‘माया’ पर IT का शिकंजा, टैक्स चोरी समेत कई पुराने मामलों की फिर होगी जांच

नई दिल्ली। आयकर विभाग ने यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ चल रहे टैक्स चोरी के पांच पुराने मामलों पर सुनवाई के लिए दोबारा सूचीबद्ध कर दिया है। ये मामला मायावती के अलावा उनके भाई आनंद कुमार और उनके खास सहयोगियों पर भी चल रहा था। आयकर विभाग की ओर से की गयी इस कार्रवाई को आगामी यूपी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि यह फैसला मायावती के लिये परेशानी खड़ी कर सकता है।




इन पांच मामलों में कुछ मामले टैक्स चोरी के तो कुछ फर्जी कंपनी बनाने के हैं और कुछ वित्तीय धांधली से भी जुड़े बताए जा रहे है। आयकर विभाग ने पुनः पुराने खाते खंगोलने के बाद धारा-148 के तहत इन मामलों को दोबारा सुनवाई के लिए तैयार किया है। जिन याचिकाओं को दोबारा सुनवाई के लिए वर्गीकृत किया गया है, उनमें 2012 में दर्ज करायी गयी भाजपा नेता किरीट सोमैया की शिकायत भी शामिल है। जिसमें उन्होंने मायावती के खिलाफ आर्थिक अनियमितता का आरोप लगाया था। भाजपा नेता कलराज मिश्र ने भी मायावती और उनके भाई आनंद कुमार पर फर्जी कंपनियां बनाने का आरोप लगाया था।




अक्टूबर में इन याचिकाओं की पड़ताल करके इन पर सुनवाई के निर्देश दिये गये थे। लखनऊ में आयकर विभाग महानिदेशालय ने मायावती, उनके भाई और सलाहकारों के खिलाफ ये याचिकाएं गाजियाबाद और नोएडा में आयकर विभाग के प्रिंसिपल कमिश्नर को तत्काल और उचित कार्रवाई के लिए भेज दी हैं।

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