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भारत 45 साल बाद फिर सामूहिक गरीबी वाले देशों की श्रेणी में हुआ शामिल

कोरोना महामारी के कारण बार-बार लॉकडाउन लगने से देश में आर्थिक मोर्च से भयावह तस्वीरें सामने आई है। इस महामारी के कारण लगाए जाने वाले लाॅकडाउन का असर देश पर बहुत गहरा पड़ता नजर आ रहा है, क्योंकि देश में जितना ये महामारी बढ़ेगी, भारत में गरीबी की समस्या उतनी ही तेजी से पैर पसारती जाएगी।

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। कोरोना महामारी के कारण बार-बार लॉकडाउन लगने से देश में आर्थिक मोर्च से भयावह तस्वीरें सामने आई है। इस महामारी के कारण लगाए जाने वाले लाॅकडाउन का असर देश पर बहुत गहरा पड़ता नजर आ रहा है, क्योंकि देश में जितना ये महामारी बढ़ेगी, भारत में गरीबी की समस्या उतनी ही तेजी से पैर पसारती जाएगी। Pew Research Center  की रिपोर्ट के  अनुसार पिछले एक साल में महामारी की वजह से भारत में गरीबों की संख्या 6 करोड़ से बढ़कर 13 करोड़ 40 लाख हो गई है। यानी सिर्फ 365 दिन में गरीबों की संख्या दो गुनी  से भी अधिक हो गई है। 45 साल बाद एक बार फिर भारत सामूहिक गरीबी की श्रेणी वाले देशों में शामिल हो गया है।

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साल 2019 में आई ग्लोबल मल्टी डायमेंशनल पावरटी इंडेक्स के अनुसार 2006 से 2016 के बीच भारत में 27 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया था।  2020 ऐसा आया कि सब कुछ उल्टा हो गया है। भारत 1951 से 1974 के उस दौर में पहुंच गया है। जहां पर गरीबों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। हालांकि भारत में 2011 की जनगणना के बाद गरीबों की गणना नहीं हुई, लेकिन संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट के अनुसार 2019 में 36 करोड़ 40 लाख गरीब थे, जो कुल जनसंख्या का 28 फीसदी था। कोरोना महामारी के कारण गरीबों की संख्या बढ़ने से 3 करोड़ 20 लाख लोग मध्यम वर्ग से बाहर हो गए हैं। अब मध्यम वर्ग की संख्या 10 करोड़ से घटकर छ करोड़ 40 लाख रह गई है।

बीजेपी सरकार ने मध्यवर्ग को कुचलकर गरीब वर्ग में पहुंचाया: राहुल गांधी

इस रिपोर्ट के आने के बाद कांग्रेस पार्टी केंद्र की भाजपा सरकार पर हमलावर हो गई है। Pew Research Center  की रिपोर्ट के  आने के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने मध्यमवर्ग को खत्मकर  गरीब वर्ग में पहुंचा दिया है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि, “‘गरीब’ सिर्फ नंबर नहीं हैं- जीत जागते लोग हैं, सैकड़ों मजबूर परिवार हैं। मध्यमवर्ग को पुनरारंभर गरीब वर्ग में पहुंचाया, बीजेपी सरकार ने विनाश करके दिखाया।

 

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राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 45 साल बाद भारत सामूहिक गरीबी की श्रेणी वाले देशों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक साल में महामारी की वजह से भारत में गरीबों की संख्या 6 करोड़ से 13 करोड़ 40 लाख हो गई है। सिर्फ 365 दिन में गरीबों की संख्या दोगुनी हो गई हैं।

56 इंच के सीने वाली सरकार के गलत फैसलों ने देश को बर्बादी के रास्ते पर ला कर खड़ा कर दिया

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। श्री सिंह ने कहा कि बीते एक साल में देश में गरीबों की तादाद दोगुनी हो गई है। दिग्गी ने ट्वीट कर कहा कि Pew Research Center  की रिपोर्ट   के आंकड़े मोदी शाह सरकार की जोड़ी को हर क्षेत्र में फेल बता रहे हैं। बिना सोचे समझे 56 इंच के सीने वाली सरकार के गलत फैसलों ने देश को बर्बादी के रास्ते पर ला कर खड़ा कर दिया है।

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