अमेरिका के बैन के बावजूद रूस से मिसाइल सिस्टम लेगा भारत

मिसाइल सिस्टम , अमेरिका
अमेरिका के बैन के बावजूद रूस से मिसाइल सिस्टम लेगा भारत

India To Buy Air Missile System From Russia After Us Sanctions

नई दिल्ली। अमेरिका और रूस के बीच लगातार तल्खियां बढ़ रही हैं। हाल ही में अमेरिका ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत अब भी रूस के साथ अपनी दोस्ती को कायम रखे है। खबर है कि अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद भारत रूस से जल्द ही S-400 एअर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की डील कर सकता है।

आपको बता दें कि इसकी कीमत करीब 30 हजार करोड़ रुपए है। भारत की ज्यादातर हथियार प्रणालियां रूस से ली गई हैं। दोनों देशों ने एस- 400 ट्रायंफ हवाई रक्षा मिसाइल प्रणाली खरीद के लिए 30,000 करोड़ रुपए के करार को अंतिम रूप नहीं दिया है। ये करार अब इस साल अक्टूबर में तब होने की उम्मीद है, जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर आएंगे।

हालांकि, इसके बावजूद भी भारत और चीन इस मिसाइल सिस्टम को रूस से खरीद रहे हैं। इस मिसाइल की मारक क्षमता 350 किमी. तक है। सूत्रों की मानें तो भारत और रूस के बीच इसको लेकर बात शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि रूस इस डील को चीन के साथ करने को लेकर आश्वस्त नहीं है।

क्योंकि ऐसा देखने को मिला है कि चीन रिवर्स इंजीनियरिंग करता है यही कारण है कि रूस ऐसा कर रहा है। अगर रूस चीन को ये सिस्टम देगा भी तो कम क्षमता वाला देगा। भारत और रूस के बीच अभी ये डील पैसों को लेकर फंसी है। क्योंकि रूस जो दाम मांग रहा है, वह करीब 7 यूएस बिलियन डॉलर के करीब है।

विवाद सबसे बड़ी बाधा

रूस और ब्रिटेन के मध्य रूस के पूर्व जासूस सर्गेई स्क्रिपल और उकनी बेटी पर ब्रिटेन में हुए रासायनिक हमले ने धीरे-धीरे विश्व के अनेक महाशक्ति राष्ट्रों के बीच शीतयुद्ध जैसा रूप ले लिया है। ब्रिटेन ने हमले का आरोप रूस पर लगाते हुए उसके 23 राजनयिकों को निष्कासित कर दिया। बदले में रूस ने भी ब्रिटेन के उतने ही राजनयिकों को निकालने का एलान कर दिया, जिसके बाद ब्रिटेन के समर्थन में बीस से अधिक यूरोपीय देशों सहित अमरीका ने भी रूसी राजनयिकों को निष्कासित करने की घोषणा कर दी। ब्रिटेन सहित यूरोपीय और अमरीकी देशों ने रूस के करीब 150 राजनयिकों को निष्‍काषित कर रखा है। जबकि भारत के इन सभी देशों से अच्‍छे संबंध हैं। रूस जहां भारत का परंपरागत मित्र राष्‍ट्र है वहीं भारत अमरीका का अहम रणनीतिक साझेदार है। यही वजह है कि भारत के लिए यह रक्षा सौदा करना आसान नहीं होगा।

दो गुटों में बंटने के आसार

रूस की तरफ से भी इसकी समान प्रतिक्रिया हुई। इसके बाद अब विश्व के इन महाशक्ति देशों के बीच द्विध्रुवीय स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसमें एक छोर पर रूस खड़ा है तो दूसरे पर अमरीका सहित यूरोपीय देश खड़े हैं। अब प्रश्‍न यह है कि अमरीका-यूरोप और रूस के बीच छिड़ा ये कथित शीतयुद्ध विश्व समुदाय को कितना और किस प्रकार प्रभावित करेगा? इस ताजा विवाद की तुलना शीतयुद्ध से की जा रही? इसमें हथियारों से नहीं, बल्कि दो गुटों के देशों के बीच कूटनीतिक दांव-पेचों से लड़ाई होती है। शीतयुद्ध का आरंभ दूसरे विश्वयुद्ध के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और तत्कालीन सोवियत रूस के बीच मतभेद उत्पन्न होने के बाद से माना जाता है।

नई दिल्ली। अमेरिका और रूस के बीच लगातार तल्खियां बढ़ रही हैं। हाल ही में अमेरिका ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन इसके बावजूद भारत अब भी रूस के साथ अपनी दोस्ती को कायम रखे है। खबर है कि अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद भारत रूस से जल्द ही S-400 एअर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की डील कर सकता है। आपको बता दें कि इसकी कीमत करीब 30 हजार करोड़ रुपए है। भारत की ज्यादातर हथियार प्रणालियां…