डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, भारत में ना हवा साफ है और ना पानी, चीन और रूस पर भी लगाए यह आरोप

donald trump
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, भारत में ना हवा साफ है और ना पानी, चीन और रूस पर भी लगाए यह आरोप

नई दिल्ली। जलवायु परिवर्तन को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन और रूस पर सारे आरोप लगा दिए हैं। ट्रंप ने कहा कि इन ​देशों में ना साफ हवा है और न ही साफ पानी। साथ ही कहा कि अमेरिका में सबसे साफ जलवायु है। एक टीवी इंटरव्यू के दौरान ब्रिटिश राजपरिवार के सदस्य प्रिंस चार्ल्स से मुलाकात के बारे में पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने यह बातें कहीं।

India China Russia Have No Sense Of Pollution Says Donald Trump :

ट्रंप ने कहा कि इन देशों ने वातावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी सही से नहीं निभाई है, जिसके कारण यहां पर यह स्थिति बनी हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रिंस चार्ल्स से 15 मिनट की बातचीत करने वाले थे लेकिन यह मुलाकात करीब डेढ़ घण्टे चली। ज्यादातर समय वह जलवायु परिवर्तन पर बोलते रहे। ट्रंप ने कहा कि वह जलवायु परिवर्तन में रूचि रखते हैं।

उन्होंने कहा इस दौरान कहा कि अगर सभी आंकड़े देखें तो अमेरिका सबसे स्वच्छ जलवायु वाले देशों में से एक है। ट्रंप ने कहा कि, यह बेहतर हो रहा है क्योंकि मैं इस बात से सहमत हूं कि हम सबसे अच्छा पानी, सबसे साफ पानी चाहते हैं। उन्होंने कहा कि चीन, भारत और रूस समेत अन्य देशों के पास अच्छा पानी, अच्छी हवा और प्रदूषण को लेकर समझ नहीं है। अगर आप कुछ शहरों में जाएंगे.. आप सांस नहीं ले पाएंगे, वो अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाते।

राष्ट्रपति ट्रंप ब्रिटेन की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर थे। ट्रंप और ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा में ने जिन मुद्दों पर बात की उनमें जलवायु परिवर्तन भी था। लेकिन ब्रिटेन में ट्रंप के खिलाफ भी कई जगह प्रदर्शन देखे गए। लोग अमेरिका के गर्भपात कानूनों और जलवायु परिवर्तन को लेकर ट्रंप के खिलाफ नारे लगा रहे थे।

नई दिल्ली। जलवायु परिवर्तन को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन और रूस पर सारे आरोप लगा दिए हैं। ट्रंप ने कहा कि इन ​देशों में ना साफ हवा है और न ही साफ पानी। साथ ही कहा कि अमेरिका में सबसे साफ जलवायु है। एक टीवी इंटरव्यू के दौरान ब्रिटिश राजपरिवार के सदस्य प्रिंस चार्ल्स से मुलाकात के बारे में पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने यह बातें कहीं। ट्रंप ने कहा कि इन देशों ने वातावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी सही से नहीं निभाई है, जिसके कारण यहां पर यह स्थिति बनी हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि प्रिंस चार्ल्स से 15 मिनट की बातचीत करने वाले थे लेकिन यह मुलाकात करीब डेढ़ घण्टे चली। ज्यादातर समय वह जलवायु परिवर्तन पर बोलते रहे। ट्रंप ने कहा कि वह जलवायु परिवर्तन में रूचि रखते हैं। उन्होंने कहा इस दौरान कहा कि अगर सभी आंकड़े देखें तो अमेरिका सबसे स्वच्छ जलवायु वाले देशों में से एक है। ट्रंप ने कहा कि, यह बेहतर हो रहा है क्योंकि मैं इस बात से सहमत हूं कि हम सबसे अच्छा पानी, सबसे साफ पानी चाहते हैं। उन्होंने कहा कि चीन, भारत और रूस समेत अन्य देशों के पास अच्छा पानी, अच्छी हवा और प्रदूषण को लेकर समझ नहीं है। अगर आप कुछ शहरों में जाएंगे.. आप सांस नहीं ले पाएंगे, वो अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाते। राष्ट्रपति ट्रंप ब्रिटेन की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर थे। ट्रंप और ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा में ने जिन मुद्दों पर बात की उनमें जलवायु परिवर्तन भी था। लेकिन ब्रिटेन में ट्रंप के खिलाफ भी कई जगह प्रदर्शन देखे गए। लोग अमेरिका के गर्भपात कानूनों और जलवायु परिवर्तन को लेकर ट्रंप के खिलाफ नारे लगा रहे थे।