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4 मई के बाद सामान्य जनजीवन की तरफ बढ़ सकता है भारत, ग्रीन और ऑरेंज जोन में मिलेगी ढील

India May Move Towards Normal Life After May 4 Will Get Relaxation In Green And Orange Zones

By टीम पर्दाफाश 
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नई दिल्ली: आज पूरा विश्व कोरोना महामारी के संकट से जुझ रहा है। कोरोना से बचाव का एकमात्र रास्ता सोशल डिसटेंसिंग को ही माना गया है, जिसके लिए सभी देशों ने अपने अपने हिसाब लॉकडाउन को लागू किया।हमारे देश में कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए दो चरणों में लागू हुआ 40 दिनों का देशव्यापी लॉकडाउन 3 मई को खत्म होने जा रहा है। इस बीच कई लोगों के लिए राहत की खबर भी आई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 15 अप्रैल के अपने दिशानिदेर्शों में बदलाव कर राज्यों को लॉकडाउन में फंसे अपने लोगों को घर ले जाने की अनुमति दे दी है। अब तक जो भी संकेत मिल रहें है उससे यह साफ जाहिर होता है कि अब लॉकडाउन कुछ छुट मिल सकती है। अब तक वायरस से अछूते रहे या कम जोखिम वाले क्षेत्र धीरे-धीरे सामान्य जनजीवन की तरफ बढ़ने वाले हैं।

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4 मई के बाद जिन-जिन क्षेत्रों में कोरोना का असर नहीं रहा है वहां काफी ढील दी जायेगी। वहां रह रहें लोगों का जीवन सामान्य होने लगेगा। इन इलाकों में पहले से ही गृह मंत्रालय ने गैरजरूरी सामानों, सेवाओं की दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी है। अब यहां हर तरह की दुकानों को खुलने की इजाजत दी जा सकती हैं। ग्रीन जोन वे हैं जो या तो अब तक कोरोना से अछूते रहे हैं या फिर पिछले 28 दिनों से वहां नए केस सामने नहीं आए हैं। आॅरेंज जोन वे हैं जहां पिछले 14 दिनों से नए केस सामने नहीं आए हैं। ऐक्टिव केसों वाले इलाके रेड जोन हैं और वहां पाबंदियों में छूट की संभावना कम है।

देश में 300 जिले ऐसे हैं जो अब तक कोरोना से अछूते हैं यानी वहां अब तक कोरोना के एक भी केस सामने नहीं आए हैं। इन जिलों में 4 मई के बाद हर तरह की कारोबारी गतिविधियां शुरू हो सकती हैं यानी यहां हर तरह की दुकानें, कारोबारी प्रतिष्ठान, छोटे-मोटे उद्योग, दफ्तर आदि खोले जा सकते हैं। इंट्रा-डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट को भी इजाजत दी जा सकती है। सटे हुए ग्रीन जोन वाले जिलों के बीच भी ट्रांसपोर्ट शुरू किया जा सकता है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन जरूरी होगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश के 300 जिले तो कोरोना से बिल्कुल अछूते हैं। इसके अलावा 300 जिले ऐसे हैं जहां कोरोना के मामले बेहद कम हैं। इन जिलों में भी रियायतों का दायरा बढ़ाया जा सकता है यानी यहां भी दुकानें, दफ्तर, कारोबार को धीरे-धीरे खोलने की इजाजत दी जा सकती है। देश के 129 जिलों में कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट हैं यानी ये जिले रेड जोन में हैं। रेड जोन्स में हॉटस्पॉट्स से बाहर के इलाकों में ही कुछ मुमकिन है। हॉटस्पॉट्स में छूट मिलने की संभावना न के बराबर है। लॉकडाउन के बाद एक रणनीति तो यह हो सकती है कि हॉटस्पॉट्स से बाहर जाने या किसी बाहरी के वहां आने को पूरी सख्ती से रोका जाए और बाकी इलाकों में ज्यादा से ज्यादा छूट दी जाए ताकि इकॉनमी का पहिया भी आगे बढ़े। खास बात यह है कि मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद जैसे शहर जो कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, वे उद्योगों व रोजगार के सबसे बड़े केंद्र भी हैं।

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