते हैं। माता-पिता के साथ इस तरह के सलूक को देखते हुए बिहार में अपने बूढ़े माता-पिता का ध्यान न रखने पर उनकी संतानों को जेल जाना पड़ सकता है।

In This State Children May Need To Go To Jail If They Do Not Take Care Of Old Parents :

इस बात का फैसला मंगलवार को बिहार मंत्रिमंडल की हुई बैठक में लिया गया। बिहार में रहने वाली संतानें अगर अब अपने माता-पिता की सेवा नहीं करेंगी तो उन्हें जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा। बिहार सरकार ने ये कदम इसलिए उठाया क्योंकि संतानों के बुरे रवइये की वजह से जब माता-पिता परेशान हो गएं तो उन्होंने इस बात की शिकायत की जिसपर सरकार ने इस तरह के ज़ुल्म को महत्व देते हुए संतानों पर कार्रवाई करने को मंज़ूरी दी।

इस बैठक में ये भी फैसला लिया गया कि अब किसी भी बुजुर्ग द्वारा दिए गए आवेदन का निपटारा प्रखंड विकास पदाधिकारी को 21 दिनों के अंदर करना होगा। राज्य के वृद्धजन पेंशन योजना को भी बिहार लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम 2011 के दायरे में लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा भागलपुर में गंगा नदी पर एक नया पुल बनाने का भी निर्णय लिया गया।

बता दें कि मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन प्रस्ताव के साथ-साथ कुल 15 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

बिहार। माता-पिता हमारी ज़िंदगी का वो हिस्सा हैं जो हमारे जन्म लेने से लेकर हमारे बड़े होने तक में हमारी हर ज़रूरत के वक़्त साथ रहें। मगर आज की युवा पीढ़ी के हालात कुछ ऐसे हो गए हैं कि वो बड़े होने के बाद किसी ना किसी वजह से अपने माता-पिता का साथ छोड़ देते हैं। बुढ़ापे में अपने माता-पिता का साथ देने की बजाय या तो वो उनसे मुंह मोड लेते हैं या फिर उन्हें वृद्धा आश्रम के हवाले कर देते हैं। माता-पिता के साथ इस तरह के सलूक को देखते हुए बिहार में अपने बूढ़े माता-पिता का ध्यान न रखने पर उनकी संतानों को जेल जाना पड़ सकता है। इस बात का फैसला मंगलवार को बिहार मंत्रिमंडल की हुई बैठक में लिया गया। बिहार में रहने वाली संतानें अगर अब अपने माता-पिता की सेवा नहीं करेंगी तो उन्हें जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा। बिहार सरकार ने ये कदम इसलिए उठाया क्योंकि संतानों के बुरे रवइये की वजह से जब माता-पिता परेशान हो गएं तो उन्होंने इस बात की शिकायत की जिसपर सरकार ने इस तरह के ज़ुल्म को महत्व देते हुए संतानों पर कार्रवाई करने को मंज़ूरी दी। इस बैठक में ये भी फैसला लिया गया कि अब किसी भी बुजुर्ग द्वारा दिए गए आवेदन का निपटारा प्रखंड विकास पदाधिकारी को 21 दिनों के अंदर करना होगा। राज्य के वृद्धजन पेंशन योजना को भी बिहार लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम 2011 के दायरे में लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा भागलपुर में गंगा नदी पर एक नया पुल बनाने का भी निर्णय लिया गया। बता दें कि मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन प्रस्ताव के साथ-साथ कुल 15 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।