नोटबंदी से देश सोने की तरह तपकर बाहर निकलेगा: पीएम मोदी

आगरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आगरा के कोठी मीना बाजार में आयोजित रैली में अपने संबोधन की शुरुआत कानपुर में हादसे का शिकार हुई इंदौर-पटना एक्सप्रेस में मारे गए यात्रियों के प्रति शोक संवेदनाओं के साथ किया। उन्होंने कहा कि इस हादसे में मारे गए और घायल लोगों को सरकार हर तरह की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। हादसे की जांच करवाई जाएगी। जिन लोगों के परिजनों की मौत इस हादसे में हुई है सकरार उनके साथ खड़ी है। यह देश के लिए एक बड़ी क्षति है।

इसके आगे नोट बंदी पर बोलते हुए कहा कि यूपी की जनता ने इस बार बिकने वाला माल दिल्ली नहीं भेजा है। यूपी ने गरीबों के हक के लिए लड़ने वाले आदमी को दिल्ली भेजा है। दिल्ली में बैठा ये आदमी गरीबी की सेवा कर रहा है और करता रहेगा। नोट बंदी पर देश को विश्वास दिलाते हुए पीएम ने कहा कि देश सोने की तरह तपकर बाहर निकलेगा।




नोटबंदी पर अपने विरोधियों पर हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 70 सालों से नकली नोट, ड्रग्स माफिया और आतंकवादी देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर रहे हैं। ये सबको मालूम था। किसी ने कोई कदम नहीं उठाया। देश का गरीब और किसान कालाबजारी की वजह से त्रस्त रहे। किसी ने कुछ नहीं किया। ऐसा इसलिए नहीं हुआ क्योंकि किसी को देश की चिन्ता नहीं थी, चिन्ता थी तो अपनी और अपनी कुर्सी की, लेकिन वह ऐसा नहीं करेंगे। वह आम आदमी को ऐसा देश देंगे जिसका सपना लोग देखते आए हैं। हमारा देश एक बड़ा देश है, एक बड़ा फैसला लिया गया है, आम आदमी के सामने आज बड़ी समस्या है। यकीन मानिए नतीजे भी बड़े होंगे।




नोटबंदी के फैसले के केन्द्र सरकार के खिलाफ मोर्चा संभाल रही पं0 बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बिना नाम लिए हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनसे ऐसे लोग सवाल पूछ रहे हैं जिनके लोग चिट फंड में लाखों गरीबों और मजदूरों की कमाई हजम करने की कोशिश में हैं। गरीबों की कमाई चिट फंड के ​जरिए लूटने वालों को अब गरीब को लाइन में लगा देखकर दिक्कत हो रही है। गरीबों को भड़काया जा रहा है। मायावती का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा कि नोटबंदी का विरोध वे लोग भी कर रहे है जो नोटों के बदले एमएलए बनाने का धंधा करते हैं।




कालाबाजारी और सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को गिनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नोटबंदी के बाद जिस किसान की बद्हाली का हवाला दिया जा रहा है 70 साल तक यूरिया की कालाबाजारी करवाने वालों ने पुलिस की लाठियों से पिटवाया है। किसानों को सब्सिडी वाली यूरिया कभी मिलने नहीं दी गई। किसान की सस्ती यूरिया को कारखानों में बेंचा जाता रहा। आज स्थिति वैसी नहीं है केन्द्र सरकार ने सुनिश्चित किया है कि किसान को मिलने वाली यूरिया की कालाबाजरी नहीं हो इसलिए यूरिया को नीम कोटेड किया गया है। जिस वजह से ये यूरिया किसान के अलावा किसी और के काम न आ सके।




ऐसा ही उदाहरण उन्होंने चंडीगढ़ में सब्सिडी पर जाने वाले केरो​सीन को लेकर उन्होंने पेश किया। उन्होंने कहा कि 30 ​हजार लीटर केरोसीन देश के उस शहर में खपाया जा रहा था जहां शत प्रतिशत घरों में बिजली और गैस का कनेक्शन है। जांच में पता चला कि इतना केरोसीन डीजल में मिलाकर बेंचा जा रहा था। सालों से ये कालाबाजारी जारी थी। जिन लोगों को कालाबाजारी बंद होने से नुकसान हुआ है वो तो अपना ​बदला लेंगे।




पीएम मोदी ने कहा कि 8 नवंबर को ही उन्हें ये बात मालूम थी कि इस फैसले से गरीब आदमी को परेशानी होगी। समय समय पर प्रयास भी किए गए कि किस तरह से सहूलियतें बढ़ाई जा सकें। इसीलिए जनता से 50 दिन मांगे ​थे। इन 50 दिनों में गरीब, किसान और मध्यमवर्गी आदमी को थोड़ी परेशानी होगी, लेकिन बड़ी परेशानी उन लोगों को होगी जिनकी जीवन भर की कमाई बेकार हो जाएगी। जिसकी जीवन भर की कमाई रद्दी के बदल रही है उन्हें विरोध करने का पूरा अधिकार है।

उन्होंने कहा कि इस फैसले से गरीबों, किसानों और मध्यमवर्गी लोगों को मिलने वाले लाभों को गिनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 10 दिन में बैंकों में 5 लाख करोड़ रुपया जमा हुआ है। ये रूपया बैंके अपने पास नहीं रखेंगी। ये रूपया बाजार में आएगा। जरूरतमंद को दुकान खोलने और अपना रोजगार शुरू करने के लिए ऋण मिलेगा। जो कालाधन सामने आएगा उसका प्रयोग बीमार लोगों को सस्ता इलाज दिलाने में काम आएगा, गरीबों को मकान मिलेंगे।




अपने संबोधन को खत्म करते हुए नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर अपने फैसले के लिए आम लोगों से समर्थन की मांग करते हुए कहा कि 50 दिनों की परेशानी के बाद देश सोने की तरह तपकर निकलेगा।