तुर्की जाने वाले पर्यटकों के लिए भारत ने जारी की एडवाइजरी, सतर्कता बरतने का दिया निर्देश

india
तुर्की जाने वाले पर्यटकों के लिए भारत ने जारी की एडवाइजरी, सतर्कता बरतने का दिया निर्देश

नई दिल्ली। भारत सरकार ने तुर्की जाने वाले पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारत ने तुर्की के हालत पर चिंता जताते हुए कहा है कि, वैसे तो तुर्की में किसी भारतीय को अभी तक कोई नुकसान नहीं पहुंचा है लेकिन वहां की यात्रा पर जाने वालों को बेहद सतर्कता बरतने की जरुरत है। इससे पहले भारत ने तुर्की को कड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री मोदी की दो दिवसीय यात्रा को रद्द कर दिया था।

India Issued Advisory For Tourists Visiting Turkey :

दरअसल, तुर्की के राष्ट्रपति ने सितंबर में हुई संयुक्त राष्ट्र सभा में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन करते हुए भारत का विरोध किया था। यही नहीं फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की पैरिस में हुई बैठक के दौरान भी तुर्की ने पाकिस्तान का ही साथ दिया था। बता दें कि, तुर्की की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का बहुत हाथ है। वहां जाने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

जनवरी से जुलाई, 2019 के दौरान 1.30 लाख भारतीयों ने तुर्की की यात्रा की थी जो पिछले वर्ष के पहले सात महीनों के मुकाबले 56 फीसद ज्यादा था। वर्ष 2017 के मुकाबले तुर्की जाने वाले पर्यटकों की संख्या छह गुणा बढ़ चुकी है। वहीं, तुर्की सरकार भारतीय पर्यटकों को लुभाने के लिए खास कार्यक्रम चलाती है। लेकिन कश्मीर पर जिस तरह से तुर्की के राष्ट्रपति रेसिप तैयप एर्डोगन लगातार पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं उसे देखते हुए भारत अब तुर्की को उसी की भाषा में जवाब देने लगा है।

इसके साथ ही तुर्की के राष्ट्रपति रिजेब तैय्यप अर्दोआन ने हाल ही में अपनी पार्टी की एक बैठक में कथित तौर पर तुर्की को न्यूक्लियर पावर बनाने की इच्छा जाहिर की है। इसके बाद से ही इस बात के कयास लगने लगे हैं कि क्या पाकिस्तान ने तुर्की को परमाणु तकनीक बेची है।

नई दिल्ली। भारत सरकार ने तुर्की जाने वाले पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारत ने तुर्की के हालत पर चिंता जताते हुए कहा है कि, वैसे तो तुर्की में किसी भारतीय को अभी तक कोई नुकसान नहीं पहुंचा है लेकिन वहां की यात्रा पर जाने वालों को बेहद सतर्कता बरतने की जरुरत है। इससे पहले भारत ने तुर्की को कड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री मोदी की दो दिवसीय यात्रा को रद्द कर दिया था। दरअसल, तुर्की के राष्ट्रपति ने सितंबर में हुई संयुक्त राष्ट्र सभा में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन करते हुए भारत का विरोध किया था। यही नहीं फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की पैरिस में हुई बैठक के दौरान भी तुर्की ने पाकिस्तान का ही साथ दिया था। बता दें कि, तुर्की की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का बहुत हाथ है। वहां जाने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जनवरी से जुलाई, 2019 के दौरान 1.30 लाख भारतीयों ने तुर्की की यात्रा की थी जो पिछले वर्ष के पहले सात महीनों के मुकाबले 56 फीसद ज्यादा था। वर्ष 2017 के मुकाबले तुर्की जाने वाले पर्यटकों की संख्या छह गुणा बढ़ चुकी है। वहीं, तुर्की सरकार भारतीय पर्यटकों को लुभाने के लिए खास कार्यक्रम चलाती है। लेकिन कश्मीर पर जिस तरह से तुर्की के राष्ट्रपति रेसिप तैयप एर्डोगन लगातार पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं उसे देखते हुए भारत अब तुर्की को उसी की भाषा में जवाब देने लगा है। इसके साथ ही तुर्की के राष्ट्रपति रिजेब तैय्यप अर्दोआन ने हाल ही में अपनी पार्टी की एक बैठक में कथित तौर पर तुर्की को न्यूक्लियर पावर बनाने की इच्छा जाहिर की है। इसके बाद से ही इस बात के कयास लगने लगे हैं कि क्या पाकिस्तान ने तुर्की को परमाणु तकनीक बेची है।