भारत जल्द चीन बॉर्डर पर तैनात करेगा दुनिया का सबसे घातक फाइटर जेट

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भारत जल्द चीन बॉर्डर पर तैनात करेगा दुनिया का सबसे घातक फाइटर जेट

नई दिल्ली। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारत के लिए सीमा की सुरक्षा ज्यादा अहम हो गई है। ऐसे में राफेल फाइटर विमान काफी महत्वपूर्ण हो गया है। भारत जल्द ही दुनिया का सबसे घातक फाइटर जेट राफेल चीन सीमा पर तैनात किए जाएंगे। 

India Will Soon Deploy Worlds Deadliest Fighter Jet On China Border :

दो दिन पहले न्यूयार्क में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत में इस पर गंभीर चर्चा हुई थी। 114 विमानों की डील के लिए लॉकहीड मार्टिन के अलावा राफेल, मिग 35, एसयू-35, ग्रिपिनल बनाने वाली करीब सात विदेश कंपनियां प्रतिस्पर्धा में हैं।

96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे

लॉकहीड मार्टिन ने रक्षा मंत्रालय से शुरुआती 18 विमान के अलावा 96 विमान मेक इन इंडिया के तहत भारत में ही बनाने की पेशकश की है। विवेक लाल ने बताया कि सरकार से सभी तकनीकी विकास और निर्माण भारत में ही करने की पेशकश की गई है। लाल के मुताबिक राफेल और एफ-21 भविष्य में वायुसेना को नई ताकत देंगे।

दुनिया के किसी दूसरे देश को नहीं देंगे

पाकिस्तान को पूर्व में एफ-16 विमान देने के कंपनी के पूर्व के डील को देखते हुए भारत को कैसे विश्वास दिलाएंगे कि विरोधी को एफ-21 तकनीक न मिले? विवेक ने कहा कि एफ-16 दुनिया के 28 अग्रिम देशों की वायुसेना इस्तेमाल कर रही है और करीब 3000 ऐसे विमान उड़ान भर रहे हैं। मगर जब भारत को एफ-21 का हमारा सबसे सुपिरियर वर्जन देंगे तो हम वादा करेंगे कि यह विमान दुनिया के किसी दूसरे देश को नहीं देंगे।

सूत्रों के मुताबिक एफ-21 की भारत के लिए विशिष्टता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि एफ-16 फैमिली अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ की हड्डी है। ऐसे में चौथे जेनरेशन के एफ-21 की आपूर्ति केवल भारत को होगी तो भारतीय वायुसेना और अमेरिकी वायुसेना के बीच जबरदस्त समानता दिखेगी।

 

नई दिल्ली। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारत के लिए सीमा की सुरक्षा ज्यादा अहम हो गई है। ऐसे में राफेल फाइटर विमान काफी महत्वपूर्ण हो गया है। भारत जल्द ही दुनिया का सबसे घातक फाइटर जेट राफेल चीन सीमा पर तैनात किए जाएंगे।  दो दिन पहले न्यूयार्क में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत में इस पर गंभीर चर्चा हुई थी। 114 विमानों की डील के लिए लॉकहीड मार्टिन के अलावा राफेल, मिग 35, एसयू-35, ग्रिपिनल बनाने वाली करीब सात विदेश कंपनियां प्रतिस्पर्धा में हैं। 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे लॉकहीड मार्टिन ने रक्षा मंत्रालय से शुरुआती 18 विमान के अलावा 96 विमान मेक इन इंडिया के तहत भारत में ही बनाने की पेशकश की है। विवेक लाल ने बताया कि सरकार से सभी तकनीकी विकास और निर्माण भारत में ही करने की पेशकश की गई है। लाल के मुताबिक राफेल और एफ-21 भविष्य में वायुसेना को नई ताकत देंगे। दुनिया के किसी दूसरे देश को नहीं देंगे पाकिस्तान को पूर्व में एफ-16 विमान देने के कंपनी के पूर्व के डील को देखते हुए भारत को कैसे विश्वास दिलाएंगे कि विरोधी को एफ-21 तकनीक न मिले? विवेक ने कहा कि एफ-16 दुनिया के 28 अग्रिम देशों की वायुसेना इस्तेमाल कर रही है और करीब 3000 ऐसे विमान उड़ान भर रहे हैं। मगर जब भारत को एफ-21 का हमारा सबसे सुपिरियर वर्जन देंगे तो हम वादा करेंगे कि यह विमान दुनिया के किसी दूसरे देश को नहीं देंगे। सूत्रों के मुताबिक एफ-21 की भारत के लिए विशिष्टता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि एफ-16 फैमिली अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ की हड्डी है। ऐसे में चौथे जेनरेशन के एफ-21 की आपूर्ति केवल भारत को होगी तो भारतीय वायुसेना और अमेरिकी वायुसेना के बीच जबरदस्त समानता दिखेगी।