जवाब देते हुए भारत कभी गोलियां नहीं गिनता: राजनाथ

बाड़मेर| केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को मरुस्थलीय राज्य राजस्थान में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और कहा कि भारत ने कभी किसी देश पर हमला नहीं किया, लेकिन खुद पर हमला होने पर जवाब देते हुए गोलियां भी नहीं गिनता। राजस्थान दौरे के दूसरे दिन गृहमंत्री सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के मुनाबाओ सीमा चौकी गए।




गृहमंत्री ने बीएसएफ के जवानों को दिए अपने संबोधन में कहा, “भारत ने कभी किसी पर हमला नहीं किया और दूसरों की जमीन हड़पने का हमारा कोई इरादा भी नहीं है। हमारी पंरपरा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की रही है। हम कभी पहले गोलीबारी नहीं करते, लेकन जब हम पर हमला हो जाए तो जवाब देते हुए हम गोलियां भी नहीं गिनते।”

उल्लेखनीय है कि राजनाथ सिंह का यह बयान भारतीय सेना द्वारा 29 सितंबर को नियंत्रण रेखा को पार कर आतंकवादियों के लांच पैड को निशाना बनाकर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच आया है। भारतीय सेना ने यह सर्जिकल स्ट्राइक 18 सितंबर को उड़ी सेक्टर में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में किया।

बीएसएफ की सराहना करते हुए राजनाथ सिंह ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए हरसंभव कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर क्षतिग्रस्त हुए अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर लगे बाड़ की मरम्मत तत्काल करवाई जाएगी और समय-समय पर मरम्मत भी करवाया जाएगा। गृहमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर गश्त को और चाक-चौबंद बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सीमा के समानांतर एक सड़क भी बनवाई जाएगी और फ्लड लाइड भी लगवाए जाएंगे।

कुछ अंतर्राष्ट्रीय सीमा चौकियों पर फोन की सुविधा के अभाव का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमा के नजदीक और मोबाइल टॉवर लगवाए जाएंगे, जिससे संपर्क सुविधा सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सीमा चौकियों के लिए और सैटेलाइट फोन दिए जाने का आश्वासन भी दिया। गृहमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही बुलेटप्रूफ जैकेट की कमी की समस्या का समाधान करेगी और कम वजन वाले बुलेटप्रूफ जैकेट मंगवाएगी। दौरे के पहले दिन शुक्रवार को राजनाथ सिंह जैसलमेर जिले के मुरार और उससे लगी हुई अंतर्राष्ट्रीय सीमा चौकी गए थे, जहां उन्होंने बीएसएफ जवानों से बातचीत भी की।