भारत-चीन विवाद: वायुसेना हाई आॅपरेशनल अलर्ट पर, एयरफोर्स चीफ ने किया लेह बेस का दौरा

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भारत-चीन विवाद: वायुसेना हाई आॅपरेशनल अलर्ट पर, एयरफोर्स चीफ ने किया लेह बेस का दौरा

जम्मू। भारत और चीन के बीच चल रहा तनाव और बढ़ता जा रहा है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तीनों सेनााएं तैयार हैं। इस बीच वायुसेना अलर्ट पर है। भारतीय वायु सेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया लेह और श्रीनगर के दो दिवसीय दौरे पर थे। वहीं, सीमा विवाद के मद्देनजर वायु सेना ने अपने लड़ाकू विमानों और अपनी सैन्य संपत्ति को हवाई ठिकानों पर तैनात करना शुरू कर दिया है।

India China Dispute On Air Force High Operational Alert Air Force Chief Visits Leh Base :

ताकि समय आने पर पूर्वी लद्दाख में किसी भी अभियान को अंजाम दिया जा सके। सूत्रों बतातें हैं कि वायुसेना प्रमुख RKS भदौरिया बुधवार रात को श्रीनगर-लेह एयरबेस पर पहुंचे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत और सेना प्रमुख एमएम नरवणे से मुलाकात करने के बाद ये दौरा शुरू हुआ था। चीन के साथ जारी विवाद में बॉर्डर के पास लेह और श्रीनगर एयरबेस काफी अहम हैं।

ऐसे में वायुसेना प्रमुख ने यहां की तैयारी और जरूरतों का जायजा लिया। बता दें कि, वायुसेना ने मिराज 2000 की फ्लीट को भी लद्दाख क्षेत्र के पास मूव कर लिया है, ताकि चीन के पास बॉर्डर पर तुरंत मूव किया जा सके। इसी फ्लीट ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी। इससे पहले सुखोई-30 को भी अलर्ट पर रखा गया और ऊपर के एयरबेस पर तैनात किया गया है।

चीन के साथ जारी विवाद के बीच अपाचे और चिनूक जैसे हेलिकॉप्टर को लद्दाख में तैनात किया गया है, ताकि जवानों को तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। अपाचे हेलिकॉप्टर किसी भी मुश्किल परिस्थिति में काम में लाया जा सकता है। हालांकि, वायुसेना प्रवक्ता की ओर से इस दौरे को लेकर कोई पुष्टि नहीं की गई है। दूसरी ओर लेह के बेस पर वायुसेना की हलचल बढ़ी है। श्रीनगर, अम्बाला, आदमपुर, हलवाड़ा जैसे इलाकों में वायुसेना ने अपनी हलचल को बढ़ाया है।

जम्मू। भारत और चीन के बीच चल रहा तनाव और बढ़ता जा रहा है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तीनों सेनााएं तैयार हैं। इस बीच वायुसेना अलर्ट पर है। भारतीय वायु सेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया लेह और श्रीनगर के दो दिवसीय दौरे पर थे। वहीं, सीमा विवाद के मद्देनजर वायु सेना ने अपने लड़ाकू विमानों और अपनी सैन्य संपत्ति को हवाई ठिकानों पर तैनात करना शुरू कर दिया है। ताकि समय आने पर पूर्वी लद्दाख में किसी भी अभियान को अंजाम दिया जा सके। सूत्रों बतातें हैं कि वायुसेना प्रमुख RKS भदौरिया बुधवार रात को श्रीनगर-लेह एयरबेस पर पहुंचे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत और सेना प्रमुख एमएम नरवणे से मुलाकात करने के बाद ये दौरा शुरू हुआ था। चीन के साथ जारी विवाद में बॉर्डर के पास लेह और श्रीनगर एयरबेस काफी अहम हैं। ऐसे में वायुसेना प्रमुख ने यहां की तैयारी और जरूरतों का जायजा लिया। बता दें कि, वायुसेना ने मिराज 2000 की फ्लीट को भी लद्दाख क्षेत्र के पास मूव कर लिया है, ताकि चीन के पास बॉर्डर पर तुरंत मूव किया जा सके। इसी फ्लीट ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी। इससे पहले सुखोई-30 को भी अलर्ट पर रखा गया और ऊपर के एयरबेस पर तैनात किया गया है। चीन के साथ जारी विवाद के बीच अपाचे और चिनूक जैसे हेलिकॉप्टर को लद्दाख में तैनात किया गया है, ताकि जवानों को तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। अपाचे हेलिकॉप्टर किसी भी मुश्किल परिस्थिति में काम में लाया जा सकता है। हालांकि, वायुसेना प्रवक्ता की ओर से इस दौरे को लेकर कोई पुष्टि नहीं की गई है। दूसरी ओर लेह के बेस पर वायुसेना की हलचल बढ़ी है। श्रीनगर, अम्बाला, आदमपुर, हलवाड़ा जैसे इलाकों में वायुसेना ने अपनी हलचल को बढ़ाया है।