सरदार पटेल ने देश को एकजुट किया: मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर याद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश को एकजुट करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राष्ट्रीय राजधानी स्थित ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम में देश के ‘लौह पुरुष’ की जयंती पर मोदी ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया।




मोदी ने स्टेडियम से ‘रन फॉर यूनिटी’ दौड़ को हरी झंडी भी दिखाई और मौजूद जनसमूह को एकजुट रहने की शपथ दिलाई। साल 2014 में सत्ता में आने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार ने 31 अक्टूबर से राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने की शुरुआत की है। प्रधानमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “आज, कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक झंडे के नीचे है, जिसका श्रेय सरदार वल्लभभाई पटेल को जाता है।”

सन् 1947 में अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिलने के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने 564 रियासतों में बिखरे भारत के भू-राजनीतिक एकीकरण में केंद्रीय भूमिका निभाई थी। 31 अक्टूबर का दिन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शहादत दिवस के रूप में भी मनाया जाता है, जिनकी हत्या उनके दो सिख सुरक्षाकर्मियों सतवंत और बेअंत सिंह ने आज ही के दिन कर दी थी।




प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 1947 में देश छोड़ते समय अंग्रेजों ने सुनिश्चित किया था कि भारत छोटे-छोटे राज्यों में बंटा रहे। उन्होंने कहा, “देश छोड़ते समय अंग्रेजों ने भारत को कई छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ने की राजनीति की, लेकिन सरदार पटेल ने यह सुनिश्चित किया कि भारत एक राष्ट्र रहेगा।” मोदी ने कहा कि हर भारतवासी देश को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में देखना चाहता है और यह सुनिश्चित करने के लिए लोगों को विभाजनकारी ताकतों से सतर्क रहना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत को तोड़ने के लिए कई ताकतें काम कर रही हैं। वे लोगों के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। हमें इन सबसे सतर्क रहना चाहिए।” उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को इसमें भूमिका निभानी चाहिए। मोदी ने कहा, “भारतीयता की भावना हमें एकजुट रखती है।” उन्होंने कहा कि देश की एकता देश के विकास के लिए बेहद जरूरी है।

इससे पहले मोदी ने सरदार पटेल पर एक डाक टिकट का अनावरण किया। इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम.वेंकैया नायडू, केंद्रीय खेलमंत्री विजय गोयल, केंद्रीय संचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा तथा दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग भी मौजूद थे। राजनाथ सिंह ने कहा कि हमें एक और एकजुट होने के लिए जातिवाद, संप्रदायवाद, सांप्रदायिकता तथा अलगाववाद की निंदा करनी चाहिए।




नायडू ने कहा कि लोग इस बात को महसूस करते हैं कि अगर सरदार पटेल भारत के पहले प्रधानमंत्री होते ते भारत की तस्वीर कुछ और होती। बाद में प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल के जीवन पर एक डिजिटल संग्रहालय का उद्घाटन किया और लोगों से इसे देखने की अपील की। आजादी के बाद से लेकर वर्षो तक सत्तासीन रही कांग्रेस सरकार पर चुटकी लेते हुए मोदी ने कहा कि ऐसे संग्रहालय की स्थापना 40-50 साल पहले की जानी चाहिए थी और सरदार पटेल को यह सम्मान काफी पहले दिया जाना चाहिए था, लेकिन अज्ञात कारणों से ऐसा नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, “इतिहास उनसे (कांग्रेस) इसके लिए सवाल करेगा।” विभिन्न राज्यों के लोगों को एक दूसरे से बारे में अधिक से अधिक अवगत कराने के लिए प्रधानमंत्री ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल की शुरुआत की, ताकि ‘विभिन्नता में एकता’ को बढ़ावा दिया जा सके। इस पहल के तहत दो राज्यों के बीच छह समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।