पाकिस्तान में आयोजित सार्क सम्मेलन में नहीं जाएगा भारत

नई दिल्ली। उरी आतंकी हमले के बाद भारत ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान में होने जा रहे सार्क सम्मेलन में शामिल न होने का फैसला लिया है। अभी भारत सरकार की ओर से इस बात की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। जानकारों की माने तो भारत के शामिल न होने के फैसले से कई अन्य देश भी इस वर्ष सार्क में न जाने का फैसला ले सकते हैं। ऐसा भी माना जा रहा है कि भारत के शामिल न होने से भूटान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश भी आंतकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरने को लेकर इस सार्क सम्मेलन को निरस्त करवा सकते है। भारत को उम्मीद है कि इस क्रम में उसे नेपाल, श्रीलंका और मालदीव का सहयोग भी मिलेगा। जिसे भारत के लिए पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी जीत के रूप में भी देखा जाएगा।




सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक सार्क देशों में सबसे ताकतवर और सबसे बड़े देश की हैसियत रखने वाले भारत ने पाकिस्तान में हो रहे वार्षिक सम्मेलन में शामिल न होने का बड़ा फैसला लिया है। इससे पहले भी उरी हमले के विरोध में अफगानिस्तान, भूटान और बंग्लादेश ने भी भारत के समर्थन में सार्क सम्मेलन से दूरी बनाने का इशारा दिया था। अब भारत का प्रयास है कि वह अपने कथन के मुताबिक सार्क के मंच पर उसे अलग—थलग कर के दिखा सके। जिसके लिए अन्य तीन देशों नेपाल, मालदीव और श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में है। कहा जा रहा है कि भारत इस दिशा में पूरे प्रयास कर रहा है।

इससे पहले उम्मीद की जा रही थी कि भारत की ओर से सार्क सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पाकिस्तान जा सकते हैं। जिससे दोनों देशों के बीच जारी मित्रवत संबन्धों को नया आयाम मिलेगा।




आपको बता दें कि सार्क दक्षिण एशियाई आठ देशों का संगठन है जो इन देशों के बीच प​रस्पर सहयोग और सामंजस्य बनाए रखने के मंच के रूप में काम करता है। उन स्थितियों में यह पीएम मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत होगी, अगर कोई भी सार्क सदस्य देश पाकिस्तान जाने को तैयार नहीं होता।