इलेक्ट्रिक वाहनों से बच सकते हैं भारत के 20 लाख करोड़ रुपये

इलेक्ट्रिक वाहनों के माध्यम से बच सकते हैं भारत के 20 लाख करोड़ रुपये। एक रिपोर्ट में यह सामने आया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर इन्वेस्टमेंट से भारत को अगले 13 साल में करीब 20 लाख करोड़ रुपए की बचत हो सकती है।

India Can Save 20 Lakh Caror Rs From Electric Vehicles :

उद्योग मंडल फिक्की व रॉकी माउंटेन इंस्टिट्यूट की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर साझा मोबिलिटी तरीका अपनाया जाता है तो 2030 तक 4.60 करोड़ वाहन बेचे जा सकते हैं जिनमें टू व्हीलर, थ्री व्हीलर और फोर व्हीलर वहाँ ही शामिल हो सकेंगे। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भारतीय कार निर्माता कंपनियों को भी वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनने का मौकामिलेगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिमी देशों में निजी वाहन रखने की होड़ है। हालांकि इससे हटकर भारत शेयर्ड, इलेक्ट्रिक और कनेक्टेड मोबिलिटी प्रणाली विकसित कर सकता है। इससे 2030 तक 20 लाख करोड़ रुपये मूल्य का न सिर्फ 87.60 करोड़ मीट्रिक टन तेल बचेगा बल्कि एक गीगा-टन कार्बन-डाइऑक्साइड का उत्सर्जन को भी रोका जा सकेगा। हालांकि इसमें चुनौतियों बताते हुए कहा गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत, चार्जिंग की सुविधा व उपभोक्ताओं में जागरूकता लानी होगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों के माध्यम से बच सकते हैं भारत के 20 लाख करोड़ रुपये। एक रिपोर्ट में यह सामने आया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर इन्वेस्टमेंट से भारत को अगले 13 साल में करीब 20 लाख करोड़ रुपए की बचत हो सकती है।उद्योग मंडल फिक्की व रॉकी माउंटेन इंस्टिट्यूट की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर साझा मोबिलिटी तरीका अपनाया जाता है तो 2030 तक 4.60 करोड़ वाहन बेचे जा सकते हैं जिनमें टू व्हीलर, थ्री व्हीलर और फोर व्हीलर वहाँ ही शामिल हो सकेंगे। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भारतीय कार निर्माता कंपनियों को भी वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनने का मौकामिलेगा।रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिमी देशों में निजी वाहन रखने की होड़ है। हालांकि इससे हटकर भारत शेयर्ड, इलेक्ट्रिक और कनेक्टेड मोबिलिटी प्रणाली विकसित कर सकता है। इससे 2030 तक 20 लाख करोड़ रुपये मूल्य का न सिर्फ 87.60 करोड़ मीट्रिक टन तेल बचेगा बल्कि एक गीगा-टन कार्बन-डाइऑक्साइड का उत्सर्जन को भी रोका जा सकेगा। हालांकि इसमें चुनौतियों बताते हुए कहा गया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत, चार्जिंग की सुविधा व उपभोक्ताओं में जागरूकता लानी होगी।