सहारा की मुश्किलें दोगुनी, सेबी के बाद IT ने ठोंक कई हजार करोड़ का दावा

लखनऊ। सहारा इंडिया परिवार के ​बुरे दिन खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। सेबी (SEBI) ने 35,000 करोड़ की बसूली के लिए सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से सहारा समूह और सुब्रत रॉय सहारा पर दबाव बना रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह से बकाए के लिए जिस एंबी वैली की नीलामी शुरू की थी, उसे लेकर आयकर विभाग (IT) ने 24,843 करोड़ का दावा ठोंक दिया है। आयकर विभाग के सामने आने के बाद एंबी वैली की नीलामी की प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट को कोई रास्ता निकालना पड़ सकता है।

एक अंग्रेजी अखबार द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट द्वारा सहारा समूह के स्वामित्व वाली एंबी वैली को नीलाम करने के लिए नियुक्त आधिकारिक लिक्वीडेटर को आयकर विभाग ने 26 जुलाई 2017 को पत्र भेजकर जानकारी दी है कि विभाग को एंबी वैली से 24,843 करोड़ की बसूली करनी है। जिसमें ब्याज को शामिल नहीं किया गया है।

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अगर आयकर विभाग के दावे को भी स्वीकार कर लिया जाए तो इस हिसाब से सहारा समूह के सामने खड़ी मुसीबतें एकाएक दोगुनी हो गईं हैं। सहारा समूह को एक ओर 35,000 करोड़ रुपए सेबी के पास जमा करवाने का दबाव पहले से था, जबकि 25,000 करोड़ रुपए का नया दावा सामने आ गया है। इस​ लिहाज से सहारा समूह के सिर 60,000 करोड़ रुपए की देनदारी सामने आ गई। ऐसे में सहारा समूह अपने स्वामित्व वाली 35,000 करोड़ कीमत वाली एंबी वैली की नीलामी भी करवा देता है तो उसके सामने 25,000 की देनदारी बनी रहेगी।

बताया जा रहा है कि आयकर विभाग का दावा सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट एंबी वैली की ​नीलामी के लिए नए निर्देश जारी कर सकता है। संभव है कि अदालत सहारा समूह की कुछ अन्य संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया को भी एंबी वैली के साथ जोड़ दे।

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इन तमाम खबरों के बीच सहारा समूह में निवेश करने वाले लोगों के दिलों की धड़कने जरूर बढ़ गईं होंगी। लेकिन यह तो आने वाला समय ही तय करेगा कि सहारा समूह की धोखाधड़ी से अंजान निवेशकों को उनकी रकम कैसे वापस मिलेगी।