1. हिन्दी समाचार
  2. ख़बरें जरा हटके
  3. इस गांव मे करवाचौथ का व्रत है श्रापित, सुहाग‍िन स्‍त्री व्रत करते ही हो जाती है विधवा

इस गांव मे करवाचौथ का व्रत है श्रापित, सुहाग‍िन स्‍त्री व्रत करते ही हो जाती है विधवा

In This Village The Fast Of Karvachauth Is Cursed The Widow Becomes A Widow As Soon As She Is Married

By आराधना शर्मा 
Updated Date

नई दिल्ली: दुनियाभर में कई कई ऐसी भी जगह है जहां कई तरह के श्राप का असर आज भी नजर आता है और उसी की वजह से वहां कई तरह की समस्या नजर आती है दरअसल, आज हम आपको एक ऐसे ही एक गाव के बारे में बताने जा रहे हैं जहाँ कोई सुहाग‍िन स्‍त्री अगर करवाचौथ का व्रत रख ले तो वह व‍िधवा हो जाती है।

पढ़ें :- निर्मल सिंह की अनोखी प्रेम कहानी, 17 सालों से पत्नी के लिए रख रहे हैं करवा चौथ व्रत

है न हैरान कर देने वाला किस्सा लेकिन यह सच है। हम बात कर रहे हैं हरियाण के करनाल के तीन गांव कतलाहेडी, गोंदर और औंगद की। कहा जाता है इन जगहों पर अरसे से करवा चौथ का पर्व नहीं मनाया गया है। यहां रहने वाले लोगों का मानना है कि, ‘इन जगहों की सुहाग‍िन स्त्रियां अगर करवा चौथ का व्रत कर लें तो उनका सुहाग उजड़ जाता है।’

इसके बारे में एक कहानी म‍िलती है जिसमे बताया गया है कि इस गांव में रहने वाले लोगों के परिवार शाप‍ित हैं। यहाँ के परिवार अरसे पहले हुई भूल का आज तक पश्चाताप कर रहे हैं। वहीं अगर इस गांवों की बेट‍ियों का व‍िवाह क‍िसी दूसरे गांव में हो जाता है और वह वहां पर करवा चौथ का व्रत रखती हैं तो ऐसा कुछ नहीं होता है। अब आइए जानते हैं श्राप के बारे में।

कहानी

600 साल पहले राहड़ा की लड़की की शादी गोंदर के एक युवक से हुई थी। मायके में करवा चौथ से पहले की रात उसे सपना आया कि उसके पति की हत्या हो गई है और उसका शव बाजरे की गठरियों में छुपाकर रखा गया है। उसने यह बात मायके वालों को बताई। मायके वाले उसे लेकर करवा चौथ के दिन गोंदर पहुंचे। वहां पति के न मिलने पर उसने लोगों को सपने वाली बात बताई। उसके बताए जगह पर लोगों ने देखा कि उसके पति का शव पड़ा है।

कहा जाता है उस स्‍त्री ने उस दिन करवा चौथ का व्रत रख रखा था, इसलिए उसने घर में अपने से बड़ी महिलाओं को अपना करवा देना चाहा तो उन्होंने लेने से मना कर दिया। इससे परेशान होकर वह करवा सहित जमीन में समा गई और उसने श्राप दे दिया कि यदि भविष्य में इस गांव की किसी भी बहू ने करवा चौथ का व्रत किया तो उसका सुहाग उजड़ जाएगा। स्‍थानीय लोगों के अनुसार तकरीबन दो सौ साल पहले ब्राह्माणी के द‍िए हुये शाप की घटना के चलते यहां की महिलाएं शादी के पहले एक साल तक सुहाग का प्रतीक बिंदी-‌सिंदूर नहीं लगातीं। साथ ही शाप के चलते ही यहां करवा चौथ का व्रत भी नहीं मनाया जाता है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...