US और चीन के बीच ट्रेड वार से भारत सहित कई देशों को होगा फायदा

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US और चीन के बीच ट्रेड वार से भारत सहित कई देशों को होगा फायदा

नई दिल्ली। भारत उन देशों में शामिल है, जिन्हें विश्व की दो शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका व चीन के बीच चल रहे व्यापारिक तनाव से लाभ हुआ है। अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा होगा, क्योंकि इससे देश के एक्सपोर्ट में 3.5 फीसदी की तेजी आएगी। वहीं, सबसे अधिक फायदा यूरोपीय संघ को होगा, जिसके पास अतिरिक्त 70 अरब डॉलर का कारोबार आएगा।

India Will Get Benefit Due To Trade War Between United States And China :

व्यापार व विकास पर संयुक्त राष्ट्र कांफ्रेंस (यूएनसीटीएडी) की सोमवार को पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे को तैसा वाले व्यापार विवाद से दोनों देशों के छोटे उत्पादकों को कोई सुरक्षा नहीं मिलेगी और इसका हल निकलने तक वैश्विक अर्थव्यवथा पर गंभीर असर हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी निर्यात के 250 अरब डॉलर का हिस्सा अमेरिकी शुल्क के दायरे में आता है, अब जिसका महज 6 फीसदी ही अमेरिकी कंपनियां खरीदेंगी। इसी तरह चीन ने अमेरिका के तकरीबन 85 फीसदी निर्यात पर शुल्क बढ़ाया है, जिसका महज 5 फीसदी हिस्सा ही चीनी कंपनियां खरीदेंगी।

भारत हीं नहीं इन देशों को भी लाभ

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ट्रेड वार से यूरोपीय संघ के सदस्य देशों का कुल निर्यात तकरीबन 70 अरब डॉलर, जबकि जापान और कनाडा का निर्यात 20-20 अरब डॉलर बढ़ जाएगा। भारत का निर्यात 3.5 फीसदी तक बढ़ने के अलावा अन्य देशों के निर्यात में ऑस्ट्रेलिया (4.6 फीसदी), ब्राजील (3.5 फीसदी), फिलीपिंस (3.2 फीसदी) और वियतनाम (5 फीसदी) तक बढ़ोतरी हो जाएगी।

चीन,स्टील और संबंधित उत्पादों का अमेरिका को निर्यात करता था। दोनों देशों के बीच करीब 250 बिलियन डॉलर का व्यापार होता था। लेकिन अमेरिका ने जब चीन पर प्रतिबंध लगाया तो वो एक्सपोर्ट में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई और वो करीब 6 फीसद है।

इसी तरह से चीन को अमेरिकी निर्यात में अब करीब पांच फीसद रह गया है। ऐसे हालात में दोनों देशों के पास स्टील प्रोडक्ट डंप हो गए हैं। स्टील उत्पादों के डंप होने की वजह से दोनों देशों को बाजार की तलाश है और वो तलाश भारत, ब्राजील जैसे देशों के साथ पूरी की जा सकती है। अमेरिका और चीन के बीच तनातनी की वजह से ये देश बेहतर ढंग से सौदा कर सकते हैं।

नई दिल्ली। भारत उन देशों में शामिल है, जिन्हें विश्व की दो शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका व चीन के बीच चल रहे व्यापारिक तनाव से लाभ हुआ है। अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा होगा, क्योंकि इससे देश के एक्सपोर्ट में 3.5 फीसदी की तेजी आएगी। वहीं, सबसे अधिक फायदा यूरोपीय संघ को होगा, जिसके पास अतिरिक्त 70 अरब डॉलर का कारोबार आएगा।व्यापार व विकास पर संयुक्त राष्ट्र कांफ्रेंस (यूएनसीटीएडी) की सोमवार को पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे को तैसा वाले व्यापार विवाद से दोनों देशों के छोटे उत्पादकों को कोई सुरक्षा नहीं मिलेगी और इसका हल निकलने तक वैश्विक अर्थव्यवथा पर गंभीर असर हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी निर्यात के 250 अरब डॉलर का हिस्सा अमेरिकी शुल्क के दायरे में आता है, अब जिसका महज 6 फीसदी ही अमेरिकी कंपनियां खरीदेंगी। इसी तरह चीन ने अमेरिका के तकरीबन 85 फीसदी निर्यात पर शुल्क बढ़ाया है, जिसका महज 5 फीसदी हिस्सा ही चीनी कंपनियां खरीदेंगी।भारत हीं नहीं इन देशों को भी लाभसंयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ट्रेड वार से यूरोपीय संघ के सदस्य देशों का कुल निर्यात तकरीबन 70 अरब डॉलर, जबकि जापान और कनाडा का निर्यात 20-20 अरब डॉलर बढ़ जाएगा। भारत का निर्यात 3.5 फीसदी तक बढ़ने के अलावा अन्य देशों के निर्यात में ऑस्ट्रेलिया (4.6 फीसदी), ब्राजील (3.5 फीसदी), फिलीपिंस (3.2 फीसदी) और वियतनाम (5 फीसदी) तक बढ़ोतरी हो जाएगी।चीन,स्टील और संबंधित उत्पादों का अमेरिका को निर्यात करता था। दोनों देशों के बीच करीब 250 बिलियन डॉलर का व्यापार होता था। लेकिन अमेरिका ने जब चीन पर प्रतिबंध लगाया तो वो एक्सपोर्ट में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई और वो करीब 6 फीसद है।इसी तरह से चीन को अमेरिकी निर्यात में अब करीब पांच फीसद रह गया है। ऐसे हालात में दोनों देशों के पास स्टील प्रोडक्ट डंप हो गए हैं। स्टील उत्पादों के डंप होने की वजह से दोनों देशों को बाजार की तलाश है और वो तलाश भारत, ब्राजील जैसे देशों के साथ पूरी की जा सकती है। अमेरिका और चीन के बीच तनातनी की वजह से ये देश बेहतर ढंग से सौदा कर सकते हैं।