भारत को मिल गया पहला राफेल लेकिन लाने में लगेंगे 8 महीने

rafale
भारत को मिल गया पहला राफेल लेकिन भारत लाने में लगेंगे 8 महीने

नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को फ्रान्स में शस्त्र पूजन करने के साथ ही राफेल को रिसीव तो कर लिया लेकिन राफेल को भारत लाने में अभी लगभग 8 महीने लग जायेंगे। बताया गया कि जल्द ही भारतीय वायुसेना के जवानों की ट्रेनिंग करवायी जायेगी। इसके बाद ही राफेल को यहां लाया जायेगा। 2022 तक सभी 36 विमान भारत पंहुच जायेंगे। जैसे ही रक्षा मंत्री ने पहला राफेल रिसीव किया वैसे ही भारत आसमान में और शक्तिशाली बन गया।

India Got Its First Rafale But It Will Take 8 Months To Bring It To India :

आपको बता दें कि भारत और फ्रांस के बीच 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की डील हुई थी। दशहरे के मौके पर भारत को पहला विमान हैंडओवर तो कर दिया गया लेकिन ये सिर्फ अधिकारिक तौर पर हुआ, अभी भी राफेल फ्रान्स में ही रहेगा। बताया गया कि वायुसेना के जवानो को राफेल के लिए ऑपरेशनल ट्रेनिंग दी जायेगी ​उसके बाद मई 2020 में एक साथ 4 राफेल लड़ाकू विमान भारत लाये जायेंगे। यही नही राफेल का इस्तेमाल करने में अभी 19 महीने लग सकते है, अनुमान है कि फरवरी 2021 के बाद भारत राफेल का इस्तेमाल कर सकेगा। बाकी सितम्बर 2022 तक सभी 36 लड़ाकू विमान भारत आ जायेंगे।

आपको बता दें कि भारत-फ्रांस के बीच हुई इस डील की कीमत लगभग 59 हजार करोड़ रुपये की थी। पहले राफेल को 8 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रान्स जाकर रिसीव किया, इस दौरान राजनाथ ने पहले विधिवत रूप से शस्त्र पूजा की। पूजन के दौरान राफेल पर रोली से ‘ऊँ’ लिखा फिर ट्रायल से पहले पहिए के पास नींबू रखा गया और नारियल राफेल के उपर रखा गया। पूजन के बाद राजनाथ सिंह ने पहले राफेल से उड़ान भी भरी।

गौरतलब है कि फ्रान्स ने राफेल विमान को भारतीय वायुसेना के हिसाब से बनाया है, इसको बनाने में भारत की जरूरतों का ध्यान रखा गया है। बताया जा रहा है भारत को मिलने वाले 36 विमानो में से 18 अंबाला एयरबेस और 18 अरुणाचल प्रदेश के आसपास तैनात होंगे। ये विमान भारत, पाकिस्तान और चीन से मिलने वाली चुनौती के लिए हर तरह से तैयार रहेंगे। ये राफेल भारतीय वायुसेना में एक तरह से जेनरेशन का बदलाव करेगा। विमान की क्षमता 24500 Kg है। इस विमान से 125 राउंड गोलियां निकलती हैं।

नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को फ्रान्स में शस्त्र पूजन करने के साथ ही राफेल को रिसीव तो कर लिया लेकिन राफेल को भारत लाने में अभी लगभग 8 महीने लग जायेंगे। बताया गया कि जल्द ही भारतीय वायुसेना के जवानों की ट्रेनिंग करवायी जायेगी। इसके बाद ही राफेल को यहां लाया जायेगा। 2022 तक सभी 36 विमान भारत पंहुच जायेंगे। जैसे ही रक्षा मंत्री ने पहला राफेल रिसीव किया वैसे ही भारत आसमान में और शक्तिशाली बन गया। आपको बता दें कि भारत और फ्रांस के बीच 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की डील हुई थी। दशहरे के मौके पर भारत को पहला विमान हैंडओवर तो कर दिया गया लेकिन ये सिर्फ अधिकारिक तौर पर हुआ, अभी भी राफेल फ्रान्स में ही रहेगा। बताया गया कि वायुसेना के जवानो को राफेल के लिए ऑपरेशनल ट्रेनिंग दी जायेगी ​उसके बाद मई 2020 में एक साथ 4 राफेल लड़ाकू विमान भारत लाये जायेंगे। यही नही राफेल का इस्तेमाल करने में अभी 19 महीने लग सकते है, अनुमान है कि फरवरी 2021 के बाद भारत राफेल का इस्तेमाल कर सकेगा। बाकी सितम्बर 2022 तक सभी 36 लड़ाकू विमान भारत आ जायेंगे। आपको बता दें कि भारत-फ्रांस के बीच हुई इस डील की कीमत लगभग 59 हजार करोड़ रुपये की थी। पहले राफेल को 8 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रान्स जाकर रिसीव किया, इस दौरान राजनाथ ने पहले विधिवत रूप से शस्त्र पूजा की। पूजन के दौरान राफेल पर रोली से ‘ऊँ’ लिखा फिर ट्रायल से पहले पहिए के पास नींबू रखा गया और नारियल राफेल के उपर रखा गया। पूजन के बाद राजनाथ सिंह ने पहले राफेल से उड़ान भी भरी। गौरतलब है कि फ्रान्स ने राफेल विमान को भारतीय वायुसेना के हिसाब से बनाया है, इसको बनाने में भारत की जरूरतों का ध्यान रखा गया है। बताया जा रहा है भारत को मिलने वाले 36 विमानो में से 18 अंबाला एयरबेस और 18 अरुणाचल प्रदेश के आसपास तैनात होंगे। ये विमान भारत, पाकिस्तान और चीन से मिलने वाली चुनौती के लिए हर तरह से तैयार रहेंगे। ये राफेल भारतीय वायुसेना में एक तरह से जेनरेशन का बदलाव करेगा। विमान की क्षमता 24500 Kg है। इस विमान से 125 राउंड गोलियां निकलती हैं।