भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे को किया खारिज, कहा कि दोनों नेताओं में दो महीने से कोई बात नहीं हुई

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व्हाइट हाउस ने ट्विटर पर पीएम मोदी को किया अनफॉलो, 19 दिन पहले किया था फॉलो

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को भारत ने गलत बताया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की थी। ट्रंप ने दावा किया था कि पीएम मोदी से बातचीत के दौरान भारत और चीन के बीच ‘बड़े टकराव को लेकर’ वह अच्छे मूड में नहीं थे।

India Rejects Us President Trumps Claim Saying There Was No Talk Between The Two Leaders For Two Months :

विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया है कि पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच हाल ही में कोई संपर्क नहीं हुआ है। उनके बीच अंतिम बातचीत 4 अप्रैल 2020 को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के विषय पर हुई थी। विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि हम सीधे तौर पर स्थापित तंत्र और कूटनीतिक संपर्कों के माध्यम से चीन के संपर्क में हैं।

व्हाइट हाउस के ओवल कार्यालय में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि भारत और चीन के बीच एक बड़ा टकराव चल रहा है। उन्होंने कहा था कि भारत में मुझे पसंद किया जाता है। मुझे लगता है कि इस देश में मीडिया मुझे जितना पसंद करता है उससे कहीं अधिक पसंद मुझे भारत में किया जाता है और मैं मोदी को पसंद करता हूं।

ट्रम्प ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की। चीन के साथ जो भी चल रहा है वह उससे खुश नहीं हैं। इससे एक दिन पहले उन्होंने भारत और चीन के बीच मध्यस्थता की पेशकश की थी। ट्रम्प ने बुधवार को ट्वीट किया कि वह दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने के लिए तैयार, इच्छुक और सक्षम हैं।

गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब करीब 250 चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच पांच मई को झड़प हो गई और इसके बाद स्थानीय कमांडरों के बीच बैठक के बाद दोनों पक्षों में कुछ सहमति बन सकी। इस घटना में भारतीय और चीनी पक्ष के 100 सैनिक घायल हो गए थे । इस घटना पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी । नौ मई को उत्तरी सिक्किम में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी ।

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को भारत ने गलत बताया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की थी। ट्रंप ने दावा किया था कि पीएम मोदी से बातचीत के दौरान भारत और चीन के बीच 'बड़े टकराव को लेकर' वह अच्छे मूड में नहीं थे। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया है कि पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच हाल ही में कोई संपर्क नहीं हुआ है। उनके बीच अंतिम बातचीत 4 अप्रैल 2020 को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के विषय पर हुई थी। विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि हम सीधे तौर पर स्थापित तंत्र और कूटनीतिक संपर्कों के माध्यम से चीन के संपर्क में हैं। व्हाइट हाउस के ओवल कार्यालय में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि भारत और चीन के बीच एक बड़ा टकराव चल रहा है। उन्होंने कहा था कि भारत में मुझे पसंद किया जाता है। मुझे लगता है कि इस देश में मीडिया मुझे जितना पसंद करता है उससे कहीं अधिक पसंद मुझे भारत में किया जाता है और मैं मोदी को पसंद करता हूं। ट्रम्प ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की। चीन के साथ जो भी चल रहा है वह उससे खुश नहीं हैं। इससे एक दिन पहले उन्होंने भारत और चीन के बीच मध्यस्थता की पेशकश की थी। ट्रम्प ने बुधवार को ट्वीट किया कि वह दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने के लिए तैयार, इच्छुक और सक्षम हैं। गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब करीब 250 चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच पांच मई को झड़प हो गई और इसके बाद स्थानीय कमांडरों के बीच बैठक के बाद दोनों पक्षों में कुछ सहमति बन सकी। इस घटना में भारतीय और चीनी पक्ष के 100 सैनिक घायल हो गए थे । इस घटना पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी । नौ मई को उत्तरी सिक्किम में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी ।