भारत ने किया परमाणु क्षमता से लैस ‘धनुष’ बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण

भारत ने किया परमाणु क्षमता से लैस 'धनुष' बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण
भारत ने किया परमाणु क्षमता से लैस 'धनुष' बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण

भुवनेश्वर। भारत ने शुक्रवार को ओडिशा में नौसेना के जहाज से परमाणु सम्पन्न प्रक्षेपात्र ‘धनुष’ का सफल प्रक्षेपण किया। रक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में पारादीप के निकट एक जहाज से 350 किलोमीटर तक लक्ष्य भेदन क्षमता वाला प्रक्षेपात्र सतह से सतह पर मार कर सकता है। यह परीक्षण सामरिक बल कमांड द्वारा किया गया।

India Successfully Test Fired The Nuclear Capable Dhanush Ballistic Missile :

इससे पहले इसी महीने भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम स्वदेशी ‘अग्नि-1’ बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था, जो अग्नि-1 का 18वां संस्करण था। इस मिसाइल की क्षमता 350 किलोमीटर है।

सूत्रों के अनुसार धनुष मिसाइल बिल्कुल सटीक तरीके से अपना निशाना भेदने में सफल है यह धरती और समुद्र दोनों जगहों से 500 किलो तक की वजनी क्षमता के साथ मार करने में सक्षम है। यह मिसाइल हल्के मुखास्त्रों के साथ 500 किलोमीटर तक मार कर सकती है। मिसाइल का प्रक्षेपण और इसकी गति पर ओडिशा तट पर स्थित ‘रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन’ (डीआरडीओ) की निगरानी रही। प्रक्षेपात्र को भारतीय सेना में पहले ही शामिल किया जा चुका है।

अगर भारत की स्वदेशी मिसाइलों की बात करें तो उसके पास नाग मिसाइल है जिसका सफल परीक्षण 1990 में किया गया। इसी तरह भारत ने 1990 में आकाश मिसाइल का परीक्षण किया। जमीन से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल की तुलना अमेरिका के पेटियॉट मिसाइल से की जाती है। इसके अलावा भारत के पास ब्रह्मोस और अग्नि मिसाइल भी हैं।

भुवनेश्वर। भारत ने शुक्रवार को ओडिशा में नौसेना के जहाज से परमाणु सम्पन्न प्रक्षेपात्र 'धनुष' का सफल प्रक्षेपण किया। रक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में पारादीप के निकट एक जहाज से 350 किलोमीटर तक लक्ष्य भेदन क्षमता वाला प्रक्षेपात्र सतह से सतह पर मार कर सकता है। यह परीक्षण सामरिक बल कमांड द्वारा किया गया।इससे पहले इसी महीने भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम स्वदेशी 'अग्नि-1' बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था, जो अग्नि-1 का 18वां संस्करण था। इस मिसाइल की क्षमता 350 किलोमीटर है।सूत्रों के अनुसार धनुष मिसाइल बिल्कुल सटीक तरीके से अपना निशाना भेदने में सफल है यह धरती और समुद्र दोनों जगहों से 500 किलो तक की वजनी क्षमता के साथ मार करने में सक्षम है। यह मिसाइल हल्के मुखास्त्रों के साथ 500 किलोमीटर तक मार कर सकती है। मिसाइल का प्रक्षेपण और इसकी गति पर ओडिशा तट पर स्थित 'रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन' (डीआरडीओ) की निगरानी रही। प्रक्षेपात्र को भारतीय सेना में पहले ही शामिल किया जा चुका है।अगर भारत की स्वदेशी मिसाइलों की बात करें तो उसके पास नाग मिसाइल है जिसका सफल परीक्षण 1990 में किया गया। इसी तरह भारत ने 1990 में आकाश मिसाइल का परीक्षण किया। जमीन से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल की तुलना अमेरिका के पेटियॉट मिसाइल से की जाती है। इसके अलावा भारत के पास ब्रह्मोस और अग्नि मिसाइल भी हैं।