भारत की छवि को खराब करने का खुला प्रयास कर रहा है पाकिस्तान: विदेश मंत्री

नई दिल्ली: भारत ने कहा कि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के कुछ अधिकारियों पर आधारहीन आरोप लगाकर उनके चित्र और नाम अपने मीडिया में प्रकाशित करना भारत की छवि को खराब करने का खुला प्रयास है। यह राजनयिकों से संबंधित वियना संधि के खिलाफ है। लोकसभा में असादुद्दीन औवैसी के प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि 27 अक्टूबर 2016 को नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के एक कर्मचारी को भारतीय अधिकारियों ने भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के संबंध में हिरासत में लिया था और 28 अक्टूबर को उसे अवांछित व्यक्ति करार दिया गया था।




विदेश मंत्री ने बताया कि 28 अक्टूबर 2016 को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारतीय उच्चायोग के सहायक लोक कल्याण अधिकारी सुरजीत सिंह को अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया था और उसने खिलाफ आधारहीन आरोप लगाए। सुषमा ने कहा कि दो नवम्बर 2016 को पाकिस्तान सरकार ने पाकिस्तानी उच्चायोग के छह अधिकारियों को वापस बुला लिया जिनका नाम महमूद अख्तर से पूछताछ के दौरान सामने आया और यह भारतीय मीडिया में आ गया। सुषमा ने कहा कि पाकिस्तान ने इसके बाद 16 नवम्बर को दो अन्य अधिकारियों को परिवार के सदस्यों के साथ वापस बुला लिया।




उन्होंने कहा कि 2 नवम्बर को पाकिस्तानी मीडिया में इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के आठ अधिकारियों के नाम एवं चित्र प्रकाशित किए गए जिनमें आरके अग्निहोत्री, बलवीर सिंह, अनुराग सिंह, अमनदीप भट्टी, जे सेंथिल, डी सोढी, वीके वर्मा और एम नंदकुमार शामिल हैं। वहां की मीडिया की रिपोर्ट में इन अधिकारियों पर पाकिस्तान में आतंकी और तोड़फोड़ की गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाये गए थे।

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