भारत से मिली थी खुफिया जानकारी, फिर भी हमसे गलती हो गई: श्रीलंका के PM विक्रमसिंघे

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भारत से मिली थी खुफिया जानकारी, फिर भी हमसे गलती हो गई: श्रीलंका के PM विक्रमसिंघे

नई दिल्ली। श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि भारत ने श्रीलंका के साथ खुफिया जानकारी शेयर की थी, लेकिन इस पर कार्रवाई करने को लेकर हमसें लापरवाही हुई। एक भारतीय मीडिया चैनल से बात करते हुए श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय खुफिया अधिकारियों ने पहले विस्फोट से करीब 2 घंटे पहले श्रीलंकाई सुरक्षा अधिकारियों से संपर्क साधा था और इस हमले की चेतावनी दी थी।

India Sent Three Alerts To Sri Lanka Before Easter Sunday Attack :

श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार हमलों में 300 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और 500 से ज्यादा जख्मी हो गए। विक्रमसिंघे ने कहा, ‘भारत ने खुफिया जानकारी दी थी, लेकिन हम इस पर कैसे कार्रवाई करें, इसको लेकर लापरवाही हुई। खुफिया जानकारी नीचे तक नहीं पहुंची।’ साथ ही उन्होंने कहा कि श्रीलंका के जांचकर्ता पाकिस्तान और चीन सहित कई देशों के साथ संपर्क में थे।

2 घंटे पहले भारत ने किया था आगाह

एक श्रीलंकाई रक्षा सूत्र और एक भारत सरकार के सूत्र ने कहा कि भारतीय खुफिया अधिकारियों ने पहले विस्फोट से करीब 2 घंटे पहले अपने श्रीलंकाई समकक्षों से संपर्क किया था और हमले को लेकर आगाह किया था। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि हमलावर विशेष तौर पर गिरिजाघरों पर हमला कर सकते हैं।

हादसे की जांच जारी

साथ ही विक्रमसिंघे ने कहा, ‘इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के समूह में श्रीलंका के नागरिक ही शामिल हैं, लेकिन उन्हें विदेशी कनेक्शनों की मदद मिली थी। इसलिए हमने कुछ विदेशी एजेंसियों से मदद मांगी है, ताकि हम विदेशी लिंक के बारे में जानकारी हासिल कर सकें। हमारा भारत के साथ खुफिया जानकारी साझा करने का अच्छा सिस्टम है। यह हमारी मदद करता है, जिसकी हमें जरूरत है। हमें अमेरिका और यूके से भी ममद मिली है। हमारी प्राथमिकता आतंकवादियों को पकड़ना है। जब तक हम ऐसा नहीं करते, कोई भी सुरक्षित नहीं है।’

आपको बता दें कि बाद में इस्लामिक स्टेट ने श्रीलंका में हुए इन आत्मघाती हमलों की मंगलवार को जिम्मेदारी ली और इसे अंजाम देने वाले सात आत्मघाती बम हमलावरों की डिटेल जारी की। इन हमलों में अब तक करीब 350 लोगों के मारे जाने की सूचना है।

नई दिल्ली। श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि भारत ने श्रीलंका के साथ खुफिया जानकारी शेयर की थी, लेकिन इस पर कार्रवाई करने को लेकर हमसें लापरवाही हुई। एक भारतीय मीडिया चैनल से बात करते हुए श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय खुफिया अधिकारियों ने पहले विस्फोट से करीब 2 घंटे पहले श्रीलंकाई सुरक्षा अधिकारियों से संपर्क साधा था और इस हमले की चेतावनी दी थी। श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार हमलों में 300 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और 500 से ज्यादा जख्मी हो गए। विक्रमसिंघे ने कहा, 'भारत ने खुफिया जानकारी दी थी, लेकिन हम इस पर कैसे कार्रवाई करें, इसको लेकर लापरवाही हुई। खुफिया जानकारी नीचे तक नहीं पहुंची।' साथ ही उन्होंने कहा कि श्रीलंका के जांचकर्ता पाकिस्तान और चीन सहित कई देशों के साथ संपर्क में थे। 2 घंटे पहले भारत ने किया था आगाह एक श्रीलंकाई रक्षा सूत्र और एक भारत सरकार के सूत्र ने कहा कि भारतीय खुफिया अधिकारियों ने पहले विस्फोट से करीब 2 घंटे पहले अपने श्रीलंकाई समकक्षों से संपर्क किया था और हमले को लेकर आगाह किया था। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि हमलावर विशेष तौर पर गिरिजाघरों पर हमला कर सकते हैं। हादसे की जांच जारी साथ ही विक्रमसिंघे ने कहा, 'इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के समूह में श्रीलंका के नागरिक ही शामिल हैं, लेकिन उन्हें विदेशी कनेक्शनों की मदद मिली थी। इसलिए हमने कुछ विदेशी एजेंसियों से मदद मांगी है, ताकि हम विदेशी लिंक के बारे में जानकारी हासिल कर सकें। हमारा भारत के साथ खुफिया जानकारी साझा करने का अच्छा सिस्टम है। यह हमारी मदद करता है, जिसकी हमें जरूरत है। हमें अमेरिका और यूके से भी ममद मिली है। हमारी प्राथमिकता आतंकवादियों को पकड़ना है। जब तक हम ऐसा नहीं करते, कोई भी सुरक्षित नहीं है।' आपको बता दें कि बाद में इस्लामिक स्टेट ने श्रीलंका में हुए इन आत्मघाती हमलों की मंगलवार को जिम्मेदारी ली और इसे अंजाम देने वाले सात आत्मघाती बम हमलावरों की डिटेल जारी की। इन हमलों में अब तक करीब 350 लोगों के मारे जाने की सूचना है।