पाक जेलों में बंद भारतीय मछुआरे संकट में, उनके साथ हो रहा अमानवीय बर्ताव

India Pakistan Ocean Border Fishermen Trapped

इस्लामाबाद: पाकिस्तानी जेलों में बंद भारतीय मछुआरों से कथित तौर पर कई तरह का अमानवीय बर्ताव हो रहा है। यहां तक कि उन्हें भरपेट भोजन तक नहीं दिया जा रहा और हाल में उरी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के माहौल में इन जेलों में बंद भारतीय बंदी खासी दहशत में हैं।पाकिस्तान के कराची तथा इसके आसपास की चार जेलों में बंद गुजरात के 467 मछुआरों में से कई ने अपने परिजनों को हाल में पत्र लिख कर यह जानकारी दी है।



गुजरात में मछुआरों के सहकारी संगठनों की शीर्ष संस्था ‘‘गुजरात फिशरीज सेंट्रल कोऑपरेटिव एशोसिएशन’ के चेयरमैन वीआर मसाणी, जो मछुआरों के मुद्दों को लेकर अब तक 11 बार पाकिस्तान का दौरा कर चुके हैं, ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कई मछुआरों ने पत्र में लिखा है कि उनसे बेहद कड़ी मेहनत करायी जा रही है और भरपेट भोजन तक नहीं दिया जाता। जो भोजन मिलता है उसकी गुणवत्ता भी बेहद खराब है। वे उरी की घटना के बाद दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव से भी दहशत में हैं। उन्हें डर है कि तनाव अधिक बढ़ने पर उनके साथ और खराब बर्ताव किया जा सकता है।मछुआरों की दशा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवगत करा कर उनसे इस मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई जाएगी। पाकिस्तानी मरीन सुरक्षा एजेंसी द्वारा

गुजरात तट से दूर भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय जल सीमा के पास से पकड़े गए इन मछुआरों को सांत्वना देने के लिए उनमें से पांच के परिजनों को वहां भेजने का प्रयास भी किया जा रहा है। अगर पाकिस्तान ने वीजा दिया तो पांच बंदी मछुआरों के परिवारों की महिलाएं जाएंगी।गुजरात के जूनागढ़ तथा इसके साथ लगे केंद्रशासित प्रदेश दमन-दीव के भाजपा सांसदों राजेश चूडास्मा और लालू पटेल के माध्यम से प्रधानमंत्री से मिलने का प्रयास भी किया जाएगा।




इस्लामाबाद: पाकिस्तानी जेलों में बंद भारतीय मछुआरों से कथित तौर पर कई तरह का अमानवीय बर्ताव हो रहा है। यहां तक कि उन्हें भरपेट भोजन तक नहीं दिया जा रहा और हाल में उरी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के माहौल में इन जेलों में बंद भारतीय बंदी खासी दहशत में हैं।पाकिस्तान के कराची तथा इसके आसपास की चार जेलों में बंद गुजरात के 467 मछुआरों में से कई ने अपने परिजनों को हाल में…