भारत-चीन सीमा विवाद: सेना प्रमुख नरवणे आज करेंगे लेह दौरा, तैयारियों की करेंगे समीक्षा

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भारत-चीन सीमा विवाद: सेना प्रमुख नरवणे आज करेंगे लेह दौरा, तैयारियों की करेंगे समीक्षा

नई दिल्ली। भारत—चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद को लेकर भारतीय सेना हर मोर्चे पर तैयार है। सोमवार को भारत और चीन के बीच कमांडर स्तर की बैठक 11 घंटे तक चली। इस बीच सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे मंगलवार को दिल्ली में सैन्य कमांडरों के कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के बाद लेह के लिए रवाना होंगे।

India China Border Dispute Army Chief Narwane To Visit Leh Today Will Review Preparations :

वे उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी के साथ जमीन और परिचालन संबंधी तैयारियों की समीक्षा करेंगे। सूत्रों की माने तो इसके साथ ही वह सेना प्रमुख ग्राउंड कमांडरों के साथ गतिरोध पर चर्चा करेंगे और फॉरवर्ड स्थानों का भी दौरा करेंगे।

बता दें कि, लद्दाख स्थित गलवान घाटी में हुई हिसंक झड़प के बाद सेना प्रमुख पहली बार आज लेह के दौरे पर जा रहे हैं। इससे पहले वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने भी वहां का दौरा किया था। सोमवार को मोल्डो में हुई सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।

हालांकि, भारत ने अडिग रहते हुए दो टूक कहा है कि गलवां, पेंगोंग त्सो और हॉट स्प्रिंग पर जब तक दो मई से पहले वाली स्थिति बहाल नहीं हो जाती पूरी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हालात नाजुक बने रहेंगे।

नई दिल्ली। भारत—चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद को लेकर भारतीय सेना हर मोर्चे पर तैयार है। सोमवार को भारत और चीन के बीच कमांडर स्तर की बैठक 11 घंटे तक चली। इस बीच सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे मंगलवार को दिल्ली में सैन्य कमांडरों के कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के बाद लेह के लिए रवाना होंगे। वे उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी के साथ जमीन और परिचालन संबंधी तैयारियों की समीक्षा करेंगे। सूत्रों की माने तो इसके साथ ही वह सेना प्रमुख ग्राउंड कमांडरों के साथ गतिरोध पर चर्चा करेंगे और फॉरवर्ड स्थानों का भी दौरा करेंगे। बता दें कि, लद्दाख स्थित गलवान घाटी में हुई हिसंक झड़प के बाद सेना प्रमुख पहली बार आज लेह के दौरे पर जा रहे हैं। इससे पहले वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने भी वहां का दौरा किया था। सोमवार को मोल्डो में हुई सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। हालांकि, भारत ने अडिग रहते हुए दो टूक कहा है कि गलवां, पेंगोंग त्सो और हॉट स्प्रिंग पर जब तक दो मई से पहले वाली स्थिति बहाल नहीं हो जाती पूरी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हालात नाजुक बने रहेंगे।